Jammu Kashmir Cloudburst: किश्तवाड़ में बादल फटने से मचा कहर, 12 लोगों की जान गई

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे मचैल माता यात्रा मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो गया। घटना के समय इलाके में तेज बारिश हो रही थी, लेकिन चिशोती में बादल फटते ही हालात बिगड़ गए और पानी का तेज बहाव लंगरों व यात्रा सुविधाओं को अपने साथ बहा ले गया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस आपदा में 10 से 12 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार ने बताया कि बादल फटने की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

चिशोती, जहां से मचैल माता यात्रा की शुरुआत होती है, इस समय हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी का केंद्र है। यहां कई लंगर और टेंट लगे हुए थे, जिनमें से कुछ को बाढ़ ने पूरी तरह नष्ट कर दिया। अचानक आई इस आपदा से यात्रियों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

केंद्रीय मंत्री और ऊधमपुर-डोडा सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने घटना की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन से तुरंत संपर्क किया और हर संभव बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण भारी नुकसान होने की संभावना है और वह लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने भी उपायुक्त से बात कर राहत कार्य तेज करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ ने मचैल यात्रा मार्ग के साथ कई पुलों को भी नुकसान पहुंचाया है, जिससे आवाजाही प्रभावित हो रही है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बचाव एवं राहत अभियान को और मजबूत करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मचैल माता की यात्रा, जो हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, इस समय अपने चरम पर है। ऐसे में बादल फटने की यह घटना यात्रा व्यवस्था और सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

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