हल्द्वानी के पास ओखलकांडा में सामने आए नैनीताल हत्याकांड मामला ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है, जहां शराब के नशे में धुत एक मजदूर ने घरेलू विवाद के बाद अपनी 28 वर्षीया पत्नी को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद अंतर्गत दूरस्थ ओखलकांडा ब्लॉक के तल्ला ओखलकांडा गांव से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। शराब के नशे में चूर पति ने मामूली विवाद के बाद अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दर्दनाक वारदात का खुलासा तब हुआ जब अगली सुबह मासूम बेटे ने पड़ोसियों को जाकर बताया कि उसकी मां सुबह से सोकर नहीं उठी है। वारदात को अंजाम देकर आरोपी पति मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए तीन विशेष टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। मृतका अपने पीछे चार मासूम बच्चों को छोड़ गई है।
वारदात की रात: नैनीताल हत्याकांड मामला की खौफनाक दास्तान
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, तल्ला ओखलकांडा निवासी 36 वर्षीय भीम सिंह उर्फ मोनू पेशे से मजदूर है और शराब का आदी है। 21 अगस्त की देर रात वह मजदूरी करने के बाद अत्यधिक नशे की हालत में अपने घर पहुंचा था। घर पहुंचते ही किसी पारिवारिक बात को लेकर उसका अपनी 28 वर्षीय पत्नी डिंकी देवी के साथ विवाद शुरू हो गया।
शराब के नशे में अंधा हो चुका भीम सिंह अपना आपा खो बैठा और उसने पत्नी पर लात-घूंसों और डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया। आरोपी ने महिला की इतनी बुरी तरह पिटाई की कि वह लहूलुहान होकर अचेत हो गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जब आरोपी को अहसास हुआ कि पत्नी की मौत हो चुकी है, तो वह रात के अंधेरे में ही घर से फरार हो गया।
मासूम बेटे के खुलासे से सामने आया नैनीताल हत्याकांड मामला
घटना की अगली सुबह जब घर में काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई और मां बिस्तर से नहीं उठी, तो उसके मासूम बेटे ने बाहर निकलकर पड़ोसियों का दरवाजा खटखटाया। बच्चे ने मासूमियत भरे लहजे में पड़ोसियों से कहा कि उसकी मां सुबह से उठ नहीं रही है और बुलाने पर भी कोई जवाब नहीं दे रही।
बच्चे की बात सुनकर जब पड़ोसी तुरंत घर के अंदर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गए। डिंकी देवी का शव जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मौजूद थे। ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना खनस्यूं थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पूरे गांव में सनसनी और मातम फैल गया।
फॉरेंसिक जांच और शव का पोस्टमार्टम
वारदात की सूचना मिलते ही खनस्यूं थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और कानूनी कार्रवाई शुरू की। 22 अगस्त को पुलिस अधिकारियों ने मौका-मुआयना किया और हल्द्वानी से आई फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य जुटाए।
- पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी भेजा।
- डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शाम को शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
- घटनास्थल से महत्वपूर्ण फोरेंसिक साक्ष्य सील कर आगे की जांच में शामिल किए गए हैं।
पुलिस का कड़ा रुख: नैनीताल हत्याकांड मामला में आरोपी की तलाश तेज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। एसपी क्राइम जगदीश चंद्रा ने बताया कि पति द्वारा पत्नी की हत्या की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची थी और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
खनस्यूं पुलिस ने फरार आरोपी भीम सिंह की धरपकड़ के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया है। पुलिस की ये टीमें नैनीताल, हल्द्वानी और सीमावर्ती जंगलों में आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने और आम जनता से सुराग जुटाने के लिए पम्पलेट और पोस्टर छपवाकर प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।
चार मासूम बच्चों के सिर से उठा साया
ग्रामीणों के अनुसार, भीम सिंह और उसके बड़े भाई सोनू के माता-पिता का देहांत उनके बचपन में ही हो गया था। दोनों का पालन-पोषण उनके मामा ने किया था। बड़ा भाई सोनू दिल्ली में एक निजी संस्थान में नौकरी करता है, जबकि भीम सिंह गांव में रहकर मजदूरी करता था और शराब की बुरी लत से ग्रस्त था।
शराबखोरी और घरेलू हिंसा की इस त्रासदी ने चार छोटे बच्चों को अनाथ जैसा बना दिया है। मां की मौत और पिता के फरार होने के बाद इन मासूमों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को अविलंब गिरफ्तार कर न्यायालय से कठोरतम सजा दिलाई जाए।
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