मुख्य बिंदु:
• 10 दिन पहले आस्था पथ की झाड़ियों में मिला था अज्ञात महिला का शव।
• देह व्यापार के पैसे मांगने और पुलिस में शिकायत की धमकी देने पर की गई हत्या।
• बुधवार आधी रात को चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़।
• पैर में गोली लगने के बाद बिजनौर का मुख्य आरोपी जिशान गिरफ्तार, साथी शाहनवाज की तलाश जारी।
हरिद्वार:
तीर्थ नगरी हरिद्वार के पॉश और शांत इलाके ‘आस्था पथ’ पर 10 दिन पहले मिली एक अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को हरिद्वार पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। इस अंधाधुंध हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने बुधवार आधी रात को एक शातिर आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जबकि उसका एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस पूछताछ में हत्या की जो वजह सामने आई है, उसने हर किसी को चौंका कर रख दिया है।
झाड़ियों में मिला था शव, सीसीटीवी से खुली कड़ियां
मामले का विवरण देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि करीब 10 दिन पहले चंडी चौक के समीप आस्था पथ की झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद से ही इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस के सामने मृतका की पहचान के साथ-साथ हत्यारों को ढूंढने की बड़ी चुनौती थी।
एसएसपी और एसपी सिटी के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए हरकी पैड़ी और घटनास्थल के आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। लगातार की गई कशमकश के बाद, सीसीटीवी फुटेज में मृतका के साथ दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। इन संदिग्धों की गतिविधि और हुलिए के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच की दिशा आगे बढ़ाई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
आधी रात को पुलिस मुठभेड़, मुख्य आरोपी दबोचा गया
बुधवार की आधी रात को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि महिला की हत्या में शामिल संदिग्ध आरोपी क्षेत्र में किसी अन्य वारदात या भागने की फिराक में हैं। इस सूचना पर मुस्तैद पुलिस टीम ने उत्तरी हरिद्वार के दुधियाबंद तिराहे पर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध युवक आते हुए दिखाई दिए।
जब पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो आरोपियों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुख्य आरोपी जिशान (निवासी जिगर कालोनी, नहटौर, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश) के पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही गिर पड़ा, जिसे पुलिस ने तुरंत दबोच लिया।
हालांकि, उसका दूसरा साथी शाहनवाज अंधेरे का फायदा उठाकर घने जंगलों की तरफ भागने में सफल रहा। गिरफ्तार आरोपी जिशान के पास से पुलिस ने एक 315 बोर का अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
देह व्यापार के पैसे मांगने पर उतारा मौत के घाट
गिरफ्तार आरोपी जिशान ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी घटनाक्रम का चौंकाने वाला खुलासा किया। जिशान ने बताया कि वह और उसका साथी शाहनवाज हरकी पैड़ी से उक्त महिला को बहला-फुसलाकर चंडी चौक के पास गंगा घाट की सुनसान झाड़ियों में ले गए थे। वहाँ उन्होंने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए।
संबंध बनाने के बाद जब महिला ने तयशुदा रकम की मांग की, तो दोनों आरोपियों की नीयत बिगड़ गई और उन्होंने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। इस बात पर जब महिला ने विरोध जताया और पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी, तो दोनों आरोपी बुरी तरह आगबबूला हो गए। बदनामी और पुलिस के डर से उन्होंने महिला के चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ मुक्के बरसाए, जिससे वह बेसुध हो गई। इसके बाद आरोपियों ने महिला की ही चुन्नी से उसका गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया और शव को झाड़ियों में छुपाकर फरार हो गए।
साक्ष्य मिटाने के लिए सिम तोड़कर गंगा में फेंकी
आरोपी बेहद शातिर किस्म के थे। वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने पुलिस को गुमराह करने और महिला की पहचान पूरी तरह छिपाने की साजिश रची थी। जिशान ने बताया कि हत्या करने के बाद उन्होंने मृतका का मोबाइल फोन लिया और उसकी सिम निकालकर गंगा नदी में बहा दी, ताकि पुलिस सर्विलांस और लोकेशन के जरिए उन तक न पहुंच सके। इसके बाद वे वापस बिजनौर भाग गए थे।
फरार आरोपी की तलाश और पुलिस टीम को सराहना
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य आरोपी जिशान को अस्पताल में उपचार दिलाने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, फरार आरोपी शाहनवाज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं, और उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके साथ ही मृतका की शिनाख्त के प्रयास अभी भी जारी हैं।
इस बेहद पेचीदा और अंधे कत्ल के मामले को सफलतापूर्वक सुलझाने वाली पुलिस टीम में शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा, एसएसआइ गोपाल दत्त भट्ट, उपनिरीक्षक खेमेन्द्र सिंह गंगवार, उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान, कांस्टेबल बृजमोहन रावत, लखन सिंह चौहान, विनोद रावत और सचिन सिंह शामिल रहे, जिनकी उच्च अधिकारियों द्वारा सराहना की जा रही है।





