हाईकोर्ट का अहम फैसला: ‘सिर्फ भागकर शादी करने पर सुरक्षा नहीं मिल सकती, समाज का सामना करना सीखो

पूरा मामला (मानवीय भाषा में):उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है जिसमें कहा गया कि अगर कोई प्रेमी जोड़ा केवल भागकर शादी करता है, तो उसे सिर्फ इसी आधार पर पुलिस सुरक्षा नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि अब ऐसे जोड़ों को समाज का सामना करना सीखना होगा, हर बार राज्य से सुरक्षा की उम्मीद नहीं रख सकते।मामले की पृष्ठभूमि:एक प्रेमी जोड़े ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी कि उन्होंने मर्जी से शादी कर ली है और उनके परिवार वाले उनकी जान को खतरा पहुंचा सकते हैं। इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाए। लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि:1. सिर्फ शादी करना और डर के आधार पर सुरक्षा मांगना पर्याप्त नहीं है।2. अगर हर कोई भागकर शादी करेगा और सुरक्षा मांगेगा, तो यह एक आम चलन बन जाएगा।3. राज्य का काम हर निजी मामले में हस्तक्षेप करना नहीं है।कोर्ट की टिप्पणियाँ:युवा जोड़ों को समाज और परिवार के विरोध का साहसपूर्वक सामना करना चाहिए।जब तक कोई वास्तविक और ठोस खतरे का सबूत न हो, तब तक सुरक्षा नहीं दी जा सकती।राज्य का संसाधन सीमित है और इसे सही मामलों में ही लगाया जाना चाहिए।

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