3 राज्यों की सीमाएं लांघकर पुलिस ने 150 से अधिक CCTV खंगाले; बिना मोबाइल के भागे आरोपी को पुलिस ने ऐसे दबोचा
काशीपुर (उत्तराखंड)।
उत्तराखंड के काशीपुर (उधमसिंह नगर) से बीते 5 जुलाई से लापता युवती को पुलिस ने कड़े नीतिगत और तकनीकी प्रयासों के बाद आखिरकार 10 दिन बाद राजस्थान के अजमेर से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि युवती को उसके पड़ोस में रहने वाला 23 वर्षीय युवक मोहम्मद जफर उर्फ आर्यन उर्फ छोटू बहला-फुसलाकर और डरा-धमकाकर अपने साथ भगा ले गया था।
चिकित्सकीय परीक्षण में युवती के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले में अपहरण की धाराओं के साथ-साथ दुष्कर्म (Rape) और आपराधिक धमकी देने की संगीन धाराएं भी जोड़ दी हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मामले का खुलासा करते हुए स्थानीय पुलिस ने बताया कि बीते 5 जुलाई को काशीपुर नगर क्षेत्र से एक युवती अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। युवती के परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद पीड़िता की मां ने कोतवाली में तहरीर देकर पड़ोस में रहने वाले दूसरे समुदाय के युवक मोहम्मद जफर पुत्र आसिफ अली के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
पीड़िता की मां का आरोप था कि मोहम्मद जफर उनके पड़ोस में किराए के मकान में रहता था। उसने उनकी बेटी को डराया-धमकाया और जबरन अपने साथ भगा ले गया। इतना ही नहीं, आरोपी के उकसाने पर युवती अपने घर से सोने की एक जोड़ी कुंडल, एक अंगूठी और 30 हजार रुपये की नकदी भी अपने साथ समेट ले गई थी।
बिना मोबाइल के फरार हुए थे दोनों, पुलिस के सामने थी बड़ी चुनौती
इस पूरे मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी मोहम्मद जफर और युवती, दोनों ही अपने साथ मोबाइल फोन नहीं ले गए थे। डिजिटल सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के इस दौर में बिना फोन के किसी आरोपी को ट्रैक करना पुलिस के लिए ‘अंधेरे में तीर चलाने’ जैसा था।
मामले की संवेदनशीलता और अंतरधार्मिक मामला होने के कारण पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तुरंत अलग-अलग टीमों का गठन किया। कोतवाल हरेंद्र चौधरी और एसएसआई नवीन बुधानी के नेतृत्व में पुलिस ने पारंपरिक पुलिसिंग और मैनुअल इंटेलिजेंस का सहारा लिया।
3 राज्यों के बॉर्डर और 150 से अधिक CCTV कैमरों की खाक छानी
मोबाइल लोकेशन न मिलने के कारण पुलिस ने रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को अपना मुख्य हथियार बनाया। पुलिस टीमों ने उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान तक फैले रूट्स पर करीब 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला।
कड़ी मशक्कत और लगातार कड़ियों को जोड़ने के बाद पुलिस को इनपुट्स मिले कि आरोपी युवती को लेकर राजस्थान के अजमेर की तरफ भागा है। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अजमेर में दबिश दी और आरोपी के चंगुल से युवती को सकुशल बरामद कर लिया। हालांकि, कागजी और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत युवती की बरामदगी को जसपुर क्षेत्र से दिखाया गया है।
जांच के मुख्य बिंदु:
• 3 राज्यों (उत्तराखंड, यूपी, हरियाणा, राजस्थान) में पुलिस ने की छापेमारी।
• 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए।
• आरोपी के पास मोबाइल न होने के कारण मैनुअल इनपुट्स
मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि, बढ़ीं धाराएं
युवती को बरामद करने के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़िता के बयानों और चिकित्सकीय जांच के आधार पर मामले में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने पहले से दर्ज मुकदमों में कड़ी धाराएं जोड़ दीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी मोहम्मद जफर के खिलाफ अब अपहरण के साथ-साथ दुष्कर्म (Rape) और जान से मारने व आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) देने की धाराएं बढ़ा दी गई हैं। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
इस बेहद पेचीदा और चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में काशीपुर पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:
• हरेंद्र चौधरी (कोतवाल, काशीपुर)
• नवीन बुधानी (एसएसआई)
• कौशल भाकुनी (सब-इंस्पेक्टर)
• कांस्टेबल: सुरेंद्र, धीरज, किरन मेहता, माजिद और राहुल।
पुलिस प्रशासन ने पूरी टीम के इस त्वरित और सूझबूझ भरे कार्य की पीठ थपथपाई है, जिसने बिना किसी तकनीकी (मोबाइल) सुराग के तीन राज्यों की पुलिस से समन्वय बिठाकर आरोपी को दबोच लिया।









