Iran marriage airstrike by US की एक दर्दनाक घटना ने मध्य पूर्व में जारी तनाव को एक बेहद खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है। ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान में जारी एक शादी के जश्न के दौरान अमेरिकी मिसाइल के हमले से पूरा इलाका दहल गया। इस भीषण हादसे में एक मासूम बच्चे समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
इस दुखद घटना के सामने आने के तुरंत बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भारी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला बोलकर अपना सैन्य अभियान शुरू कर दिया है।
Iran Marriage Airstrike by US: सिरिक काउंटी के कुहेस्तक में तबाही
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी संघर्ष एक बार फिर खूनी रूप ले चुका है। ईरानी रेड क्रिसेंट की रिपोर्ट के अनुसार, Iran marriage airstrike by US का यह हादसा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नजदीक बसे सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में हुआ।
- शादी का घर बना श्मशान: कुहेस्तक में एक रिहायशी मकान में शादी का कार्यक्रम चल रहा था, जहां अचानक अमेरिकी मिसाइल हमले के शेल (छर्रे) आ गिरे।
- मासूमों की जान गई: हमले के दौरान हुए तेज धमाके में 4 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है।
- घायलों की संख्या: रेड क्रिसेंट ने पुष्टि की है कि इस घटना में 50 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
होर्मोजगान के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने ईरानी सरकारी टेलीविजन पर दिए बयान में घटना की पुष्टि की और कहा कि नागरिकों को निशाना बनाए जाने के बाद क्षेत्र में भारी गुस्सा है।
US Central Command (CENTCOM) का आधिकारिक बयान
दूसरी तरफ, अमेरिकी रक्षा विभाग के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस सैन्य कार्रवाई पर अपना पक्ष रखा है। CENTCOM के अनुसार, 1 सितंबर को अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरानी ठिकानों पर लक्षित हमलों की एक नई लहर को सफलता के साथ पूरा किया।
अमेरिकी सेना के मुख्य निशाने:
- एयर डिफेंस साइट्स: IRGC के वायु रक्षा तंत्र और रडार प्रणालियों को नष्ट करना।
- समुद्री संपत्तियां: होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें (Mines) बिछाने की ईरानी क्षमता को बेअसर करना।
- संचार केंद्र: ईरानी सेना के कमांड और संचार ढांचे पर सीधा हमला।
CENTCOM का दावा है कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Shipping) और अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए गए थे। वर्तमान में मध्य पूर्व में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक हाई अलर्ट पर हैं।
Iran Marriage Airstrike by US के जवाब में IRGC का प्रिंस हसन एयर बेस पर हमला
अमेरिकी हमले के कुछ ही घंटों भीतर ईरान की सेना ने बड़े पैमाने पर पलटवार की घोषणा कर दी। IRGC ने आधिकारिक बयान जारी कर जॉर्डन स्थित अमेरिकी प्रिंस हसन एयर बेस (Prince Hassan Air Base) पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की जिम्मेदारी ली।
ईरानी सरकारी प्रसारक (IRIB) के अनुसार:
- ड्रोन हैंगर तबाह: हमले में अमेरिकी सेना के लंबी दूरी के RQ-4 और MQ-9 रीपर ड्रोनों को रखने वाले हैंगर को सीधा निशाना बनाया गया।
- तकनीकी क्षति: एयर बेस के बुनियादी ढांचे में आग लग गई और कई उच्च-स्तरीय सैन्य उपकरण नष्ट हो गए।
- हताहतों का दावा: ईरान का दावा है कि इस हमले में कई अमेरिकी उड़ान और तकनीकी कर्मी मारे गए हैं (हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर किसी भी बड़े नुकसान की समीक्षा की बात कही है)।
बंदर अब्बास, चाबहार और केशम द्वीप में भीषण धमाके
युद्ध की यह लपटें अब ईरान के प्रमुख आर्थिक और तटीय क्षेत्रों तक फैल चुकी हैं। अमेरिकी वायुसेना ने लगातार दूसरे दिन होर्मुज स्ट्रेट के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया।
- बंदर अब्बास: ईरान के इस प्रमुख बंदरगाह शहर और नौसैनिक ठिकाने के पास रात भर कई बड़े धमाके सुने गए।
- चाबहार पोर्ट और केशम द्वीप: ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित चाबहार और केशम द्वीप (Qeshm Island) के सैन्य अड्डों पर भी अमेरिकी मिसाइलें गिरीं।
- जीरोफ्ट हवाई अड्डा: दक्षिण-पूर्वी ईरान के करमान प्रांत में स्थित जीरोफ्ट नागरिक हवाई अड्डे पर भी बमबारी की खबर है।
वैश्विक तेल बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट
Iran marriage airstrike by US और उसके बाद हुए तेज पलटवार का सबसे गहरा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ा है। दुनिया के कुल कच्चे तेल का 20 प्रतिशत हिस्सा इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उनके तेल निर्यात को रोकने का प्रयास करेगा, तो फारस की खाड़ी से किसी भी देश का तेल बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। इस तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल देखा जा रहा है।
निष्कर्ष: क्या मिडिल ईस्ट पूर्ण महायुद्ध की ओर बढ़ रहा है?
दोनों देशों के बीच जून 2026 में हुआ युद्धविराम का समझौता अब पूरी तरह टूट चुका है। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने आगे कोई कार्रवाई की तो उस पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया जाएगा, वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद कियान और सैन्य कमान ने अमेरिका को ‘विनाशकारी और मुंहतोड़’ जवाब देने की कसम खाई है। बेगुनाह नागरिकों की मौत ने शांति वार्ताओं के सभी दरवाजे फिलहाल बंद कर दिए हैं, जिससे दुनिया एक नए और बड़े क्षेत्रीय युद्ध के मुहाने पर आकर खड़ी हो गई है।
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