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​देवभूमि शर्मसार: रुड़की के कलियर में कोल्डड्रिंक की बोतल के विवाद पर मासूमों को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल

On: June 21, 2026 8:41 AM
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​विशेष संवाददाता, रुड़की (कलियर)।

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के पिरान कलियर थाना क्षेत्र से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद क्रूर मामला सामने आया है। यहाँ के दरियापुरा गांव में एक मामूली कोल्डड्रिंक की बोतल को लेकर उपजे विवाद में कुछ मासूम बच्चों को तालिबानी सजा दे दी गई।

आरोप है कि एक स्थानीय दबंग व्यक्ति ने छोटे-छोटे बच्चों के हाथ रस्सी से बांध दिए और फिर उन्हें बेरहमी से डंडों से पीटा। इस अमानवीय कृत्य का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई दंग है। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। वहीं, पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

​मामूली बात पर अमानवीयता की सारी हदें पार

​प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना कलियर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम दरियापुरा की है। बताया जा रहा है कि खेल-खेल में या किसी दुकान के पास कुछ छोटे बच्चों का एक व्यक्ति के साथ कोल्डड्रिंक की खाली या भरी बोतल को लेकर विवाद हो गया था। यह विवाद इतना मामूली था जिसे समझा-बुझाकर शांत किया जा सकता था, लेकिन आरोपी ने बच्चों की नासमझी पर कानून और इंसानियत दोनों को ताक पर रख दिया।


​प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के आधार पर बताया जा रहा है कि गुस्से से आगबबूला हुए व्यक्ति ने पहले उन मासूम बच्चों को पकड़ा और फिर क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उनके दोनों हाथों को मोटी रस्सी से जकड़ दिया। बच्चे खुद को छोड़ने की भीख मांगते रहे और रोते-बिलखते रहे, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पघला। उसने लाठी-डंडों से उन असहाय बच्चों पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया।

​सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा, कार्रवाई की मांग

​इस पूरी बर्बरता का वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने चुपके से वीडियो बना लिया और उसे इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही आग की तरह फैल गया। वायरल क्लिप में बच्चों की चीख-पुकार और उनके साथ की जा रही बेरहमी को साफ देखा जा सकता है।


​इस वीडियो को देखकर नेटिजन्स (सोशल मीडिया यूजर्स) और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। लोगों का कहना है कि बच्चों ने चाहे कितनी भी बड़ी गलती क्यों न की हो, किसी भी व्यक्ति को उन्हें इस तरह बंधक बनाकर प्रताड़ित करने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग लगातार उत्तराखंड पुलिस और मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करके आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने और उसके खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

​क्षेत्र में बना चर्चा का विषय, सहमे हैं बच्चे

​दरियापुरा गांव और आसपास के कलियर क्षेत्र में यह घटना इस समय सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना के बाद से पीड़ित बच्चे बेहद डरे और सहमे हुए हैं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने इस घटना की तीखी निंदा की है और इसे समाज के ताने-बाने पर एक बदनुमा दाग बताया है।

ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे क्रूर मानसिकता वाले व्यक्ति को समाज में खुला नहीं छोड़ा जाना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ता है।

​पुलिस का बयान: ‘वीडियो की जांच जारी, दोषी को बख्शेंगे नहीं’

​घटना के संबंध में जब कलियर कोतवाली पुलिस से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया। कलियर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिव्येश उपाध्याय ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस के संज्ञान में भी यह वीडियो आया है।

उन्होंने कहा:


​”सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक वीडियो की शत-प्रतिशत सत्यता और घटना की आधिकारिक तारीख की पुष्टि की जा रही है। पीड़ित बच्चों के परिजनों और आरोपी की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। कानून को हाथ में लेने वाले और मासूमों पर अत्याचार करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”

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— दिव्येश उपाध्याय, कोतवाली प्रभारी, कलियर

​बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने जताई चिंता

​इस घटना पर बाल अधिकार संरक्षण कार्यकर्ताओं ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के साथ इस तरह की मारपीट ‘जुवेनाइल जस्टिस एक्ट’ (Juvenile Justice Act) और ‘बाल उत्पीड़न विरोधी कानूनों’ के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।

पुलिस को इस मामले में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करनी चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए कि बच्चों के खिलाफ हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस की टीमें गांव में पूछताछ कर रही हैं और आरोपी की तलाश जारी है।

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