Uttarakhand Rain Alert के बीच राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तराखंड में आसमानी आफत लगातार लोगों पर सितम ढा रही है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह लैंडस्लाइड, सड़कों पर मलबा आने और बड़े-बड़े बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे कई प्रमुख मार्ग बंद हो चुके हैं और जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने जारी किया Uttarakhand Rain Alert
देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चेतावनी दी है कि पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें। नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
इन 4 प्रमुख जिलों में ऑरेंज अलर्ट: रहें बेहद सावधान
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है।
इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
- ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल।
- मौसम की स्थिति: इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान जताया गया है।
- बिजली और गर्जन: इन क्षेत्रों में तीव्र गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर (Heavy to Very Heavy Spells) चलने की प्रबल आशंका है।
स्थानीय प्रशासन को इन चारों जिलों में हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
Uttarakhand Rain Alert के कारण इन जिलों में 14 अगस्त को स्कूलों की छुट्टी
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी और सुरक्षा के लिहाज से छात्र-छात्राओं के बचाव को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासनों ने सख्त कदम उठाए हैं।
विशेष घोषणा: मूसलाधार बारिश के खतरे को देखते हुए नैनीताल, पिथौरागढ़ और देहरादून जिलों के सभी शासकीय, अशासकीय (सरकारी व प्राइवेट) विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 14 अगस्त (शुक्रवार) को एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर बारिश की स्थिति ऐसी ही बनी रहती है, तो छुट्टियों को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
7 जिलों में येलो अलर्ट: बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा
मुख्य ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अलावा, राज्य के अन्य 7 जिलों में भी मौसम का मिजाज काफी खराब बना हुआ है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया है।
येलो अलर्ट वाले जिलों की सूची
- हरिद्वार
- टिहरी गढ़वाल
- पौड़ी गढ़वाल
- चमोली
- रुद्रप्रयाग
- चंपावत
- उधम सिंह नगर
इन जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ तेज आकाशीय बिजली कड़कने और बारिश के तीव्र दौर आने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी जिलों जैसे चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी में भूस्खलन के कारण राजमार्गों के बाधित होने की आशंका सबसे अधिक बनी हुई है।
प्रशासन की अपील: नदियां-नालों से दूर रहें और यात्रा टालें
मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में SDRF और NDRF की टीमों को तैनात कर दिया गया है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने आम जनता और श्रद्धालुओं से अपील की है कि:
- बहुत जरूरी न होने पर पर्वतीय इलाकों की यात्रा करने से बचें।
- नदियों, बरसाती नालों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के पास न जाएं।
- मौसम विभाग के Uttarakhand Rain Alert और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का नियमित रूप से पालन करें।
पहाड़ों में लगातार गिर रहे मलबे के कारण मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग भी बीच-बीच में बंद हो रहे हैं, जिन्हें खोलने के लिए भारी मशीनरी तैनात की गई है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें।





