चंपावत, उत्तराखंड – भारत-नेपाल सीमा पर एक बार फिर सशस्त्र सीमा बल (SSB) की मुस्तैदी से बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। बनबसा स्थित अंतरराष्ट्रीय चेक पोस्ट पर चेकिंग के दौरान एसएसबी के जवानों ने एक भारतीय युवक को 78 लाख नेपाली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक अपनी कार के जरिए सीमा पार कर नेपाल जाने की कोशिश कर रहा था।
बताया गया है कि युवक की कार की तलाशी के दौरान नोटों की इतनी बड़ी खेप बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी युवक नेपाली करेंसी को नेपाल में किसी शख्स को देने की बात स्वीकार कर चुका है, लेकिन उसके पास इस धनराशि से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले।
युवक की पहचान सलमान अंसारी के रूप में हुई
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सलमान अंसारी पुत्र रजा अंसारी निवासी मीना बाजार, बनबसा, जिला चंपावत के रूप में की गई है। वह 03 अगस्त को अपनी आर्टिका कार से नेपाल जा रहा था, इसी दौरान 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने उसकी गाड़ी को चेकिंग के लिए रोका। गहन तलाशी में 78 लाख नेपाली रुपये बरामद हुए।
एसएसबी ने जब्त की गई करेंसी कस्टम को सौंपी
एसएसबी के अनुसार सलमान अंसारी के पास से मिले नेपाली नोटों को जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग को सौंप दिया गया है। युवक से यह भी पूछा जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में नेपाली करेंसी उसने भारत में कहां से प्राप्त की और इसे नेपाल ले जाने का उद्देश्य क्या था।
एसएसबी की चौकसी से टली बड़ी तस्करी
इस मामले में एसएसबी बनबसा के सहायक कमांडेंट दिनेश यादव ने बताया कि जवानों की सजगता और पेशेवर सतर्कता के चलते सीमावर्ती क्षेत्र में एक बड़ी संदिग्ध आर्थिक गतिविधि पर रोक लगाई जा सकी। उन्होंने कहा कि यह घटना जहां एक ओर सीमाओं पर हो रही अवैध गतिविधियों की गंभीरता को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर एसएसबी की तत्परता और राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।
“अपराधियों पर सख्ती, नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता”
कमांडेंट दिनेश यादव ने बताया कि एसएसबी के जवानों का रवैया आम नागरिकों के प्रति सहयोगी है, लेकिन अपराध और तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ पूरी सख्ती और जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में इस प्रकार की निगरानी और कार्रवाइयों को और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रखा जाएगा ताकि इस क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाया जा सके।
यह गिरफ्तारी न केवल सीमा पर हो रही अवैध गतिविधियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश है, बल्कि यह भी दिखाती है कि एसएसबी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरत रही है।






