हरिद्वार (बहादराबाद):
उत्तराखंड के धार्मिक स्थल हरिद्वार के बहादराबाद थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। डीपीएस दौलतपुर के समीप गंगनहर में एक वर्षीय मासूम बच्ची के साथ लापता हुई विवाहिता के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है।
शुरुआती जांच में जहाँ पति ने इस पूरी घटना को एक घरेलू विवाद के बाद उठाया गया आत्मघाती कदम (आत्महत्या) बताया था, वहीं अब महिला के मायके पक्ष ने इसे एक सोची-समझी साजिश और हत्या का प्रयास करार दिया है।
पीड़ित महिला के भाई की तहरीर पर स्थानीय बहादराबाद पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के पांच सदस्यों के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, दूसरी ओर जल पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें गंगनहर के तेज बहाव में लापता मां और बेटी की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
क्या था शुरुआती मामला? पति का दावा
पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कलियर थाना क्षेत्र के कोटा मुरादनगर का रहने वाला अर्जुन रविवार को अपनी पत्नी सरिता, चार वर्षीय बेटे और एक वर्षीय बेटी के साथ मोटरसाइकिल से बहादराबाद स्थित रायपुर दरेड़ा गांव जा रहा था। रायपुर दरेड़ा में सरिता का मायका है।
पति अर्जुन का दावा है कि रास्ते में चलते समय किसी बात को लेकर उन दोनों के बीच तीखी बहस और विवाद हो गया। अर्जुन ने पुलिस को बताया कि विवाद इस कदर बढ़ गया कि सरिता ने गुस्से में आकर बाइक रुकवाई और अपनी एक वर्षीय दुधमुंही बच्ची को गोद में लेकर डीपीएस दौलतपुर के पास बह रही गंगनहर में छलांग लगा दी। घटना के तुरंत बाद हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों व पुलिस को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं और नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन सोमवार देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
मायके पक्ष का पलटवार: “नहर में कूदी नहीं, धक्का देकर फेंका गया”
घटना के अगले ही दिन सोमवार को इस मामले ने उस समय एक नया और संगीन रूप ले लिया, जब लापता महिला सरिता के भाई भूपेंद्र कुमार ने बहादराबाद थाने पहुंचकर पुलिस को एक लिखित तहरीर सौंपी। मायके पक्ष द्वारा दी गई इस शिकायत ने पति के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
भाई भूपेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी बहन सरिता की शादी २७ जून २०२० को कोटा मुरादनगर निवासी अर्जुन के साथ हुई थी।
आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग सरिता के व्यवहार और जीवन से संतुष्ट नहीं थे। पति अर्जुन, ससुर बालेश्वर, सास कलावती और ननदें शीतल व बुलबुल लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर सरिता का मानसिक और शारीरिक रूप से उत्पीड़न कर रहे थे।
शिकायत में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया गया कि घटना से ठीक एक दिन पहले यानी ११ जुलाई की रात को सरिता ने अपने मायके फोन किया था।
फोन पर सरिता बेहद डरी हुई थी और रोते हुए उसने बताया था कि उसके साथ ससुराल में बुरी तरह मारपीट की जा रही है। उसने यह अंदेशा भी जताया था कि ससुराल वाले उसे और उसकी एक वर्षीय बेटी को जान से मारने की कोशिश कर रहे हैं। उस समय मायके वालों ने सरिता को ढांढस बंधाया और अगले दिन आकर मामला सुलझाने का भरोसा दिया था।
लेकिन अगले ही दिन उन्हें अर्जुन का फोन आया कि सरिता बच्ची समेत गंगनहर में कूद गई है। मायके पक्ष का स्पष्ट आरोप है कि सरिता और उसकी बेटी खुद नहर में नहीं कूदी हैं, बल्कि उनके साथ मारपीट करने के बाद उन्हें साजिशन गंगनहर में धक्का दिया गया है।
दहेज उत्पीड़न और हत्या की धाराओं में ५ पर केस दर्ज
महिला के भाई द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों के बाद बहादराबाद पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित पति अर्जुन, ससुर बालेश्वर, सास कलावती, ननद शीतल और ननद बुलबुल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मारपीट और जान से मारने के प्रयास जैसी संबंधित संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है और ससुराल पक्ष के सभी नामजद सदस्यों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
लापता मां-बेटी की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी: थाना प्रभारी
इस पूरे सनसनीखेज घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए बहादराबाद थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया:
”मृतका/लापता महिला के भाई की ओर से प्राप्त लिखित तहरीर के आधार पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ कानूनन मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले के हर एक पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
इसके साथ ही, गंगनहर के तेज प्रवाह में लापता हुई मां और उनकी एक वर्षीय मासूम बच्ची की तलाश के लिए जल पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) का सर्च अभियान लगातार और युद्धस्तर पर जारी है।”
फिलहाल पुलिस के सामने यह मामला दो अलग-अलग दावों के बीच उलझा हुआ है। एक तरफ जहां पति अर्जुन इसे एक अचानक उपजे विवाद के बाद की गई आत्महत्या की घटना बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ मायके पक्ष के गंभीर आरोपों ने इसे दहेज के लिए हत्या के प्रयास के रूप में तब्दील कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे घटनाक्रम के समय की कॉल डिटेल्स, लोकेशन और गवाहों के साक्ष्यों के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।










