बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के नेलमंगला इलाके से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक बेखौफ अपराधी ने घर में घुसकर 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया गया, महिला का दिव्यांग पति उसी बिस्तर पर बगल में लेटा हुआ था, लेकिन लकवाग्रस्त होने के कारण उसे अपनी पत्नी की चीख तक सुनाई नहीं दी या वह चाहकर भी कुछ कर नहीं पाया। हत्यारा घर से करीब 65 लाख रुपये मूल्य का सोना लूटकर फरार हो गया।
बिस्तर पर खून से लथपथ मिली लाश
मृतक महिला की पहचान 70 वर्षीय शोभा के रूप में हुई है। वह नेलमंगला के हीरापुर स्थित कोटे बीड़ी इलाके में अपने पति रंगनाथ के साथ रहती थीं। रंगनाथ पिछले 15 वर्षों से पैरालिसिस (लकवा) के कारण बिस्तर पर हैं और पूरी तरह अपनी पत्नी पर निर्भर थे।
घटना का खुलासा तब हुआ जब रोजाना की तरह एक फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर रंगनाथ का इलाज करने उनके घर पहुंचा। अंदर का नजारा देखकर डॉक्टर के होश उड़ गए। बिस्तर पर शोभा की खून से लथपथ लाश पड़ी थी और उनका गला रेता गया था। हैरानी की बात यह थी कि रंगनाथ उसी बिस्तर पर बगल में लेटे हुए थे, उन्हें इस बात का आभास तक नहीं था कि उनकी पत्नी अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
आरोपी शिवकुमार गिरफ्तार: लालच ने बनाया कातिल
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपी शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया है। शिवकुमार एक होलसेल दुकान का मालिक है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने इस पूरी वारदात को केवल आर्थिक लाभ और गहनों के लालच में अंजाम दिया।
शोभा एक आभूषण व्यापारी की बेटी थीं और अक्सर भारी सोने के गहने पहनती थीं। इसी बात ने शिवकुमार के मन में लालच पैदा कर दिया। वह रात के करीब 1:00 बजे घर में दाखिल हुआ और सोते समय शोभा का गला काटकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
65 लाख का सोना लूटकर हुआ फरार
हत्या के बाद आरोपी ने पूरे घर की तलाशी ली। जब उसे नकद (कैश) नहीं मिला, तो उसने मृतका के शरीर से सोने की चेन, चूड़ियां और अन्य कीमती आभूषण उतार लिए। पुलिस के मुताबिक, करीब 450 ग्राम सोना गायब था, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 65 लाख रुपये आंकी गई है।
शातिर दिमाग: वारदात के बाद तमाशबीन बनकर खड़ा रहा आरोपी
पुलिस की जांच में आरोपी की एक और चौंकाने वाली करतूत सामने आई। हत्या करने के बाद शिवकुमार भाग गया था, लेकिन जब सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ जमा हुई, तो वह भी एक आम नागरिक की तरह वहां तमाशबीन बनकर खड़ा हो गया। वह यह देखने आया था कि पुलिस की जांच किस दिशा में जा रही है।
हालांकि, उसकी एक छोटी सी गलती ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। सीसीटीवी कैमरों में वह अपनी एक्टिवा स्कूटी के साथ इलाके से भागते हुए कैद हो गया था। पुलिस ने स्कूटी के रजिस्ट्रेशन नंबर को ट्रैक किया और सीधे आरोपी के घर पहुंच गई।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित चीजें बरामद की हैं:
- वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू।
- आरोपी का मोबाइल फोन और एक्टिवा स्कूटी।
- लूटे गए सोने के आभूषण।
निष्कर्ष: यह घटना समाज में बुजुर्गों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। अकेले रहने वाले बुजुर्ग और शारीरिक रूप से अक्षम लोग अपराधियों के आसान लक्ष्य बनते जा रहे हैं। बेंगलुरु पुलिस ने हालांकि आरोपी को पकड़ लिया है, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।








