देहरादून/बागेश्वर।
भारतीय महिला क्रिकेट और उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। देवभूमि की एक और होनहार बेटी ने अपनी प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय पटल पर दस्तक दी है। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की उभरती हुई ऑलराउंडर प्रेमा रावत को ‘आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप 2026’ के लिए भारतीय मुख्य टीम में शामिल कर लिया गया है।
प्रेमा को यह मौका भारतीय टीम की स्टार ऑफ-स्पिनर श्रेयंका पाटिल के चोटिल होने के बाद मिला है। श्रेयंका के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद भारतीय टीम प्रबंधन ने प्रेमा रावत के नाम का प्रस्ताव रखा था, जिसे आईसीसी (ICC) की तकनीकी समिति ने आधिकारिक तौर पर अपनी मंजूरी दे दी है। प्रेमा विश्व कप में भारतीय टीम के लिए बतौर प्रतिस्थापन (सब्स्टीट्यूट) खिलाड़ी अपनी भूमिका निभाएंगी।
बागेश्वर के छोटे से गांव से विश्व कप के मंच तक
प्रेमा रावत मूल रूप से बागेश्वर जिले की कपकोट तहसील के अंतर्गत आने वाले सुदूरवर्ती गांव ‘सुमटी, बैसानी’ की रहने वाली हैं। एक छोटे से पर्वतीय क्षेत्र से निकलकर क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ (विश्व कप) तक का सफर तय करना उनकी कड़ी मेहनत, लगन और अटूट विश्वास को दर्शाता है। प्रेमा दाएं हाथ की बल्लेबाज और एक बेहद प्रभावशाली लेग-स्पिन गेंदबाज (Right-arm Leg-spinner) हैं। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि उनकी गेंदबाजी में विविधता और मैच की परिस्थितियों को समझने की बेहतरीन क्षमता है, जो उन्हें एक मैच-विनर खिलाड़ी बनाती है।
घरेलू क्रिकेट में ढाया है कहर, 2023 में किया था कमाल
उत्तराखंड महिला क्रिकेट टीम की ओर से खेलते हुए प्रेमा रावत ने घरेलू सर्किट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपनी जादुई लेग-स्पिन और जरूरत के समय उपयोगी बल्लेबाजी से राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
घरेलू क्रिकेट में प्रेमा के आंकड़ों पर नजर डालें तो उनका प्रदर्शन बेहद लाजवाब रहा है:
- सीनियर महिला टी-20 टूर्नामेंट (2023): इस प्रतियोगिता में प्रेमा ने अपनी गेंदबाजी से तहलका मचा दिया था। वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में शामिल थीं, जहां उन्होंने महज 10 मैचों में 16 विकेट चटकाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
- निरंतरता (Consistency): उन्होंने न केवल एक सीजन में, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में सीनियर टी-20 प्रतियोगिताओं में लगातार विकेट चटकाए हैं और टीम के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई है।
WPL और इंडिया-ए में भी दिखा चुकी हैं दम
प्रेमा रावत की प्रतिभा सिर्फ घरेलू मैचों तक सीमित नहीं रही। हाल के वर्षों में वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे चर्चित और उभरती हुई युवा खिलाड़ियों में से एक रही हैं। देश की प्रतिष्ठित ‘महिला प्रीमियर लीग’ (WPL) में भी उन्हें अपनी पहचान मिली, जहाँ वह दिग्गज फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खेमे से जुड़ी रहीं। डब्ल्यूपीएल में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने और दिग्गजों से मिले इनपुट ने उनके खेल को और निखारा।
इसके बाद, उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें ‘भारत-ए’ (India-A) टीम में भी शामिल किया गया। इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के बल्लेबाजों के सामने बेहद प्रभावशाली गेंदबाजी की, जिसका इनाम आज उन्हें सीनियर भारतीय विश्व कप टीम के टिकट के रूप में मिला है।
बागेश्वर में जश्न का माहौल: हुई आतिशबाजी, बांटी गई मिठाई
जैसे ही प्रेमा रावत के भारतीय टी-20 विश्व कप टीम में चयन की खबर बागेश्वर पहुंची, पूरा जिला खुशी से झूम उठा। खेल प्रेमियों और स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में ‘क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बागेश्वर’ ने शहर के मुख्य एसबीआई (SBI) तिराहे पर इकट्ठा होकर जमकर आतिशबाजी की और राहगीरों को मिठाई बांटी।
इस दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रेमा रावत की यह सफलता न केवल बागेश्वर बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य के लिए बेहद गर्व का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रेमा को जब भी विश्व कप के प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा, वह अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में मदद करेंगी और देश व प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
इस ऐतिहासिक जश्न के मौके पर जिले के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
- सुरेश सोनियाल (पूर्व सह सचिव, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड)
- रामचंद्र पांडेय (जिलाध्यक्ष, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बागेश्वर)
- रमेश दानू (सचिव)
- प्रवीन गढ़िया (सह सचिव)
- रमेश लोहनी, राकेश परिहार, हरीश रावत
- कमल बिष्ट, मनोज ओली, विजय गढ़िया, अनुज साह गंगोला, मनोज बचखेती (सदस्य)
उत्तराखंड क्रिकेट के लिए ‘ऐतिहासिक’ मोड़
पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड से स्नेह राणा और एकता बिष्ट जैसी महिला क्रिकेटरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अब इस कड़ी में प्रेमा रावत का नाम जुड़ना यह साबित करता है कि उत्तराखंड में क्रिकेट की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रेमा का चयन राज्य के अन्य युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बालिकाओं के लिए एक प्रेरणा का काम करेगा, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखती हैं। पूरा देश अब विश्व कप के मंच पर इस पहाड़ी बेटी की फिरकी का जादू देखने के लिए उत्सुक है।









