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Kedarnath Yatra Stopped : छौड़ी के पास पहाड़ी से गिरे विशालकाय बोल्डर और मलबा, प्रशासन ने रोकी पैदल यात्रा; घोड़ा पड़ाव पर रोके गए श्रद्धालु

On: July 17, 2026 8:45 AM
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Security forces stopping a large crowd of pilgrims at a checkpoint on the Kedarnath trekking route due to a massive landslide blocking the path with boulders.

मुख्य बिंदु (Key Highlights):


• ​केदारनाथ पैदल मार्ग पर छौड़ी के पास अचानक हुआ भारी भूस्खलन।


• ​पहाड़ी से गिरे बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे के कारण मार्ग बेहद जोखिमपूर्ण और संवेदनशील।


• ​यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोका।


• ​यात्रा प्रबंधन बल की टीम घोड़ा पड़ाव पर तैनात, यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की अपील।


​रुद्रप्रयाग/केदारनाथ धाम:


​उत्तराखंड में मौसम के बदलते मिजाज और संवेदनशील पर्वतीय भूगोल के कारण एक बार फिर बाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के कदमों पर ब्रेक लग गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर शनिवार को छौड़ी के समीप अचानक पहाड़ी से विशालकाय बोल्डर (भारी पत्थर) और भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण हड़कंप मच गया। इस भूस्खलन की वजह से पैदल मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त और अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गया है।


स्थिति की गंभीरता और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित निर्णय लेते हुए केदारनाथ धाम की ओर जाने वाली पैदल यात्रा को फिलहाल रोक दिया है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित स्थानों पर बने रहें और मार्ग के साफ होने का इंतजार करें।


​छौड़ी के पास अचानक हुआ भूस्खलन, रास्ता हुआ बेहद संवेदनशील

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित छौड़ी नामक स्थान के पास अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया। इसके साथ ही गड़गड़ाहट की आवाज के साथ भारी बोल्डर और भारी मात्रा में कीचड़ व मलबा सीधे मुख्य पैदल मार्ग पर आ गिरा।

गनीमत यह रही कि मलबे की चपेट में कोई यात्री नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
हालांकि, इस घटना के बाद से यह पूरा क्षेत्र बेहद संवेदनशील और खतरनाक हो गया है। पहाड़ी से अभी भी रुक-रुक कर छोटे पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है, जिसके चलते इस मार्ग से इंसानों या घोड़ों-खच्चरों का गुजरना किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है।

​घोड़ा पड़ाव पर तैनात की गई सुरक्षा टीमें, रोके गए यात्री

​भूस्खलन की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन की टीमें और सुरक्षा कर्मी तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए। स्थिति को नियंत्रित करने और यात्रियों को किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाने के लिए ‘यात्रा प्रबंधन बल’ (Travel Management Force) की टीमों को तुरंत हरकत में लाया गया।

​बल की विशेष टुकड़ियों को ‘घोड़ा पड़ाव’ पर तैनात कर दिया गया है। यह टीमें केदारनाथ धाम की ओर आगे बढ़ रहे श्रद्धालुओं को वहीं रोक रही हैं और उन्हें स्थिति की गंभीरता के बारे में समझा रही हैं। जो यात्री पहले से मार्ग पर थे, उन्हें सुरक्षित नजदीकी पड़ावों और शेल्टरों में वापस भेजा जा रहा है ताकि उन्हें रहने और खाने-पीने की कोई असुविधा न हो।

​प्रशासन की अपील: “धैर्य रखें और निर्देशों का पालन करें”

​रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और यात्रा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं से संयम और धैर्य बनाए रखने की पुरजोर अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक तकनीकी टीम और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा इस पूरे मार्ग को पूरी तरह से सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

​”यात्रियों की जान हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही मौसम साफ होता है और मलबे को हटाकर मार्ग को आवाजाही के योग्य बना दिया जाता है, यात्रा को दोबारा सुचारू कर दिया जाएगा। तब तक सभी श्रद्धालु सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें और सहयोग करें।” – प्रशासनिक अधिकारी

​मार्ग खोलने के प्रयास जारी, मौसम बना चुनौती

​पैदल मार्ग से मलबे और भारी बोल्डरों को हटाने के लिए संबंधित विभागों की टीमों को उपकरणों के साथ मौके पर रवाना कर दिया गया है। हालांकि, पहाड़ी के अत्यधिक संवेदनशील होने और लगातार पत्थर गिरने के जोखिम के कारण राहत कार्य में काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में खराब मौसम और लगातार हो रही भू-धंसाव की घटनाएं मार्ग को साफ करने के काम में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

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​यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

​केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकले या आने वाले दिनों में यात्रा की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले नियंत्रण कक्ष (Control Room) या आधिकारिक मौसम बुलेटिन के माध्यम से मार्ग की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें। प्रशासन ने यात्रियों से यह भी कहा है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा बल मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं।

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