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Dehradun-Mussoorie Landslide: देहरादून-मसूरी मार्ग का 10 मीटर हिस्सा धंसा, यातायात पूरी तरह ठप; पहाड़ी काटकर बनाई जा रही वैकल्पिक राह

On: July 21, 2026 5:21 AM
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A massive landslide on the Dehradun-Mussoorie highway at Paniwala Bend.

देहरादून |

​उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश का तांडव लगातार जारी है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सोमवार दोपहर देहरादून-मसूरी राजमार्ग पर ‘पानीवाला बैंड’ के समीप एक बड़ा हादसा टल गया।

यहाँ मुख्य मार्ग का लगभग 10 मीटर हिस्सा अचानक नीचे की ओर धंस गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इस व्यस्त राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

​अचानक रास्ता बंद होने और कई किलोमीटर लंबे जाम के कारण मसूरी आने-जाने वाले पर्यटकों सहित स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने युद्ध स्तर पर राहत और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।

​निचली रिटेनिंग वॉल ढही, सड़क का हिस्सा बना खोखला

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर पानीवाला बैंड के पास सड़क के निचले हिस्से को सहारा देने वाली विशाल रिटेनिंग वॉल (प्रतिधारक दीवार) ढह गई। बारिश के पानी के तेज बहाव और रिसाव के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी पूरी तरह बह गई, जिससे सड़क हवा में झूलती हुई खोखली हो गई।

​प्रारंभिक चरण में, जोखिम को देखते हुए पुलिस विभाग ने एक लेन (Single Lane) से केवल छोटे वाहनों को धीमी गति से निकालने की अनुमति दी थी। हालांकि, जैसे-जैसे समय बीतता गया, सड़क के और अधिक धंसने का खतरा बढ़ता गया। मामले की गंभीरता को समझते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) मसूरी के निर्देश पर शाम को इस पूरे मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया गया।

​दोनों ओर लगा भीषण जाम, सैकड़ों वाहन फंसे

​मार्ग पर आवागमन अचानक रोक दिए जाने से देहरादून और मसूरी, दोनों छोर पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते करीब एक घंटे तक पूरा राजमार्ग गाड़ियों के पहियों से पूरी तरह पैक हो गया।

जो वाहन मसूरी की तरफ जा रहे थे, उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। वहीं पहाड़ों से नीचे आ रहे पर्यटक और दैनिक यात्री भी रास्ते में ही फंस गए। यातायात पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए कड़ी मशक्कत की और वाहनों को वैकल्पिक व सुरक्षित रास्तों की ओर मोड़ने का प्रयास किया।

​लोनिवि ने संभाला मोर्चा: पहाड़ी काटकर बन रही अस्थायी सड़क

​घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) की भारी मशीनरी और इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुँची। स्थिति को सामान्य करने के लिए पहाड़ी वाले हिस्से की कटाई (Hill Cutting) का काम तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है।

​लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया:

“हमारी प्राथमिकता इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जल्द से जल्द यातायात बहाल करना है। इसके लिए हम सड़क के ऊपरी पहाड़ी वाले हिस्से को काटकर एक अस्थायी रास्ता (Detour) तैयार कर रहे हैं। यदि मौसम ने साथ दिया, तो देर रात या कल सुबह तक हल्के वाहनों के लिए रास्ता चालू कर दिया जाएगा।”

​भू-गर्भीय रिसाव बना तबाही की वजह, दीर्घकालिक मरम्मत में लगेगा समय

​इंजीनियरों के अनुसार, सड़क धंसने का मुख्य कारण रिटेनिंग वॉल के पीछे पानी का निरंतर रिसाव होना है। प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी ने भीतर ही भीतर मिट्टी की पकड़ को बेहद कमजोर कर दिया, जिसके कारण भारी दीवार अपनी जगह से खिसक कर गिर गई।

​अधिशासी अभियंता ने स्पष्ट किया कि केवल अस्थायी सड़क बनाना ही काफी नहीं होगा। ढही हुई रिटेनिंग वॉल का स्थायी पुनर्निर्माण और सुरक्षात्मक कार्य करने के लिए एक नया एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया और पक्के निर्माण में काफी समय लगने की संभावना है।

​वर्ष 2020 की भयावह यादें हुई ताज़ा

​इस घटना ने 10 अगस्त 2020 की उस भयावह आपदा की यादों को फिर से ताज़ा कर दिया है, जब इसी स्थान के पास मसूरी राजमार्ग का लगभग 50 मीटर लंबा हिस्सा पूरी तरह से खाई में समा गया था।

उस समय सड़क को दोबारा दुरुस्त करने में लोनिवि को लगभग दो महीने (सितंबर से अक्टूबर) का लंबा समय लगा था।
​हालाँकि, इस बार क्षति 2020 की तुलना में कम है, लेकिन एक ही क्षेत्र में बार-बार सड़क का धंसना इस मार्ग की बेहद संवेदनशील और कमजोर भौगोलिक बनावट की ओर इशारा करता है।

​गलोगी पावर हाउस भूस्खलन जोन का काम भी अंतिम दौर में

​मसूरी मार्ग पर गलोगी पावर हाउस के पास मौजूद सबसे संवेदनशील और बड़ा ‘लैंडस्लाइड जोन’ भी वर्षों से यात्रियों और प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है। वर्ष 2021 में भीषण भूस्खलन के कारण यहाँ सड़क ध्वस्त हो गई थी, जिसके स्थायी उपचार का कार्य अप्रैल 2024 में शुरू किया गया था।

​लोनिवि अधिकारियों के अनुसार, गलोगी जोन के उपचार का कार्य अब अपने अंतिम चरण में है, लेकिन हाल ही में हुई बारिश के कारण वहां भी रुक-रुक कर मलबा आने से चुनौतियां बढ़ गई हैं।

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​यात्रियों के लिए प्रशासन की एडवाइजरी

• ​सुरक्षित रहें: जब तक राजमार्ग पूरी तरह साफ नहीं हो जाता, तब तक मसूरी की ओर अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
• ​वैकल्पिक मार्ग: देहरादून से मसूरी जाने वाले यात्री आपातकालीन स्थिति में किमाड़ी-गाड़ी कैंट या अन्य वैकल्पिक ग्रामीण मार्गों का उपयोग कर सकते हैं।
• ​मौसम का अपडेट: पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले मौसम विभाग की चेतावनी और मार्ग की स्थिति अवश्य जांच लें।

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