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बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार के आगे मोबाइल फोन पर प्रतिबंध, गढ़वाल आयुक्त ने जारी किए सख्त निर्देश

On: January 17, 2026 9:54 AM
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रील और ब्लॉग बनाने के दौरान धार्मिक स्थलों पर बढ़ते विवादों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बदरीनाथ धाम में श्रद्धा और मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से अब सिंहद्वार से आगे मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस संबंध में गढ़वाल आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने की। इस दौरान उन्होंने चमोली जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन सुरक्षित रूप से जमा करने के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त ने कहा कि हाल के दिनों में रील और ब्लॉग बनाने के दौरान धार्मिक स्थलों पर अनुशासनहीनता और विवाद की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे आस्था और धार्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार के आगे मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित पौड़ी, टिहरी, चमोली, हरिद्वार, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा, व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी चर्चा की।
शीतकालीन यात्रा के दौरान चारधामों के प्रवास स्थलों में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 27 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास स्थल ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में सबसे अधिक 17 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चारधामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों पर प्रतिदिन औसतन 500 से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल में बंद होने के बाद पूजा-अर्चना उनके निर्धारित शीतकालीन प्रवास स्थलों पर की जाती है।
बदरीनाथ धाम की शीतकालीन पूजा पांडुकेश्वर और जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर में संपन्न होती है, जहां अब तक करीब 6400 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं यमुनोत्री धाम की शीतकालीन पूजा खरसाली में होती है, जहां 1017 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं। गंगोत्री धाम के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा में अब तक 3300 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
प्रदेश में सालभर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से शीतकालीन यात्रा को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। पर्यटन विभाग द्वारा शीतकालीन यात्रा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि वे श्रद्धालु जो गर्मियों में चारधाम यात्रा नहीं कर पाते, वे शीतकालीन प्रवास स्थलों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना और दर्शन का लाभ ले सकें।

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