देहरादून।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए शुक्रवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। रायपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रिंग रोड पर स्थित एक शराब ठेके के बाहर मामूली विवाद ने इस कदर तूल पकड़ा कि बदमाशों ने सरेआम फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी की चपेट में आने से दो राहगीर/युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
कैंटीन के बाहर हुआ विवाद, चलीं ताबड़तोड़ गोलियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शुक्रवार रात लगभग 10 बजे की है। रायपुर क्षेत्र में छह नंबर पुलिया से आगे रिंग रोड पर स्थित शराब ठेके के पास एक कैंटीन में कुछ लोग बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के युवकों ने तमंचा निकालकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
इस गोलीबारी की जद में वह लोग भी आ गए जिनका इस विवाद से कोई सीधा लेना-देना नहीं था। घटना के समय लोअर राजीव नगर निवासी नवीन राणा अपने दोस्त के साथ उसी कैंटीन में मौजूद था। चश्मदीदों के मुताबिक, नवीन सिगरेट पीने के लिए कैंटीन से बाहर आया था। बाहर चल रहे विवाद को देखकर वह वापस अंदर मुड़ने ही वाला था कि बदमाशों ने ट्रिगर दबा दिया।
दो बेकसूर युवकों को लगी गोली
हमलावरों द्वारा की गई फायरिंग में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए:
- नवीन राणा (निवासी लोअर राजीव नगर, देहरादून): एक गोली नवीन के कंधे को चीरती हुई आर-पार निकल गई, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
- कैनेन्द्र (निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश): दूसरी गोली पास ही खड़े कैनेन्द्र के पैर में लगी। गोली लगते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर हथियारों का प्रदर्शन करते हुए मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत इस खूनी संघर्ष की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, अस्पताल पहुंचे आला अफसर
वारदात की गंभीरता को देखते हुए रायपुर थानाध्यक्ष संजीत कुमार पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए दोनों घायलों को रेस्क्यू किया और अस्पताल भिजवाया। नवीन राणा को इलाज के लिए नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बिजनौर निवासी कैनेन्द्र को दून अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों घायलों के शरीर से काफी खून बह चुका था, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सीओ) वंदना वर्मा ने भी मोर्चा संभाला। उन्होंने दून अस्पताल पहुंचकर घायल कैनेन्द्र से मुलाकात की और घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।
एक आरोपी हिरासत में, कड़ाई से पूछताछ जारी
देहरादून पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए हमलावरों की घेराबंदी शुरू कर दी। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने रात में ही दबिश देकर फायरिंग की घटना में शामिल एक मुख्य संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है। पुलिस लाइंस और थाने में आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि विवाद की असली वजह और उसके साथियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके।
”फायरिंग की घटना के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ के आधार पर अन्य फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
— प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, एसएसपी, देहरादून
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सीसीटीवी खंगाल रही हैं पुलिस की 4 टीमें
सीओ वंदना वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया है। यह टीमें अलग-अलग इनपुट पर काम कर रही हैं।
- सीसीटीवी फुटेज की जांच: पुलिस की एक टीम शराब ठेके, कैंटीन और रिंग रोड के आसपास लगे सभी सरकारी व निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों के भागने के रूट और उनकी गाड़ियों के नंबरों की पहचान की जा सके।
- लोकल इंटेलिजेंस: पुलिस स्थानीय मुखबिरों और कैंटीन के स्टाफ से भी पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि विवाद किस बात पर शुरू हुआ था और हमलावर पहले से वहां मौजूद थे या उन्हें फोन करके बुलाया गया था।
स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद रिंग रोड और आसपास के रिहायशी इलाकों के निवासियों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात शराब ठेकों और कैंटीनों के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है। निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रात के समय इस क्षेत्र में पुलिस गश्त (पैट्रोलिंग) बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल, पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है।









