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  पश्चिम बंगाल: मुर्शिदाबाद में खुला रह गया रेलवे फाटक, पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आई स्कूल वैन; दो मासूम छात्रों समेत 3 की दर्दनाक मौत, 5 घायल

On: July 17, 2026 5:23 AM
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A damaged white school van on a railway track after colliding with a passenger train in Murshidabad, West Bengal, with local people, police, and an ambulance at the spot.

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

• ​घटनास्थल: पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल के अंतर्गत कर्णसुबर्ण और गोबिंदपुर रेलवे स्टेशन के बीच लेवल क्रॉसिंग (बहरमपुर थाना क्षेत्र)।
• ​बड़ा हादसा: निमतिता-काटोया पैसेंजर ट्रेन की टक्कर से स्कूल वाहन के उड़े परखच्चे।
• ​हताहत: दो स्कूली छात्रों और एक साइकिल सवार की मौके पर ही मौत, पांच छात्र गंभीर रूप से घायल।
• ​लापरवाही: रेलवे गेटमैन की घोर लापरवाही आई सामने; एक ट्रेन गुजरने के बाद खोल दिया गया था फाटक।
• ​आक्रोश: स्थानीय ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ जताया कड़ा विरोध, पुलिस और रेलवे अधिकारी जांच में जुटे।
​मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल)

​पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार सुबह एक निजी स्कूल के बच्चों को ले जा रही वैन एक पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गई। पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल के अंतर्गत हुए इस भीषण हादसे में दो मासूम छात्रों सहित तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, वाहन में सवार पांच अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और स्थानीय लोगों में रेलवे प्रशासन की लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

​कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

​प्राप्त विवरण के अनुसार, यह पूरी घटना मुर्शिदाबाद के बहरमपुर थाना क्षेत्र में कर्णसुबर्ण और गोबिंदपुर रेलवे स्टेशन के बीच स्थित एक व्यस्त लेवल क्रॉसिंग पर सुबह के वक्त हुई। एक निजी स्कूल की मारुति वैन रोजाना की तरह बच्चों को लेकर स्कूल की तरफ जा रही थी। वैन में चालक समेत कुल आठ लोग सवार थे।


​उसी दौरान डाउन ट्रैक पर निमतिता-काटोया पैसेंजर ट्रेन तेज रफ्तार से आ रही थी।

चूंकि रेलवे का सुरक्षा फाटक (रेल गेट) खुला हुआ था, स्कूल वैन के चालक को ट्रैक पर ट्रेन के आने का अंदाजा नहीं हुआ और उसने गाड़ी आगे बढ़ा दी। जैसे ही वैन आधे ट्रैक पर पहुँची, पैसेंजर ट्रेन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल वैन के परखच्चे उड़ गए और वह कई मीटर दूर जाकर गिरी।

​मासूमों की मौत से पसरा मातम

​इस भयावह दुर्घटना में वैन के अंदर बैठे दो स्कूली छात्रों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, रेलवे ट्रैक के समीप से गुजर रहा एक स्थानीय साइकिल सवार भी इस टक्कर की चपेट में आ गया, जिससे उसकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में वैन सवार पांच अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके शरीर पर काफी चोटें आई हैं।
​दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास के खेतों और गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर दौड़े। चारों तरफ बच्चों की चीख-पुकार मची हुई थी।

स्थानीय ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत अपनी तरफ से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने वैन के मलबे को कटर और पारंपरिक औजारों की मदद से काटकर उसमें फंसे लहूलुहान बच्चों को बाहर निकाला।

​रेलवे गेटमैन की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

​इस दर्दनाक हादसे के पीछे पूरी तरह से रेलवे कर्मियों की लापरवाही सामने आ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना से ठीक पहले अप लाइन से एक ट्रेन गुजरी थी, जिसके लिए नियमानुसार रेलवे फाटक को बंद किया गया था। जैसे ही वह ट्रेन निकल गई, ड्यूटी पर तैनात गेटमैन ने फाटक को दोबारा खोल दिया।


​लापरवाही का आलम यह था कि गेटमैन ने यह जांचने की जहमत ही नहीं उठाई कि दूसरी लाइन (डाउन ट्रैक) पर भी कोई ट्रेन आ रही है या नहीं।

जैसे ही फाटक खुला, स्कूल वैन और अन्य राहगीर पटरी पार करने लगे, तभी दूसरी दिशा से निमतिता-काटोया पैसेंजर ट्रेन आ गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर गेटमैन सतर्क रहता और सिग्नल प्रणाली का सही पालन किया जाता, तो इन तीन बेगुनाह लोगों की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद से ही आरोपी गेटमैन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और वह मौके से फरार बताया जा रहा है।

​अस्पताल में घायलों की स्थिति गंभीर

​स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायल छात्रों को तुरंत नजदीकी कर्णसुबर्ण ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) रेफर कर दिया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, घायल बच्चों में से दो की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें आईसीयू (ICU) में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी घायलों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे हैं।

​पुलिस और रेलवे की संयुक्त जांच शुरू

​हादसे की सूचना मिलते ही बहरमपुर थाने की पुलिस फोर्स और पूर्व रेलवे के उच्च अधिकारी, तकनीकी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।


​रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया, “यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्राथमिक दृष्टि में लेवल क्रॉसिंग पर गेट संचालन में चूक की बात सामने आ रही है। इस मामले की उच्च स्तरीय विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जो भी कर्मचारी इस लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।”

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​इलाके में शोक और आक्रोश की लहर

​इस हादसे ने पूरे मुर्शिदाबाद जिले को झकझोर कर रख दिया है। जिन परिवारों ने सुबह हंसते-खेलते अपने बच्चों को स्कूल भेजा था, उनके घर अब मातम छाया हुआ है। ग्रामीण इस बात से बेहद गुस्से में हैं कि रेलवे की एक छोटी सी मानवीय भूल ने दो मासूमों का भविष्य हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

स्थानीय संगठनों ने मांग की है कि मृतक के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और सभी मानवरहित व व्यस्त लेवल क्रॉसिंगों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

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