अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

हरित क्रांति की ओर भारतीय रेलवे का ऐतिहासिक कदम: जींद से रवाना हुई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, खुद बनाएगी बिजली

On: July 17, 2026 7:01 AM
Follow Us:
India's first hydrogen fuel cell train departing from Jind railway station in Haryana

जींद (हरियाणा):


भारतीय रेलवे ने आज सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली ‘हाइड्रोजन फ्यूल सेल’ पैसेंजर ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ऐतिहासिक क्षण न केवल भारतीय रेल के इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की तकनीकी क्षमता का एक बड़ा प्रदर्शन है।

डीजल और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता को कम करते हुए, भारतीय रेलवे अब पूरी तरह से स्वच्छ, टिकाऊ और भविष्य की ऊर्जा तकनीक की ओर कदम बढ़ा चुका है।


इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है, जो पर्यावरण के अनुकूल इस अनूठी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह ट्रेन जींद-सोनीपत रेल मार्ग पर दौड़ रही है, जो आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों के लिए रोल मॉडल साबित होगी।

दुनिया से अलग और बेहद खास है भारत की यह ट्रेन

वैश्विक स्तर पर यदि देखा जाए तो जर्मनी व्यावसायिक रूप से हाइड्रोजन यात्री ट्रेनों का संचालन करने वाला दुनिया का पहला देश बन चुका है। इसके अलावा फ्रांस, इटली, चीन और जापान जैसे बड़े देश भी इस दिशा में प्रायोगिक परियोजनाओं (Experimental Projects) और सीमित परिचालनों पर लगातार काम कर रहे हैं। लेकिन, भारत की यह हाइड्रोजन ट्रेन कई मायनों में दुनिया के अन्य देशों से काफी अलग और उन्नत है।


आमतौर पर विदेशों में चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में केवल दो से चार डिब्बे (कोच) होते हैं और उन्हें मुख्य रूप से बहुत ही सीमित क्षेत्रीय यात्री सेवाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके विपरीत, भारत ने अपनी पहली ही कोशिश में एक बड़ी छलांग लगाई है। जींद-सोनीपत मार्ग पर शुरू की गई इस स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन में कुल 10 कोच शामिल किए गए हैं। इन 10 डिब्बों में एक साथ 2600 यात्रियों को सफर कराने की विशाल क्षमता है, जो इसे दुनिया की सबसे व्यावहारिक और उच्च क्षमता वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बनाती है।

ये भी पढ़े➜पश्चिम बंगाल: मुर्शिदाबाद में खुला रह गया रेलवे फाटक, पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आई स्कूल वैन; दो मासूम छात्रों समेत 3 की दर्दनाक मौत, 5 घायल

ट्रेन के भीतर ही बनेगी बिजली: जानिए कैसे काम करती है यह तकनीक

इस हाइड्रोजन ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका पावर सिस्टम है। यह ट्रेन चलने के लिए बाहरी बिजली के तारों (Overhead Wires) या भारी-भरकम डीजल इंजनों पर निर्भर नहीं है। दरअसल, यह ट्रेन एक चलती-फिरती पावर ग्रिड की तरह है, जो सफर के दौरान अपने भीतर ही बिजली पैदा करती है।


ट्रेन में लगी अत्याधुनिक हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक (Hydrogen Fuel Cell Technology) हवा में मौजूद ऑक्सीजन और ट्रेन में स्टोर की गई हाइड्रोजन के बीच एक रासायनिक प्रतिक्रिया (Chemical Reaction) कराती है। इस प्रतिक्रिया के जरिए भारी मात्रा में बिजली उत्पन्न होती है, जिससे ट्रेन की मोटरें चलती हैं। इस पूरी प्रक्रिया का सबसे खूबसूरत हिस्सा यह है कि इसमें पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी हानिकारक धुआं या विषैली गैसें नहीं निकलती हैं।

साइलेंसर से धुएं की जगह केवल जल वाष्प (Water Vapor) यानी पानी की बूंदें बाहर आती हैं। यही वजह है कि यह तकनीक लगभग शून्य कार्बन उत्सर्जन (Zero Carbon Emission) सुनिश्चित करती है।

सुरक्षा की अभेद्य ढाल: आग लगते ही एक्टिव होगा ऑटोमैटिक सिस्टम

चूंकि हाइड्रोजन एक अत्यधिक ज्वलनशील गैस है, इसलिए भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन के डिजाइन में सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। ट्रेन के भीतर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों वाली एक मजबूत सुरक्षा प्रणाली (Multi-Layer Security System) तैनात की गई है:

