अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

देहरादून की हरियाली पर संकट, 20 हजार पेड़ों पर कटान की आशंका

On: January 29, 2026 7:10 AM
Follow Us:

देहरादून जिले के साल के वनों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। देहरादून, कालसी और मसूरी वन प्रभागों में साल के पेड़ों पर होपलो कीट (साल बोरर) का गंभीर प्रकोप सामने आया है। यह कीट पेड़ों को भीतर से खोखला कर देता है, जिससे उनके गिरने और नष्ट होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब 20,000 साल के पेड़ प्रभावित हो सकते हैं।
सबसे अधिक असर देहरादून वन प्रभाग में
वन विभाग के अनुसार होपलो कीट का सबसे अधिक प्रभाव देहरादून वन प्रभाग में देखा जा रहा है। यहां लगभग 12,000 साल के पेड़ इस कीट की चपेट में आ चुके हैं।
वहीं कालसी वन प्रभाग में करीब 5,000 और मसूरी वन प्रभाग में 3,000 से अधिक पेड़ों के प्रभावित होने का अनुमान है।
तीनों प्रभागों में साल के वनों की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत तक है, ऐसे में कीटों का यह हमला पूरे वन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
एफआरआई से मांगी गई वैज्ञानिक मदद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) से तकनीकी सहयोग मांगा है।
एफआरआई के कीट विज्ञान प्रभाग की टीम ने देहरादून वन प्रभाग का निरीक्षण पूरा कर लिया है, जबकि कालसी में निरीक्षण प्रस्तावित है। मसूरी वन प्रभाग में कार्ययोजना को स्वीकृति मिलने के बाद वैज्ञानिकों का दौरा किया जाएगा।
एफआरआई की टीम प्रभावित पेड़ों की स्थिति, संक्रमण की तीव्रता और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आकलन कर रही है।
होपलो कीट का नहीं कोई स्थायी इलाज
एफआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरुण प्रताप के अनुसार होपलो कीट का कोई ठोस और स्थायी उपचार उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने बताया कि:
• अत्यधिक संक्रमित पेड़ों को काटना ही एकमात्र विकल्प रह जाता है
• कम प्रभावित पेड़ों में ट्रैप और कीटनाशकों के जरिए नियंत्रण किया जाता है
• सभी प्रभागों के निरीक्षण के बाद प्रभावित पेड़ों को संक्रमण के स्तर के अनुसार चिन्हित किया जाएगा
इस तरह साल के पेड़ों को अंदर से खत्म करता है होपलो
होपलो कीट साल के पेड़ों के लिए बेहद घातक होता है। यह कीट:
• सबसे पहले पेड़ की छाल में छोटे-छोटे छेद बनाकर अंडे देता है
• अंडों से निकली सुंडी तने के भीतर गहरी सुरंग बनाती है
• हृदयकाष्ठ (हार्टवुड) को खाकर पेड़ को भीतर से खोखला कर देती है
संक्रमण बढ़ने पर लकड़ी पाउडरनुमा बुरादे में बदल जाती है, जिससे पानी और पोषक तत्वों का प्रवाह रुक जाता है। तने से काला या सफेद चूर्ण गिरना संक्रमण का प्रमुख संकेत माना जाता है। अंततः पेड़ सूखकर कमजोर हो जाता है और गिर सकता है।
होपलो नियंत्रण के प्रभावी उपाय
1. संक्रमित पेड़ों की पहचान और कटान
• तने से बुरादा गिरना, छेद और रस का रिसाव दिखने पर तुरंत मार्किंग
• अत्यधिक संक्रमित पेड़ों को काटकर जंगल से बाहर नष्ट किया जाता है
• इसे कंटेनमेंट फेलिंग कहा जाता है, जो संक्रमण फैलने से रोकता है
2. फेरोमोन ट्रैप और ट्रैप-ट्री तकनीक
• विशेष ट्रैपों से कीटों को आकर्षित कर पकड़ा जाता है
• कई क्षेत्रों में इससे 50 से 70 प्रतिशत तक कीट नियंत्रण में सफलता मिली है
3. कीटनाशक और जंगल की सफाई
• वैज्ञानिक निर्देशों के अनुसार तने पर कीटनाशक पेस्ट/स्प्रे
• सूखी लकड़ी, टूटे तने और गिरे पत्तों की सफाई
• ये स्थान कीटों के प्रजनन केंद्र बनते हैं, इसलिए सफाई बेहद जरूरी है
हर साल कटते हैं औसतन 2,000 पेड़
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में भी हर वन प्रभाग में औसतन 2,000 साल के पेड़ों को होपलो संक्रमण के कारण काटना पड़ता है।
हालांकि इस वर्ष कीटों का प्रकोप कुछ अधिक होने के कारण कटान की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों के बयान
नीरज शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी (देहरादून):
“एफआरआई की रिपोर्ट मिलने के बाद रोगग्रस्त पेड़ों का पातन और कीट ट्रैपिंग की कार्रवाई की जाएगी।”
मयंक गर्ग, प्रभागीय वनाधिकारी (कालसी):
“करीब 5,000 संक्रमित पेड़ों का ब्यौरा एफआरआई को भेजा गया है। आकलन के बाद आगे की रणनीति तय होगी।”
अमित कंवर, प्रभागीय वनाधिकारी (मसूरी):
“कार्ययोजना की स्वीकृति के बाद एफआरआई के विशेषज्ञों को बुलाकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।”

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​Dehradun Kidnapping Attempt Case: देहरादून में महिला के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला, 11 लाख के विवाद में एक गिरफ्तार

​Roorkee Honor Killing Case: रुड़की के झबरेड़ा में सनसनीखेज दोहरा हत्याकांड, भाई ने बहन और पड़ोसी को गोलियों से भूना

​Harish Rawat ED Inquiry: मां की तस्वीर गले में लटकाकर ईडी दफ्तर पहुंचे पूर्व सीएम, 2016 VPDO भर्ती घोटाला मामले में बढ़ा शिकंजा

​Uttarakhand Weather Update: सीमांत पिथौरागढ़ में मूसलधार बारिश के बाद सीजन की पहली बर्फबारी, कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित

Pitru Paksha 2026 Shradh and Pind Daan at Narayani Shila Haridwar

Pitru Paksha 2026: नारायणी शिला में श्राद्ध करने से पितरों को मिलता है मोक्ष, जानिए गयासुर से जुड़ी पौराणिक कथा

​Uttarakhand Pension News 2026: बैंक हड़ताल से पहले उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, 26 सितंबर तक मिलेगा वेतन और पेंशन

Leave a Comment