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हरिद्वार-मुरादाबाद कांवड़ मार्ग पर बढ़ा खतरा, तेंदुए की सक्रियता से हाई अलर्ट, श्रद्धालुओं के लिए जारी हुई विशेष एडवाइजरी

On: August 5, 2026 4:18 PM
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Kanwar Yatra Safety: Police issues leopard alert on Haridwar-Moradabad Kanwar route

Kanwar Yatra Safety को लेकर उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रशासन ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ यात्रियों के प्रमुख मार्ग हरिद्वार-मुरादाबाद कांवड़ पथ पर इन दिनों तेंदुए (गुलदार) की बढ़ती सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में एक महिला पर तेंदुए के जानलेवा हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और करीब 25 किलोमीटर लंबे संवेदनशील मार्ग पर हाई अलर्ट लागू कर दिया गया है।

कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु इसी मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

Kanwar Yatra Safety: तेंदुए के हमले के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर

Kanwar Yatra Safety के तहत प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। ठाकुरद्वारा क्षेत्र में महिला की मौत के बाद पुलिस और वन विभाग लगातार तेंदुए की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि यह इलाका घने गन्ने के खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों से घिरा हुआ है, जहां तेंदुए को छिपने के लिए अनुकूल वातावरण मिल जाता है। इसी कारण श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

प्रशासन का मानना है कि भारी संख्या में कांवड़ यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

25 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर हाई अलर्ट लागू

महिला पर हमले के बाद हरिद्वार-मुरादाबाद कांवड़ मार्ग के लगभग 25 किलोमीटर हिस्से को संवेदनशील घोषित किया गया है।

इस पूरे क्षेत्र में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। कई स्थानों पर पुलिस पिकेट बनाए गए हैं और लगातार गश्त की जा रही है। इसके अलावा वन विभाग की टीमें भी जंगल और खेतों के आसपास निगरानी कर रही हैं ताकि तेंदुए की मौजूदगी का तुरंत पता लगाया जा सके।

प्रशासन का कहना है कि किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए कंट्रोल रूम को भी सक्रिय रखा गया है।

Kanwar Yatra Safety: जगह-जगह लगाए गए चेतावनी बोर्ड और पोस्टर

श्रद्धालुओं को सतर्क करने के लिए पूरे मार्ग पर बड़े-बड़े होर्डिंग, फ्लेक्स और चेतावनी पोस्टर लगाए गए हैं।

इन बोर्डों पर साफ शब्दों में लिखा गया है कि यह क्षेत्र गुलदार प्रभावित है और यात्रियों को सावधानी बरतनी चाहिए। पुलिस द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लगातार घोषणाएं की जा रही हैं ताकि कोई भी श्रद्धालु जोखिम वाले क्षेत्रों में अकेले प्रवेश न करे।

इस अभियान का उद्देश्य लोगों में डर फैलाना नहीं, बल्कि उन्हें संभावित खतरे के प्रति जागरूक करना है।

रात में सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रात के समय भी यात्रा करते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे मार्ग पर रोशनी की विशेष व्यवस्था की है।

करीब 25 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में बड़े जनरेटर लगाकर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की गई है, ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर कोई वन्यजीव यात्रियों के करीब न आ सके।

इसके अलावा कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

पुलिस ने कांवड़ यात्रियों के लिए जारी की एडवाइजरी

Kanwar Yatra Safety को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने श्रद्धालुओं से कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की अपील की है।

पुलिस ने कहा है कि—

  • रात के समय अकेले यात्रा न करें।
  • हमेशा समूह में चलें।
  • जंगल, गन्ने के खेत और सुनसान रास्तों से दूरी बनाए रखें।
  • प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वन्यजीव के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
  • अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

अधिकारियों का कहना है कि समूह में यात्रा करने से वन्यजीवों के हमले की संभावना काफी कम हो जाती है।

गन्ने के खेत बन रहे हैं तेंदुए के छिपने का ठिकाना

वन विभाग के अनुसार मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती है। घने और ऊंचे गन्ने के खेत तेंदुओं के लिए सुरक्षित छिपने की जगह बन जाते हैं।

पिछले वर्षों में भी इस इलाके में कई बार तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई थी। हालांकि इस बार महिला की मौत के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर पहले से कहीं अधिक सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

वन विभाग लगातार इलाके की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा सकता है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता

कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए हुए हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि केवल सतर्क रहने की जरूरत है। यदि सभी लोग प्रशासन की सलाह का पालन करें और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करें, तो यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से पूरी की जा सकती है।

Kanwar Yatra Safety को लेकर जारी यह हाई अलर्ट श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने एक बार फिर सभी यात्रियों से अपील की है कि वे समूह में यात्रा करें, संवेदनशील क्षेत्रों से सावधानीपूर्वक गुजरें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।

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