  • रियल-टाइम लीकेज मॉनिटरिंग: ट्रेन के फ्यूल टैंक और पाइपलाइनों में अत्यधिक संवेदनशील सेंसर्स लगाए गए हैं, जो चौबीसों घंटे हाइड्रोजन रिसाव (Leakage) की रियल-टाइम निगरानी करते हैं। जरा सा भी रिसाव होने पर यह सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है।
  • एडवांस्ड फायर एंड स्मोक डिटेक्शन: ट्रेन के डिब्बों और इंजन रूम में आग, धुआं और तापमान में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव का स्वत: (ऑटोमैटिक) पता लगाने की अत्याधुनिक व्यवस्था की गई है।
  • स्वचालित शटडाउन सिस्टम: यदि ट्रेन के किसी भी हिस्से में आग लगने या गैस रिसाव की गंभीर स्थिति पैदा होती है, तो इसका ‘स्मार्ट इमरजेंसी सिस्टम’ बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के तुरंत एक्टिव हो जाएगा। यह सिस्टम सेकंड के सौवें हिस्से में हाइड्रोजन की सप्लाई को स्वचालित रूप से पूरी तरह बंद (Shut Down) कर देगा, जिससे किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सके।

जींद में बना देश का पहला हाई-टेक रिफ्यूलिंग स्टेशन

इस पूरी परियोजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का भी विशेष ख्याल रखा गया है। हरियाणा के जींद में देश का पहला और सबसे अत्याधुनिक 3000 किलोग्राम क्षमता वाला हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन स्थापित किया गया है।

यह स्टेशन बेहद कम समय में ट्रेन के भीतर सुरक्षित तरीके से हाइड्रोजन गैस भरने की क्षमता रखता है। इस रिफ्यूलिंग स्टेशन को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि आने वाले समय में ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर भी ईंधन की कमी न हो।

भारतीय रेल के ऊर्जा परिवर्तन का नया सवेरा

यह परियोजना सिर्फ एक नई ट्रेन सेवा की शुरुआत नहीं है, बल्कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खिलाफ भारत की लड़ाई का एक बड़ा एलान है। भारतीय रेलवे का लक्ष्य आने वाले वर्षों में अपने पूरे नेटवर्क को नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जक बनाना है, और यह हाइड्रोजन ट्रेन इसी दिशा में उठाया गया सबसे क्रांतिकारी कदम है।


डीजल इंजनों के हटने से न केवल करोड़ों रुपये के विदेशी ईंधन के आयात की बचत होगी, बल्कि देश के वातावरण को स्वच्छ रखने में भी अभूतपूर्व मदद मिलेगी। जींद से शुरू हुआ यह सफर आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों—विशेष रूप से पहाड़ी और हेरिटेज रूटों (जैसे कालका-शिमला) पर भी देखने को मिल सकता है, जिससे भारतीय रेल का भविष्य पूरी तरह से हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त हो जाएगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Indian-origin teen Arjun Arvind arrested in Massachusetts US double murder case

​Arjun Arvind Double Murder Case: अमेरिका में भारतीय मूल के 17 साल के किशोर ने मां और भाई को उतारा मौत के घाट, ChatGPT पर सर्च की थीं हत्या की कहानियां

एअर इंडिया पायलट डोप टेस्ट में पॉजिटिव: फुकेट-दिल्ली फ्लाइट उड़ाने से पहले पिया था गांजा, लैब जांच में हुई पुष्टि

बेंगलुरू के 5-स्टार होटल में सनसनीखेज वारदात: पति ने पत्नी के अफेयर के शक में दो मासूम बेटियों की हत्या की, फिर खुद का गला काटा

India Weather Update showing heavy rain alert in Delhi Uttar Pradesh Bihar Kerala Uttarakhand and Himachal Pradesh

India Weather Update: दिल्ली में हल्की बारिश, यूपी-बिहार में भारी बारिश का अलर्ट, केरल से उत्तराखंड तक बदला मौसम!

India Weather Update: Rain continues in Delhi-NCR; alerts issued for regions ranging from Bihar and Bengal to Assam; 'Yellow Alert' also for Uttarakhand and Himachal.

India Weather Update: दिल्ली-NCR में बारिश का दौर जारी, बिहार-बंगाल से लेकर असम तक अलर्ट, उत्तराखंड और हिमाचल में भी येलो अलर्ट

पटना में NH-30 पर भीषण हादसा: तेज रफ्तार बस ने युवक को रौंदा, आक्रोशित भीड़ ने बस और पुलिस गाड़ियों समेत कई वाहनों को फूंका

Leave a Comment