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केवल उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को मिलेगा होमस्टे लाइसेंस, ब्रिडकुल को रोपवे और टनल निर्माण की जिम्मेदारी

On: January 16, 2026 7:49 AM
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बुधवार, 15 जनवरी को उत्तराखंड सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में पर्यटन विभाग से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में जहां होमस्टे नीति में बड़ा बदलाव किया गया, वहीं लंबे समय से सीमित भूमिका निभा रहे ब्रिडकुल (उत्तराखंड राज्य अवस्थापना विकास निगम) के कार्यक्षेत्र का भी विस्तार किया गया।
केवल स्थायी निवासियों को ही मिलेगा होमस्टे का लाभ
कैबिनेट ने उत्तराखंड पर्यटन, यात्रा व्यवसाय, होम-स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण नियमावली–2026 को स्वीकृति प्रदान की है। इस नई नियमावली के तहत अब होमस्टे योजना का लाभ केवल उत्तराखंड के स्थायी निवासी ही उठा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पंजीकरण नियमों को किया गया एकीकृत
अब तक पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण के लिए कई अलग-अलग नियमावलियां लागू थीं, जिनमें
• उत्तराखंड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली–2014
• संशोधन नियमावली–2016
• अतिथि गृह (होमस्टे) पंजीकरण नियमावली–2015
शामिल थीं। पर्यटन विभाग और उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) के अनुसार, इन अलग-अलग नियमों के कारण भ्रम की स्थिति बन रही थी। नई नियमावली के जरिए सभी प्रावधानों को एकीकृत कर दिया गया है, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होगी।
पर्यटन सचिव का बयान
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों को अपने स्वामित्व वाले घरों से रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर के लोगों को होमस्टे संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे स्थानीय हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी।
केदारनाथ में खच्चरों के गोबर से बनेगा ईंधन
कैबिनेट बैठक में केदारनाथ धाम से जुड़े एक पर्यावरण-अनुकूल पायलट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत खच्चरों के गोबर को बायोमास ईंधन पेलेट में बदला जाएगा।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं और माल ढुलाई के लिए बड़ी संख्या में खच्चरों का उपयोग होता है, जिससे गोबर के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इस समस्या के समाधान के लिए गोबर और चीड़ की पत्तियों को 50-50 प्रतिशत के अनुपात में मिलाकर ईंधन पेलेट तैयार किए जाएंगे। यह पायलट प्रोजेक्ट एक वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया है।
ब्रिडकुल को मिले नए दायित्व
राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य अवस्थापना विकास निगम (ब्रिडकुल) के कार्यों का दायरा बढ़ाने का भी फैसला किया है। अब ब्रिडकुल को
• रोपवे निर्माण
• ऑटोमेटेड/मैकेनाइज्ड कार पार्किंग
• टनल और कैविटी पार्किंग
जैसे आधुनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। इसके लिए ब्रिडकुल को राज्य की अधिकृत कार्यदायी संस्थाओं की सूची में शामिल किया गया है।

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