Bageshwar Principal Murder Case उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में इन दिनों चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज भटखोला के प्रभारी प्रधानाचार्य की हत्या के बाद सामने आ रही जानकारियों ने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है। हत्या के आरोपी विद्यालय के वरिष्ठ सहायक (प्रशासनिक अधिकारी) के व्यवहार को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने कई तरह के दावे किए हैं। लोगों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से असामान्य व्यवहार करता था, जिसके कारण अधिकांश लोग उससे दूरी बनाकर रखते थे। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक पुलिस की जांच में नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
बताया जा रहा है कि आरोपी विद्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर कठपुड़ियाछीना मार्ग स्थित एरियागाड़ क्षेत्र में किराए के एक कमरे में अकेले रहता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, उसके व्यवहार के कारण आसपास के लोग उसे अपने यहां कमरा देने से भी बचते थे।
Bageshwar Principal Murder Case में आरोपी के व्यवहार को लेकर कई दावे
घटना के बाद क्षेत्र में आरोपी के रहन-सहन और व्यवहार को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि आरोपी कई बार धोती, बिंदी और चूड़ियां पहनकर भी दिखाई देता था। इन असामान्य गतिविधियों के कारण गांव में उसके बारे में अलग-अलग तरह की बातें होती रहती थीं।
हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये दावे स्थानीय लोगों के हैं और इनकी पुष्टि किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस जांच से नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल हत्या की घटना और उससे जुड़े तथ्यों की जांच पर ही फोकस कर रही है।
हत्या से पहले चाकू लेकर आने की भी चर्चा
Bageshwar Principal Murder Case में एक और महत्वपूर्ण दावा सामने आया है। कुछ ग्रामीणों के अनुसार आरोपी पिछले करीब एक सप्ताह से विद्यालय में चाकू लेकर आ रहा था। हालांकि किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और न ही इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
यदि जांच में यह दावा सही साबित होता है तो यह सवाल भी उठेगा कि समय रहते इस जानकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। फिलहाल पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है और विद्यालय के कर्मचारियों तथा अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पहले बदियाकोट स्कूल में थी तैनाती
जानकारी के अनुसार आरोपी इससे पहले राजकीय इंटर कॉलेज बदियाकोट में कार्यरत था। करीब दो वर्ष पहले उसका तबादला पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज भटखोला में हुआ था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नई तैनाती के बाद भी उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। कई लोगों का दावा है कि वह अक्सर गुस्से में रहता था और छोटी-छोटी बातों पर विवाद कर लेता था।
हालांकि इन सभी बयानों की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
दुकानदारों के साथ भी होता था विवाद
घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों ने भी आरोपी के व्यवहार को लेकर अपनी बातें साझा की हैं। उनका कहना है कि आरोपी अक्सर दुकानों पर अभद्र व्यवहार करता था और कई बार लोगों को धमकी भी देता था।
स्थानीय दुकानदार कमल सिंह ने बताया कि घटना के बाद आरोपी उनकी दुकान पर पहुंचा और अंडा खरीदने लगा। जब उसे प्रति अंडा नौ रुपये कीमत बताई गई तो वह नाराज हो गया और कहने लगा कि उनके यहां चार रुपये में अंडा मिलता है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी भी हुई।
कमल सिंह के अनुसार आरोपी विद्यालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत था, लेकिन उसका व्यवहार सामान्य ग्राहकों के प्रति भी ठीक नहीं था।
क्षेत्र में दहशत और कई सवाल
Bageshwar Principal Murder Case के बाद पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल है। विद्यालय के छात्र, अभिभावक और स्थानीय निवासी इस घटना से स्तब्ध हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार को लेकर पहले से शिकायतें थीं, तो समय रहते उन पर ध्यान दिया जाना चाहिए था।
इस घटना ने स्कूलों में कर्मचारियों की पृष्ठभूमि, कार्यस्थल पर व्यवहार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में समय-समय पर कर्मचारियों के व्यवहार संबंधी मूल्यांकन और शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस जांच जारी, तथ्यों का इंतजार
फिलहाल Bageshwar Principal Murder Case की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों, विद्यालय के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण किया जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए दावों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।





