Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक लगातार हो रही मुसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। ताजा Uttarakhand Weather Update के अनुसार, देहरादून और हरिद्वार समेत राज्य के 6 प्रमुख जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण राज्यभर में 108 प्रमुख मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह ठप हो गए हैं।
मौसम विभाग ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों के किनारे न जाने और पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
Uttarakhand Weather Update: देहरादून और नैनीताल समेत इन 6 जिलों में यलो अलर्ट जारी
राज्य में रविवार को भी मौसम का मिजाज काफी सख्त रहने वाला है। Uttarakhand Weather Update की रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर, नैनीताल, पौड़ी और चमोली जिलों में अनेक स्थानों पर गर्जन और चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। वहीं, राज्य के अन्य जिलों में भी बारिश के कई दौर देखने को मिल सकते हैं, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
प्रदेश में 81 ग्रामीण रास्तों समेत 108 सड़कें पूरी तरह बंद
पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिससे सड़कें मलबा आने के कारण अवरुद्ध हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) और राज्य आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार तक प्रदेश में कुल 108 सड़कें बंद रहीं, जिन्हें खोलने का प्रयास जारी है।
इन बंद सड़कों में सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखा जा रहा है, जहां 81 ग्रामीण मार्ग पूरी तरह ठप हैं। जिलावार बंद सड़कों का ब्योरा इस प्रकार है:
- नैनीताल: 19 सड़कें बंद
- पिथौरागढ़: 18 सड़कें बंद
- चमोली: 13 सड़कें बंद
- देहरादून व पौड़ी: 12-12 मार्ग प्रभावित
- अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग व टिहरी: 8-8 सड़कें बंद
- बागेश्वर: 6 मार्ग बंद
- उत्तरकाशी व चंपावत: 2-2 मार्ग बंद
सड़कों के बंद होने से दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है, जिससे रोजमर्रा के सामान की आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
मसूरी में बारिश ने खोली नगर पालिका और लोनिवि के दावों की पोल
बारिश के चलते केवल सड़कें बंद ही नहीं हुई हैं, बल्कि शहरों के आंतरिक मार्गों की हालत भी खस्ता हो गई है। ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी में लगातार बारिश ने नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग (PWD) के रखरखाव के दावों की हवा निकाल दी है। शहर के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा काफी बढ़ गया है।
मैसोनिक लॉज बस अड्डे से किंग्रैग के बीच की सड़क पूरी तरह से उखड़ चुकी है। इसके अलावा मसूरी-दून मार्ग, ऐतिहासिक मालरोड और व्यस्त तिलक रोड की स्थिति बेहद जर्जर है। स्थानीय निवासियों राजेंद्र प्रसाद और मनोज सिंह का कहना है कि लंबे समय से बदहाल इन सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
15 सितंबर के बाद शुरू होगा सड़कों की मरम्मत का काम
सड़कों की खस्ताहाली पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि बरसात का दौर थमते ही क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जाएगा। वहीं, लोनिवि के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार वर्मा के अनुसार, बड़े गड्ढों को अस्थायी रूप से भरने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी Uttarakhand Weather Update के मद्देनजर 15 सितंबर को बारिश रुकने के बाद स्थायी मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक मौसम साफ न हो, अति आवश्यक होने पर ही पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करें।
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