सामरदुंग/गंगटोक:
सिक्किम के नामची जिले से एक बेहद दर्दनाक और भीषण हादसे की खबर सामने आई है। नामची जिले के सामरदुंग (झोलुंगे) स्थित नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में अचानक हुए हादसे के कारण 8 मजदूरों की दुखद मौत हो गई है।
घटना के बाद से ही सुरंग के भीतर कई अन्य श्रमिकों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
मंगलवार सुबह जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में अब तक आठ लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है।
राहत कर्मियों द्वारा अब तक सात शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जिन्हें आवश्यक प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के लिए सिंगताम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल (गंगटोक) तथा नामची जिला अस्पताल भेजा गया है।
गैस लीक और अचानक मलबा गिरने से हुआ हादसा
प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर को उस समय घटी जब सुरंग के भीतर निर्माण कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि सुरंग के अंदर अचानक जहरीली गैस का रिसाव शुरू हुआ, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते सुरंग का एक हिस्सा ढह गया।
गैस रिसाव और मलबे की वजह से वहां काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए। अचानक हुई इस घटना के बाद तुरंत स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों को सूचित किया गया, जिसके बाद तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
27 मजदूरों के फंसे होने की आशंका, NDRF सुरंग के भीतर दाखिल
हादसे की गंभीरता को देखते हुए नामची जिले की जिलाधिकारी (DC) अनूपा टमलिंग ने स्थिति की जानकारी साझा करते हुए बताया:
”ऐसी प्रबल संभावना है कि लगभग 27 मजदूर अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हो सकते हैं। हालांकि, सुरंग के भीतर की परिस्थितियां बेहद जटिल हैं और अंदर का पूरा जायजा न मिल पाने के कारण फंसे हुए लोगों की सटीक संख्या की पुष्टि होना बाकी है।”
ज़िलाधिकारी ने आगे बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की एक विशेष और प्रशिक्षित टीम सभी सुरक्षा उपकरणों के साथ सुरंग के भीतर दाखिल हो चुकी है। रेस्क्यू टीम मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों तक ऑक्सीजन तथा अन्य जरूरी मदद पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
NDRF टीम के बाहर लौटने के बाद ही अंदर फंसे मजदूरों की वास्तविक स्थिति और सही आंकड़े स्पष्ट हो सकेंगे।
युद्धस्तर पर जारी है ‘मेगा रेस्क्यू ऑपरेशन’
हादसे के तुरंत बाद पूरा राज्य प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर आ गया है। नामची जिला प्रशासन की देखरेख में चलाए जा रहे इस राहत अभियान में देश और राज्य की शीर्ष बचाव एजेंसियां शामिल हैं।
बचाव कार्य में जुटी मुख्य एजेंसियां:
• NDRF: पाक्योंग और सिलीगुड़ी से बुलाई गई विशेष टीमें।
• SDRF व सिक्किम पुलिस: स्थानीय स्तर पर समन्वय और त्वरित मदद।
• अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं: जहरीली गैस और मलबे से निपटने के लिए तैनात।
• स्वास्थ्य विभाग: मौके पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों की तैनाती।
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) पूरे घटनाक्रम और बचाव कार्य पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा है।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने जताया गहरा शोक
इस दुखद घटना पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पूरी राज्य सरकार और सिक्किम की जनता शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री तामांग ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से राहत एवं बचाव कार्य की पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने मीडिया और जनता को संबोधित करते हुए कहा:
”विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद हमारी बचाव टीमें अदम्य साहस और समर्पण के साथ काम कर रही हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई जाए और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाए।”
अफवाहों से बचने की अपील
मुख्यमंत्री ने राज्य के नागरिकों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अपुष्ट और भ्रामक सूचनाएं न फैलाने की हिदायत दी है।
सीएम ने जनता से प्रभावित श्रमिकों की सकुशल वापसी और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध किया है।
सुरक्षा मानकों और तीस्ता परियोजना पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर पहाड़ी राज्यों में सुरंग निर्माण और टनल प्रोजेक्ट्स के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। तीस्ता स्टेज-6 परियोजना NHPC की एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण जलविद्युत परियोजना है, लेकिन इस तरह की जहरीली गैस लीक और टनल ढहने की घटना ने निर्माण एजेंसी की तैयारियों और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
फिलहाल, प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। इसके बाद ही हादसे के असल कारणों की विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।








