देहरादून | राजधानी देहरादून के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी शनिवार देर रात गोलियों और बेल्टों की गूंज से थर्रा उठी। अस्पताल परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दो पक्षों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। लगभग 15 से 20 उपद्रवियों की भीड़ ने इमरजेंसी वार्ड के भीतर घुसकर विरोधी पक्ष पर बेल्टों से हमला बोल दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने आए इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (EMO) और सुरक्षाकर्मियों के साथ भी जमकर धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की गई, जिससे अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल बन गया।
बाहरी विवाद से शुरू हुई रंजिश, अस्पताल में बोला धावा
घटना शनिवार देर रात लगभग 1:20 बजे की बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल परिसर से बाहर दोनों गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और हाथापाई हुई थी। इसके बाद एक पक्ष के लोग घायल अवस्था में मेडिकल जांच और इलाज कराने के लिए दून अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे।
लेकिन मामला यहीं शांत नहीं हुआ। कुछ ही देर बाद दूसरे पक्ष के लोग भी इमरजेंसी पहुंच गए। शुरुआत में वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ ही मिनटों बाद योजनाबद्ध तरीके से 15 से 20 अज्ञात युवकों का झुंड इमरजेंसी में घुस आया और मेडिकल कराने आए लोगों पर बेल्टों से हमला कर दिया।
फाइलें फेंकी, वकील बताकर पुलिस और स्टाफ को धमकाया
उपद्रवियों का तांडव यहीं नहीं रुका। मारपीट के दौरान इमरजेंसी वार्ड में रखी मरीजों की फाइलें और सामान इधर-उधर फेंक दिए गए। हंगामे को बढ़ता देख जब ड्यूटी पर तैनात इएमओ और सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो उपद्रवियों ने उनसे भी बदसलूकी की और अस्पताल से बाहर निकलने पर देख लेने की धमकियां दीं।
इसी बीच, घटना के दौरान एक व्यक्ति ने खुद को अधिवक्ता (वकील) बताते हुए मौके पर पहुंची पुलिस टीम और अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों पर रौब जमाने की कोशिश की। आरोप है कि उस व्यक्ति ने अधिकारियों को वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत करने की धमकी देकर मामले में ढिलाई बरतने का दबाव बनाया।
सुरक्षाकर्मियों में भारी रोष, पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
इस घटना के बाद से दून अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों में गहरा आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में आए दिन ऐसी हिंसक घटनाएं घट रही हैं। इससे पूर्व भी एक महिला सुरक्षाकर्मी के साथ तीमारदार द्वारा मारपीट की घटना सामने आ चुकी है।
सुरक्षाकर्मियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत दर्ज कराने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग करने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे उनकी जान हर वक्त जोखिम में रहती है।
प्रशासन का रुख: जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. आरएस बिष्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा:
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“इमरजेंसी वार्ड जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह का हिंसक हंगामा होना अत्यंत गंभीर विषय है। अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और घटना की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुट गई है। इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।






