लखनऊ |
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोसाईगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों से खचाखच भरी एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 16 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।
हादसे का घटनाक्रम: लुधियाना से बिहार जा रही थी बस
जानकारी के अनुसार, यह डबल डेकर बस पंजाब के लुधियाना से बिहार के दरभंगा के लिए रवाना हुई थी। सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे जब बस गोसाईगंज थाना क्षेत्र के खेमा खेड़ा गांव के पास पहुंची, तभी बस का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस की रफ्तार काफी तेज थी और वह अचानक लहराते हुए एक्सप्रेस-वे पर ही पलट गई।
बस के पलटते ही चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
नींद की झपकी या तेज रफ्तार? हादसे की वजह पर सवाल
शुरुआती जांच और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों से दो मुख्य कारण निकलकर सामने आ रहे हैं। पुलिस की प्रारंभिक सूचना के अनुसार, एक्सप्रेस-वे पर बस की गति निर्धारित सीमा से अधिक थी, जिसके कारण ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। वहीं, बस से सुरक्षित निकले कुछ यात्रियों का कहना है कि ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई थी, जिससे यह भीषण हादसा हुआ।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अक्सर लंबी दूरी की बसों के ड्राइवरों द्वारा थकान के बावजूद गाड़ी चलाने के मामले सामने आते रहे हैं, जो इस तरह के खूनी हादसों का सबब बनते हैं।
राहत एवं बचाव कार्य: मौके पर मची अफरा-तफरी
हादसे की सूचना मिलते ही गोसाईगंज पुलिस और एक्सप्रेस-वे की रेस्क्यू टीम एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बस की खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
- घायलों का उपचार: सभी 16 घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भेजा गया है। गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारू कराया ताकि राहत कार्य में बाधा न आए। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनके परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा पर उठते सवाल
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर होने वाले ये लगातार हादसे अब चिंता का विषय बन गए हैं। डबल डेकर बसों का अनियंत्रित परिचालन और ओवरलोडिंग अक्सर बड़े हादसों को निमंत्रण देती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक्सप्रेस-वे पर गश्त और स्पीड मॉनिटरिंग के दावों के बावजूद तेज रफ्तार बसों पर लगाम नहीं लग पा रही है।
निष्कर्ष: सफर में सुरक्षा का अभाव
पंजाब से बिहार की ओर जाने वाले श्रमिक और आम नागरिक अक्सर इन निजी डबल डेकर बसों का सहारा लेते हैं। सस्ते और सीधे सफर के लालच में यात्री अपनी जान जोखिम में डालते हैं, क्योंकि इन बसों में सुरक्षा मानकों की अक्सर अनदेखी की जाती है। लखनऊ का यह हादसा एक बार फिर प्रशासन को कड़े कदम उठाने की चेतावनी दे रहा है।









