उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश का दौर लगातार जारी है, जिससे पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। सोमवार को भी प्रदेशभर में दिनभर बादल घिरते रहे और कई स्थानों पर तेज गर्जन के साथ भारी वर्षा दर्ज की गई। टिहरी के देवप्रयाग और पिथौरागढ़ के थल में 190 मिमी से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे कई जगहों पर जलभराव और भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, देश के पश्चिमी हिस्सों में मानसून की विदाई का सिलसिला शुरू हो चुका है, लेकिन हिमालयी क्षेत्र में मानसून की गतिविधियां सामान्य से अधिक सक्रिय बनी हुई हैं। लगातार हो रही रुक-रुककर वर्षा से खेत-खलिहान, सड़क मार्ग, बिजली आपूर्ति और जन सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
आगामी दिनों में भी यह स्थिति बनी रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। साथ ही प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को सक्रिय कर रखा है।
प्रदेश के कई क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर कार्यरत है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान जारी है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, अगले 3-4 दिनों तक मानसून की गतिविधियां इसी तरह सक्रिय बनी रहेंगी।
इस दौरान नदी-नाले, पर्वतीय रास्ते और कमजोर ढांचे वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता की जरूरत है। जनजीवन पर भारी असर डालने वाली इस बारिश से बचाव के लिए प्रशासन और नागरिक दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
यह भी पढें- Dehradun में बादल फटने पर पीएम मोदी और अमित शाह ने CM धामी से फोन पर बात कर सहायता का दिया आश्वासन






