मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- घटना: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में यूएई के दो तेल टैंकरों पर ईरान का क्रूज मिसाइल हमला।
- हताहत: चालक दल के एक भारतीय सदस्य की दर्दनाक मौत, 6 भारतीय और 2 यूक्रेनी नागरिकों सहित 8 घायल।
- प्रभावित जहाज: ओमान के जलक्षेत्र में मौजूद ‘मोम्बासा’ (Mombasa) और ‘बाहिया’ (Bahia) नामक टैंकर।
- यूएई का रुख: अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए हमले की कड़ी निंदा की; सशस्त्र बलों को हाई अलर्ट पर
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विस्तृत
दुबई/तेहरान:
मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक व्यापार मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो वाणिज्यिक तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से बड़ा हमला किया गया है।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय द्वारा मंगलवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस कायराना मिसाइल हमले में जहाजों पर तैनात चालक दल के एक भारतीय सदस्य की मौत हो गई है, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले से ही वैश्विक चिंताएं बनी हुई हैं। इस हमले के बाद खाड़ी देशों और ईरान के बीच सैन्य टकराव की आशंका काफी बढ़ गई है।
ओमान के जलक्षेत्र में जहाजों को बनाया निशाना
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की पुष्टि की। मंत्रालय के मुताबिक, यह हमला ओमान के जलक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी लेन में हुआ।
निशाना बनाए गए दोनों जहाजों पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का झंडा लगा हुआ था।
हमले का शिकार हुए इन दो तेल टैंकरों की पहचान ‘मोम्बासा’ (Mombasa) और ‘बाहिया’ (Bahia) के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी क्रूज मिसाइलें सीधे जहाजों से टकराईं, जिसके बाद दोनों टैंकरों में भीषण आग लग गई।
हालांकि, जहाजों पर मौजूद सुरक्षा प्रणालियों और आपातकालीन बचाव दल की तत्परता के कारण समय रहते आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा पर्यावरणीय और आर्थिक नुकसान टल गया।
हताहतों में भारतीय और यूक्रेनी नागरिक शामिल
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस मिसाइल हमले की सबसे भारी कीमत जहाजों पर सवार निर्दोष विदेशी कर्मचारियों को चुकानी पड़ी है। मिसाइल के सीधे प्रभाव के कारण टैंकर ‘मोम्बासा’ पर कार्यरत एक भारतीय नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके अलावा, हमले में कुल 8 अन्य चालक दल के सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें से 4 की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। घायलों की नागरिकता का विवरण देते हुए मंत्रालय ने बताया कि इनमें 6 भारतीय नागरिक और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।
गंभीर रूप से घायल कर्मियों को नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में एयरलिफ्ट किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। भारतीय दूतावास इस मामले में स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि प्रभावित नागरिकों को हरसंभव सहायता दी जा सके।
यूएई की कड़ी निंदा: “संप्रभुता पर हमला, चुप नहीं बैठेंगे”
इस हमले के बाद संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। यूएई ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन करार दिया है।
”यह हमला न केवल यूएई के हितों पर बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक गंभीर खतरा है। संयुक्त अरब अमीरात इस तनावपूर्ण और उकसावे वाली स्थिति का उचित जवाब देने का अपना पूरा संप्रभु अधिकार सुरक्षित रखता है।”
— यूएई रक्षा मंत्रालय
यूएई सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने नागरिकों, निवासियों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि देश के सशस्त्र बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रख दिया गया है और वे किसी भी प्रकार के आगामी खतरे या जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
ईरान का दावा: ‘अवैध आवाजाही’ के कारण की गई कार्रवाई
दूसरी ओर, यूएई के इस आधिकारिक बयान से पहले ईरान ने इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधि की बात स्वीकार की थी, लेकिन उसने इसे ‘चेतावनी’ के रूप में पेश किया था। ईरान के सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया था कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे दो जहाजों पर ‘चेतावनी वाली फायरिंग’ की थी।
ईरान का आरोप है कि ये जहाज इस रणनीतिक जलमार्ग से कथित तौर पर अवैध रूप से गुजरने का प्रयास कर रहे थे, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत उन्हें रोकने के लिए चेतावनी की गोलियां दागी गईं। हालांकि, ईरान ने अपने आधिकारिक बयानों में क्रूज मिसाइलों के इस्तेमाल या किसी की मौत होने का कोई जिक्र नहीं किया था, जिसे यूएई के खुलासे ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री सुरक्षा पर संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग माना जाता है, जहां से दुनिया के कुल तेल उत्पादन का लगभग पांचवां (20%) हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग पर होने वाले किसी भी सैन्य टकराव का सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों पर देखने को मिल सकता है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मामले को राजनयिक स्तर पर जल्द नहीं सुलझाया गया, तो यह खाड़ी क्षेत्र में एक नए बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल वैश्विक समुदाय की नजरें भारत और अन्य देशों के रुख पर टिकी हैं, क्योंकि इस हमले में भारतीय नागरिकों को निशाना बनाया गया है।









