Heavy Rain Alert के बीच उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तराखंड में भूस्खलन और मलबा आने से दो राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 126 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कार्ट रोड पर मलबा और पेड़ गिरने से कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, वहीं हिमाचल प्रदेश में 18 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
Heavy Rain Alert के बीच उत्तराखंड में 126 सड़कें हुईं बंद
लगातार हो रही बारिश का सबसे अधिक असर उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। Heavy Rain Alert के चलते कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सड़क संपर्क गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
राज्य में दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 126 सड़कें बंद हो गई हैं। कई इलाकों में पहाड़ियों से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों और आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ा है।
लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें सड़कें खोलने के लिए लगातार काम कर रही हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में चुनौती बनी हुई है।
आईएमडी ने जारी किया रेड अलर्ट
Heavy Rain Alert को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तराखंड के कई हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। जिला प्रशासनों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
आपदा प्रबंधन विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
शिमला की कार्ट रोड पर मलबा गिरने से रुका यातायात
हिमाचल प्रदेश में भी Heavy Rain Alert के बीच लगातार बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी शिमला की व्यस्त कार्ट रोड पर अचानक पहाड़ी से मलबा और पेड़ गिरने के कारण यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा।
घटना के बाद प्रशासन और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया गया।
हालांकि, लगातार बारिश के कारण प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
18 जुलाई तक हिमाचल में जारी रह सकता है बारिश का दौर
भारत मौसम विज्ञान विभाग के शिमला केंद्र के अनुसार Heavy Rain Alert की स्थिति अभी बनी रहेगी। विभाग ने अनुमान जताया है कि हिमाचल प्रदेश में 18 जुलाई तक कई क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
पिछले 24 घंटों में मंडी जिले के जोगिंदरनगर में सबसे अधिक 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मनाली में 45 मिमी, सराहन में 38.5 मिमी, रोहड़ू में 25 मिमी और शिमला में 19 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
सिरमौर में ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाइन-झुरवाड़ी गांव में Heavy Rain Alert के बीच स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा दीवारें नहीं बनाई गईं। इसके कारण लगातार बारिश के बीच पहाड़ी खिसकने का खतरा बढ़ गया है। गांव के पांच घरों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है और लोग भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सुरक्षा उपाय करने और प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक निर्माण कार्य कराने की मांग की है।
प्रशासन और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड पर
लगातार बारिश को देखते हुए उत्तराखंड और हिमाचल दोनों राज्यों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। Heavy Rain Alert के मद्देनजर आपदा प्रबंधन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
जहां भी सड़कें बंद हुई हैं, वहां उन्हें जल्द से जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही संभावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
पहाड़ी राज्यों में मानसून बना चुनौती
हर वर्ष मानसून के दौरान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बंद होने और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इस बार भी Heavy Rain Alert के चलते दोनों राज्यों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार वर्षा के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी होता है।
फिलहाल मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए दोनों राज्यों में निगरानी बढ़ा दी गई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो आने वाले दिनों में और भी क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।







