अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

​Chamoli Tunnel Collapse: चमोली में बड़ा हादसा, THDC की टनल धंसने से कई मजदूर फंसे; 16 को सुरक्षित निकाला गया

On: August 13, 2026 3:37 PM
Follow Us:
Chamoli Tunnel Accident rescue team working at Vishnugad Pipalkoti hydroelectric project site in Uttarakhand

Chamoli Tunnel Collapse की एक भीषण घटना उत्तराखंड के चमोली जिले से सामने आई है, जहाँ टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) की विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग (Tunnel) अचानक धंस गई। इस हादसे के बाद सुरंग के भीतर काम कर रहे कई मजदूर अंदर ही फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। युद्धस्तर पर चलाए गए राहत अभियान के तहत Chamoli Tunnel Collapse स्थल से अब तक 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए ऑपरेशन लगातार जारी है।

Chamoli Tunnel Collapse Event: कैसे और कहाँ हुआ यह बड़ा हादसा?

​चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर बन रही THDC की विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना पहाड़ी क्षेत्रों की एक बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारियों के अनुसार, टनल के अंदर अचानक हुए भू-धंसाव (Landslide/Cave-in) की वजह से मलबा भारी मात्रा में नीचे आ गिरा। सुरंग का प्रवेश और निकास मार्ग आंशिक रूप से बाधित हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे श्रमिक वहीं फंस गए। Chamoli Tunnel Collapse की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया और तुरंत आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट किया गया।

Rescue Operation at Chamoli Tunnel Collapse: राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं केंद्रीय व राज्य एजेंसियां

​हादसे की भयावहता को देखते हुए जिला प्रशासन ने बिना कोई समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिए। मौके पर कई प्रमुख बचाव दल एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं:

  • राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF)
  • भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और भारतीय सेना (Indian Army)
  • स्थानीय पुलिस एवं जिला प्रशासन की विशेषज्ञ टीमें

​भारी मशीनों, ऑक्सीजन सिलेंडरों और मलबे को हटाने वाले उपकरणों की मदद से टनल के अंदर का रास्ता साफ किया जा रहा है। रेस्क्यू टीमों की प्राथमिक प्राथमिकता फंसे हुए श्रमिकों तक हवा (ऑक्सीजन) और पानी पहुंचाना है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।

Safely Rescued Workers in Chamoli Tunnel Collapse: 16 मजदूरों को मिला नया जीवन

​राहत और बचाव में जुटी टीमों की मुस्तैदी का ही नतीजा है कि अब तक 16 मजदूरों को Chamoli Tunnel Collapse के मलबे के बीच से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाहर निकाले गए श्रमिकों का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण मौके पर मौजूद मेडिकल टीमों द्वारा किया गया। इनमें से कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शेष बचे हुए श्रमिकों की लोकेशन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है और उन्हें भी जल्द ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।

Government Reaction on Chamoli Tunnel Collapse: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया दुख, दिए सख्त निर्देश

​उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने Chamoli Tunnel Collapse की इस घटना पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान:

“चमोली में हुई टनल धंसने की घटना अत्यंत चिंताजनक है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। NDRF, SDRF और जिला प्रशासन की टीमों को युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के आदेश दिए गए हैं। ईश्वर से सभी श्रमिकों के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूँ।”

​जिलाधिकारी (DM) चमोली स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया की प्रत्यक्ष निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने आसपास के अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

Safety Assessment After Chamoli Tunnel Collapse: टनल निर्माण और सुरक्षा मानकों पर सवाल

​उत्तराखंड का यह पूरा हिमालयी क्षेत्र पारिस्थितिक (Ecologically) रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है। Chamoli Tunnel Collapse की इस घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में चल रही बड़ी अवसंरचना (Infrastructure) और जल विद्युत परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था और भूगर्भीय (Geological) चुनौतियों को उजागर कर दिया है।

​विशेषज्ञों का मानना है कि सुरंग निर्माण के दौरान अचानक चट्टानों का खिसकना या जलस्रोतों का फूटना एक बड़ा जोखिम होता है। फिलहाल पहली प्राथमिकता फंसे हुए सभी जिंदगियों को बचाना है, जिसके बाद ही हादसे के सटीक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।

READ THIS –पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर हमला, नांदेड़ में सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा*

Conclusion: Chamoli Tunnel Collapse अपडेट्स पर बनी हुई है सबकी नजर

​चमोली का यह हादसा हर किसी को सतर्क करने वाला है। राहत कर्मियों का साहस और तकनीक का सही इस्तेमाल ही इस समय फंसे हुए मजदूरों की उम्मीद बना हुआ है। अब तक 16 जिंदगियों को सुरक्षित बचाना एक बड़ी सफलता है, और पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि बाकी बचे मजदूरों को भी जल्द ही Chamoli Tunnel Collapse के इस संकट से सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। प्रशासन लगातार मीडिया और आम जनता को रेस्क्यू ऑपरेशन की ताजा जानकारी उपलब्ध करा रहा है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment