चमोली:
उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम बदरीनाथ की यात्रा पर जा रहे उत्तर प्रदेश के कुछ यात्रियों को ‘जज’ का फर्जी स्टीकर लगाकर रौब झाड़ना भारी पड़ गया। जनपद चमोली में पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान के दौरान एक ऐसी कार को पकड़ा, जिस पर ‘जज’ लिखा हुआ स्टीकर लगा था।
जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो रसूखदार बनने का नाटक करने वाले इस चालक की पोल खुल गई। चमोली पुलिस ने मौके पर ही ‘जज साहब’ का सारा रुतबा उतारते हुए न सिर्फ स्टीकर हटवाया, बल्कि ऑन द स्पॉट चालानी कार्रवाई कर सख्त हिदायत भी दी।
गलत दिशा से आगे निकलने की जल्दबाजी में पकड़ी गई चोरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चमोली जिले में इन दिनों पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत चौकी प्रभारी पांडुकेश्वर, उपनिरीक्षक रुकम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम पांडुकेश्वर रजिस्ट्रेशन चेकिंग बैरियर के पास वाहनों की जांच कर रही थी।
चारधाम यात्रा के चलते बैरियर पर रजिस्ट्रेशन के लिए वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के नंबर की एक निजी कार नियमों को ताक पर रखकर, कतार में खड़े अन्य वाहनों को पीछे छोड़ते हुए गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से तेजी से आगे निकलने की जल्दबाजी कर रही थी। इस कार के आगे बकायदा ‘जज’ का स्टीकर चस्पा था।
पीछे चल रहे यात्रियों ने की रफ ड्राइविंग की शिकायत
गलत दिशा से ओवरटेक करने और रफ ड्राइविंग करने की वजह से पीछे चल रहे अन्य वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कतार में खड़े यात्रियों ने तुरंत इसकी शिकायत मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों से की। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ‘जज’ का स्टीकर लगी उक्त कार को रोक लिया और चालक से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में खुला राज: टोल बचाने और रौब जमाने का था खेल
जब पुलिस ने कार के चालक से उसकी पहचान और वीआईपी स्टीकर के बारे में पूछताछ की, तो पूरी कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आ गया। कार चला रहे व्यक्ति की पहचान अभय सिंह, निवासी गोला लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। पुलिसिया पूछताछ के सामने चालक का जज वाला रौब ज्यादा देर टिक नहीं सका।
चालक अभय सिंह ने सच उगलते हुए बताया कि यह कार उसकी नहीं बल्कि उसके एक दोस्त की है। उसने आगे बताया कि उसके दोस्त का भाई लखनऊ कोर्ट में किसी पद पर कार्यरत है। जब पुलिस ने स्टीकर लगाने का असली कारण पूछा, तो पता चला कि कार पर यह ‘जज’ का स्टीकर किसी आधिकारिक पहचान या पद के कारण नहीं लगाया गया था, बल्कि इसका असली मकसद हाईवे पर पड़ने वाले टोल टैक्स को बचाना और रास्ते में पुलिस व आम जनता पर रौब जमाना था।
पुलिस ने मौके पर ही किया ‘फैसला’, काटा भारी चालान
नकली जज बनकर वीआईपी ट्रीटमेंट चाहने वाले यात्रियों का सारा रुतबा चमोली पुलिस के सामने धरा का धरा रह गया। चौकी प्रभारी ने मौके पर ही नियमों का पाठ पढ़ाते हुए कार से ‘जज’ का स्टीकर उतरवाया।
इसके बाद पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत चालक के खिलाफ कड़ी चालानी कार्रवाई की। चमोली पुलिस ने वाहन चालक को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि दोबारा किसी गैर-कानूनी तरीके से फर्जी स्टीकर या पद का दुरुपयोग किया गया, तो सीधे जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
’ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस की सख्त कार्रवाई
चमोली पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी वीआईपी या फर्जी रसूखदार को नियमों का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत लगातार ऐसे वाहनों की निगरानी की जा रही है जो कानून को ठेंगा दिखाकर यात्रा मार्ग पर हुड़दंग मचाते हैं या फर्जी पास और स्टीकर का इस्तेमाल करते हैं।
पुलिस ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक कतार में रहकर अपनी बारी का इंतजार करें और यातायात नियमों का पालन कर देवभूमि की पुलिस का सहयोग करें।











