Draft Voter List 2026 के तहत उत्तराखंड में चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के पहले चरण के पूरा होने के बाद नई ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची में राज्य के 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन, पारदर्शी और त्रुटिरहित हो। इसी प्रक्रिया के तहत राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाकर 12,543 कर दी गई है, ताकि मतदाताओं को मतदान में अधिक सुविधा मिल सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में यह व्यापक अभियान संचालित किया गया। अधिकारियों के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया एक जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानकर की गई है, जिससे नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल किया जा सके और पुराने रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को दूर किया जा सके।
Draft Voter List 2026 के तहत कैसे हुई पुनरीक्षण प्रक्रिया
उत्तराखंड में Draft Voter List 2026 तैयार करने के लिए चुनाव आयोग ने 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर गणना पत्र वितरित किए और मतदाताओं से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इसके बाद सभी दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया गया और डेटा का सत्यापन किया गया।
इस विस्तृत प्रक्रिया के बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। चुनाव आयोग का कहना है कि इस बार तकनीकी सत्यापन के साथ-साथ फील्ड स्तर पर भी रिकॉर्ड का मिलान किया गया, जिससे मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा सके।
71.33 लाख मतदाता सूची में शामिल, बढ़े मतदान केंद्र
नई Draft Voter List 2026 के अनुसार राज्य में कुल 71,33,785 मतदाता दर्ज किए गए हैं। बढ़ती आबादी और नए मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
पहले उत्तराखंड में 11,733 मतदान केंद्र थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 12,543 हो गई है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों के मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने में आसानी होगी और मतदान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
चुनाव आयोग का मानना है कि अतिरिक्त मतदान केंद्र बनने से मतदान प्रतिशत बढ़ाने में भी मदद मिलेगी, खासकर पर्वतीय इलाकों में जहां भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहती हैं।
Draft Voter List 2026 में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर
यदि किसी मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं हुआ है या किसी प्रकार की त्रुटि है, तो आयोग ने उसे सुधारने का अवसर भी दिया है।
14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक मतदाता फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
- फॉर्म-6 : नया नाम जोड़ने के लिए
- फॉर्म-7 : नाम हटाने के लिए
- फॉर्म-8 : विवरण में संशोधन के लिए
इस बार फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया है ताकि फर्जी नामांकन पर रोक लगाई जा सके और मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनी रहे।
19 लाख मामलों में मिलीं विसंगतियां
Draft Voter List 2026 तैयार करते समय चुनाव आयोग को लगभग 19 लाख मामलों में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां मिली हैं। इनमें नामों की पुनरावृत्ति, पते में अंतर, अपूर्ण जानकारी और अन्य प्रशासनिक त्रुटियां शामिल हैं। इन मामलों की जांच के लिए संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे। मतदाताओं को निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और प्रमाणिक बनाना है।
न्याय पंचायत और शहरी क्षेत्रों में लगाए जाएंगे विशेष शिविर
मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव आयोग राज्यभर में विशेष शिविर भी आयोजित करेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर कैंप लगाए जाएंगे, जबकि मैदानी क्षेत्रों में तहसील, नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में मतदाता अपने दस्तावेज जमा कर सकेंगे, त्रुटियों का सुधार करा सकेंगे और दावे-आपत्तियों से संबंधित जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
11 सितंबर तक होगा निस्तारण, 15 सितंबर को आएगी अंतिम सूची
चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की है। 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक प्राप्त दावों और आपत्तियों की सुनवाई की जाएगी। इसके बाद सभी मामलों का निस्तारण कर 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार अंतिम सूची जारी होने के बाद वही आगामी चुनावों के लिए आधिकारिक मतदाता सूची होगी।
मतदाताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है Draft Voter List 2026
विशेषज्ञों का मानना है कि Draft Voter List 2026 केवल एक औपचारिक सूची नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो वह मतदान के अधिकार से वंचित हो सकता है।
इसी कारण चुनाव आयोग सभी नागरिकों से अपील कर रहा है कि वे अपने नाम और विवरण की जांच अवश्य करें। यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई दे तो निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक फॉर्म भरकर सुधार कराएं। समय रहते किया गया संशोधन भविष्य में किसी भी असुविधा से बचा सकता है।









