अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: ईकोटेक-3 की चिप कंपनी में भीषण आग, मलबे में दबकर 2 फायरकर्मियों की मौत, 3 घायल

On: August 4, 2026 3:26 AM
Follow Us:

ग्रेटर नोएडा | स्पेशल डेस्क

ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार देर रात एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माता कंपनी में अचानक भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।

हालांकि, आग बुझाने के दौरान कंपनी की एक दीवार और लोहे का बीम अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर पांच दमकलकर्मी मलबे में दब गए। इलाज के दौरान दो जांबाज फायरकर्मियों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

​अचानक उठीं आग की लपटें, मची अफ़रातफ़री

​मिली जानकारी के अनुसार, ईकोटेक-3 स्थित आईएलजीआईएम (ILGIM) नामक कंपनी में सोमवार देर रात अचानक आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। यह कंपनी मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाने का काम करती है। कंपनी में प्लास्टिक, केमिकल और इलेक्ट्रॉनिक सामान मौजूद होने के कारण आग ने बेहद कम समय में विकराल रूप धारण कर लिया।

​आसपास के लोगों और कंपनी सुरक्षाकर्मियों ने जैसे ही इमारत से धुआं और आग की लपटें निकलती देखीं, तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही ईकोटेक-3 पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंच गईं और दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया।

​आग बुझाते समय ढहा स्ट्रक्चर, मलबे में दबे 5 दमकलकर्मी

​राहत और बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी के साथ जारी था कि तभी एक भीषण हादसा हो गया। लगातार आग की तपिश और पानी के दबाव के कारण कंपनी की साइड वाली दीवार और छत को सहारा देने वाला भारी-भरकम लोहे का बीम अचानक कमजोर होकर नीचे गिर पड़ा।

​यह हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद दमकलकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। दीवार और बीम के मलबे के नीचे कुल पांच फायरकर्मी दब गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। मलबे में दबे दमकलकर्मियों की पहचान इस प्रकार हुई:

• ​तीर्थपाल सिंह (मुख्य आरक्षी चालक)
• ​रोहित यादव (फायरमैन)
• ​राजपाल सिंह (मुख्य आरक्षी चालक)
• ​मनीष कुमार (फायरमैन)
• ​अमित कुमार (फायरमैन)
​दो बहादुर दमकलकर्मियों ने गंवाई जान, तीन का इलाज जारी

​हादसा होते ही वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और दमकलकर्मियों ने अपनी परवाह किए बिना तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे को हटाकर सभी पांचों घायलों को बाहर निकाला गया और तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।

​अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीर्थपाल सिंह को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक चोट लगने और मलबे का भारी वजन गिरने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
​वहीं, हादसे में घायल अन्य तीन दमकलकर्मियों—राजपाल सिंह, मनीष कुमार और अमित कुमार का अस्पताल में गहन उपचार चल रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन तीनों की हालत फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।

​वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, SDRF को भी बुलाया गया

​घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस बात की आशंका को देखते हुए कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति या कर्मचारी न फंसा हो, त्वरित कार्रवाई करते हुए SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। SDRF की टीम ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पूरे परिसर की सघन जांच की।

ये भी पढ़े➜देहरादून में कलयुगी मां का खौफनाक चेहरा: डेढ़ लाख में बेचा अपनी ही 15 साल की बेटी का सौदा, पुलिस ने मुजफ्फरनगर से बच्ची को छुड़ाकर 4 आरोपियों को भेजा जेल

​कड़ी मशक्कत और घंटों चले ऑपरेशन के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। पुलिस ने दोनों शहीद फायरकर्मियों के शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

​आग के कारणों की जांच शुरू

​इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में शोक की लहर है। अग्निशमन विभाग ने अपने दो जांबाज साथियों को खो दिया है, जिन्होंने दूसरों की सुरक्षा करते हुए अपने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

​फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। शुरुआती आशंका में इसे शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन पुलिस और अग्निशमन विभाग की फॉरेंसिक टीम आग के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की गहराई से जांच कर रही है।

साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि कंपनी के भीतर आग से निपटने के पर्याप्त सुरक्षा मानक मौजूद थे या नहीं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment