देहरादून का सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाला बाजार इंदिरा मार्केट अब पूरी तरह नए स्वरूप में नजर आने वाला है। घंटाघर से लेकर राजपुर रोड तक फैला यह क्षेत्र लंबे समय से अव्यवस्थित दुकानों, संकरी गलियों और पार्किंग की कमी से जूझ रहा था। अब मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने इसके पुनर्विकास की गति तेज कर दी है। अगले साल तक इस बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तेजी से आगे बढ़ रहा निर्माण कार्य
निर्माण कार्य सामग कंस्ट्रक्शन द्वारा किया जा रहा है। शुक्रवार को एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने साइट पर जाकर प्रगति की समीक्षा की और काम को और तेज करने के निर्देश दिए।
• अब तक 65% से अधिक काम पूरा हो चुका है।
• नए कांप्लेक्स और मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण लगातार जारी है।
शुरू में प्रोजेक्ट की गति धीमी थी, क्योंकि निर्माण कंपनी की सुस्ती के साथ–साथ डीपीआर संशोधन में भी देरी हुई। अप्रैल 2024 में एमडीडीए उपाध्यक्ष ने निर्माण एजेंसी को अंतिम चेतावनी तक जारी की थी। अक्टूबर 2023 में संशोधित डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली। अब एमडीडीए के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार को भी यह निर्देश दिए गए हैं कि परियोजना तय समय पर पूरी हो ताकि अस्थायी दुकानों को जल्द नए कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट किया जा सके।
पीपीपी मॉडल पर तैयार होगा नया बाजार
इंदिरा मार्केट redevelopment प्रोजेक्ट PPP (Public–Private Partnership) मॉडल पर बनाया जा रहा है।
• कुल लागत: 450 करोड़ रुपये
• यह पूरी राशि निर्माण एजेंसी को अपने संसाधनों से जुटानी है, जिससे ऋण संबंधी औपचारिकताओं में भी समय लगा।
• पहले 14 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य था, जिसे अब बढ़ाकर वर्ष 2026 कर दिया गया है।
बाजार के बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?
इंदिरा मार्केट का क्षेत्र लैंसडौन चौक से लेकर राजपुर रोड तक फैला है। दोनों ओर सटी दुकानों और संकरी गलियों के कारण यहां दोपहिया ले जाना भी चुनौती बन जाता है।
• बाजार में पार्किंग की सुविधा लगभग न के बराबर है।
• प्रस्तावित मल्टी-लेवल पार्किंग में 1050 वाहनों की क्षमता होगी।
• इससे खरीदारी करने वालों को आवाजाही और पार्किंग की बड़ी समस्या से मुक्ति मिलेगी।
परियोजना के प्रमुख तथ्य
• कुल क्षेत्रफल: 16,558 वर्गमीटर
• लीज क्षेत्रफल: 9,929 वर्गमीटर
• कुल लागत: 450 करोड़ रुपये
• व्यापारी: 406 व्यापारियों के साथ अनुबंध पूर्ण
• दुकानें: 581 नई दुकानें और 56 कियोस्क
• सुविधाएं: लिफ्ट, आधुनिक शौचालय, हरित क्षेत्र, बेहतर फिनिशिंग
• निर्माण एजेंसी: सामग एमडीडीए रियलिटी प्रा. लि.
2015 से अब तक की प्रमुख कार्यवाही
• 23 मार्च 2015: व्यय वित्त समिति का गठन
• 29 सितंबर 2015: इंफ्रास्ट्रक्चर इंपावर्ड कमेटी बनी
• 08 फरवरी 2016: प्रथम इंपावर्ड ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक
• 09 मार्च 2016: पहली पुनर्वास नीति बनी
• 19 जुलाई 2016: द्वितीय इंपावर्ड ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स मीटिंग
• 25 नवंबर 2016: ऑटो मैकेनिक के लिए संशोधित पुनर्वास नीति
• 18 नवंबर 2016: संबंधित अनुबंध
• 19 दिसंबर 2016: कांसेप्ट प्लान स्वीकृत
• 21 दिसंबर 2016: लीज डीड
• लीज अवधि: 90 वर्ष
नजूल भूमि का फ्रीहोल्ड किया जाना
इंदिरा मार्केट नजूल भूमि पर संचालित था। पुनर्विकास योजना लागू करने के लिए इस भूमि को व्यापारियों को वर्ष 2000 के सर्किल रेट पर फ्रीहोल्ड किया गया, जिससे प्रोजेक्ट आगे बढ़ाने में बड़ी बाधा दूर हुई।
देहरादून का मशहूर इंदिरा मार्केट होगा पूरी तरह आधुनिक, 450 करोड़ की परियोजना अगले वर्ष तक तैयार
On: December 6, 2025 1:05 PM











