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केदारनाथ पैदल मार्ग बना जंग का मैदान: घोड़ा-खच्चर संचालकों में जमकर चले लाठी-डंडे, पुलिस ने 5 को दबोचा, लाइसेंस होंगे निरस्त

On: May 31, 2026 2:39 PM
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​रुद्रप्रयाग / सोनप्रयाग।

विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा के बीच पैदल मार्ग से एक बेहद विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। बाबा केदार के दर्शनों के लिए देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा मार्ग की शांति को ताक पर रखकर कुछ घोड़ा-खच्चर संचालक आपस में ही भिड़ गए। देखते ही देखते केदारनाथ पैदल मार्ग जंग के मैदान में तब्दील हो गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। इस हिंसक झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। सोनप्रयाग और गौरीकुंड पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस हुड़दंग में शामिल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए इनके अश्व संचालन लाइसेंस को हमेशा के लिए निरस्त करने की संस्तुति भी कर दी है।

​सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

​बीती 23 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा था। इस वीडियो में 4-5 युवक सरेआम लाठी-डंडों के साथ एक-दूसरे पर जानलेवा हमला करते हुए और मारपीट पर उतारू दिखाई दे रहे थे। इस घटना के दौरान वहां से गुजर रहे आम श्रद्धालुओं और पैदल चल रहे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। पवित्र यात्रा मार्ग पर इस तरह की गुंडागर्दी और हुड़दंग से न सिर्फ केदारनाथ यात्रा की छवि धूमिल हो रही थी, बल्कि दर्शनों के लिए आए श्रद्धालुओं के बीच भी भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया था। वीडियो के सामने आते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
​एसपी नीहारिका तोमर के निर्देश पर त्वरित एक्शन

​मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीहारिका तोमर ने तत्काल कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने वायरल वीडियो में दिख रहे उपद्रवी तत्वों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई करने के लिए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सोनप्रयाग समेत सभी चौकी प्रभारियों को कड़े निर्देश जारी किए। एसपी के आदेश मिलते ही पुलिस टीम ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया और तकनीकी व स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच शुरू की।


​गौरीकुंड पुलिस ने घोड़ा पड़ाव से दबोचे 5 संदिग्ध

​एसपी के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए गौरीकुंड चौकी प्रभारी ने त्वरित चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस टीम ने केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित घोड़ा पड़ाव से 5 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। कोतवाली लाकर जब इनसे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो इन्होंने वायरल वीडियो में मारपीट करने की बात कबूल कर ली।

​पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह पूरा विवाद महज आपसी लेन-देन और रास्ते में चलते समय घोड़ों के आपस में टकराने के कारण शुरू हुआ था। मामूली सी बात पर शुरू हुई यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों ने कानून को हाथ में ले लिया और लाठी-डंडे निकालकर एक-दूसरे पर टूट पड़े।

आरोपियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई

​पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए हुड़दंगियों में स्थानीय युवक के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के निवासी भी शामिल हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:

  1. ​शैलेन्द्र सिंह (पुत्र हीरा सिंह) – निवासी रामपुर, थाना-सोनप्रयाग, जिला रुद्रप्रयाग।
  2. ​अर्पित चन्द्रा (पुत्र विनोद चन्द्रा) – निवासी ग्राम भनेडा, थाना कीरतपुर, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश।
  3. ​विशाल सिंह (पुत्र रामकरण सिंह) – निवासी ग्राम भनेडा, थाना कीरतपुर, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश।
  4. ​मौ0 उवेश (पुत्र मौ0 लियाकत) – निवासी ग्राम भनेडा, थाना कीरतपुर, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश।
  5. ​मौ0 फरदीन (पुत्र मौ0 इलियास) – निवासी ग्राम भनेडा, थाना कीरतपुर, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश।
    ​गौरीकुंड पुलिस ने इन पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत शांति भंग करने की संगीन धाराओं में कार्रवाई की है। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
    ​हमेशा के लिए रद्द होंगे लाइसेंस, मालिकों को सख्त हिदायत

​केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पुलिस ने इस बार केवल जेल भेजने तक ही कार्रवाई को सीमित नहीं रखा है। इन उपद्रवियों को सबक सिखाने और भविष्य के लिए मिसाल कायम करने के लिए पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस प्रशासन ने इन सभी पांचों आरोपियों के अश्व संचालन (घोड़ा-खच्चर चलाने) संबंधी लाइसेंस को हमेशा के लिए निरस्त करने की रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेज दी है। इसका साफ मतलब है कि ये लोग अब भविष्य में कभी भी केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चर का संचालन नहीं कर पाएंगे।

​इसके साथ ही, जिन स्थानीय मालिकों ने इन विवादित युवकों को अपने यहां काम पर रखा हुआ था, पुलिस ने उन्हें भी कोतवाली तलब कर सख्त हिदायत दी है। पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए हैं कि भविष्य में अपने साथ किसी भी प्रकार के आपराधिक या विवादित प्रवृत्ति के व्यक्तियों को काम पर न रखें। अगर भविष्य में दोबारा ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो संबंधित मालिक के खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।


​’दून प्राइम न्यूज़’ की अपील: यात्रा की गरिमा बनाए रखें


​केदारनाथ धाम की यात्रा करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है। देवभूमि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालु यहां शांति और असीम भक्ति की आस लेकर आते हैं। ऐसे में यात्रा मार्ग पर इस तरह की हिंसक घटनाएं न सिर्फ कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि देवभूमि की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। ‘दून प्राइम न्यूज़’ सभी स्थानीय व्यवसायियों और यात्रा से जुड़े सेवा प्रदाताओं से अपील करता है कि वे धैर्य बनाए रखें, यात्रियों की सुरक्षा का सम्मान करें और देवभूमि की ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा को अक्षुण्ण रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

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