Overseas Employment PMU: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के युवाओं को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में Overseas Employment PMU के गठन को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले का उद्देश्य राज्य के युवाओं को विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जोड़ना, उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना और सुरक्षित एवं व्यवस्थित रोजगार उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में कुशल मानव संसाधन की वैश्विक मांग लगातार बढ़ेगी। ऐसे में यदि उत्तराखंड के युवाओं को सही प्रशिक्षण, भाषा कौशल और अंतरराष्ट्रीय रोजगार प्रक्रियाओं की जानकारी मिले तो वे विदेशों में बेहतर करियर बना सकते हैं। इसी सोच के तहत Overseas Employment PMU को स्थापित किया जा रहा है।
स्किल हब से जुड़ेगा विदेश रोजगार का नया मॉडल
उत्तराखंड में पहले से ही कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के तहत सहसपुर स्किल हब में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में यह प्रकोष्ठ भारत सरकार के NSDC-International के सहयोग से विभिन्न देशों में कुशल कार्यबल की मांग के अनुसार युवाओं को जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
हालांकि, सरकार ने महसूस किया कि अंतरराष्ट्रीय नियोक्ताओं, विदेशी दूतावासों और विभिन्न देशों की कंपनियों के साथ सीधे समझौते करने के लिए विशेषज्ञों की आवश्यकता है। सीमित मानव संसाधन और तकनीकी विशेषज्ञता की कमी के कारण कई अवसरों का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसी चुनौती को दूर करने के लिए Overseas Employment PMU का गठन किया जाएगा।
तीन वर्षों के लिए बनेगा पीएमयू, सात नए पदों को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने पहले चरण में Overseas Employment PMU को तीन वर्षों के लिए स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस अवधि के दौरान इसकी कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे इसकी अवधि बढ़ाई जाएगी।
इसके साथ ही पीएमयू के संचालन के लिए सात नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इन विशेषज्ञों की नियुक्ति के बाद विदेश रोजगार से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तेज बनाया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि अलग विशेषज्ञ टीम बनने से अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
युवाओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण
Overseas Employment PMU केवल नौकरी दिलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को विदेशों में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार भी करेगा।
इसके तहत एडवांस ट्रेड स्पेसिफिक ट्रेनिंग (Advance Trade Specific Training), भाषा प्रशिक्षण (Language Training), सांस्कृतिक समझ, कार्यस्थल व्यवहार और प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन जैसे कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य है कि राज्य का प्रत्येक इच्छुक युवा जिस देश में रोजगार के लिए जाए, वहां के कार्य वातावरण और आवश्यकताओं के अनुरूप पहले से प्रशिक्षित हो।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार होंगे स्किल कोर्स
नई व्यवस्था के तहत राज्य के स्किल डेवलपमेंट पाठ्यक्रमों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, जापान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अन्य देशों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे ताकि उत्तराखंड के युवाओं की योग्यता सीधे अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की मांग से मेल खा सके।
इस प्रक्रिया में राज्य कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग (DoSDE) तथा SETU आयोग के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद से कौशल प्रशिक्षण को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा।
भर्ती एजेंसियों और विदेशी नियोक्ताओं से होंगे सीधे समझौते
Overseas Employment PMU का एक महत्वपूर्ण कार्य लाइसेंस प्राप्त भर्ती एजेंसियों, विदेशी नियोक्ताओं और विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय स्थापित करना होगा।
केवल अधिकृत और वैध भर्ती एजेंसियों के माध्यम से ही युवाओं की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अवैध भर्ती की संभावना समाप्त हो सके।
सरकार का उद्देश्य विदेश रोजगार की पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।
ऑनलाइन पोर्टल और शिकायत निवारण प्रणाली होगी विकसित
राज्य सरकार युवाओं के लिए एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित करेगी, जिसके माध्यम से विदेशों में उपलब्ध रोजगार, आवेदन प्रक्रिया, चयन की स्थिति और प्लेसमेंट की जानकारी वास्तविक समय (Real-Time) में उपलब्ध होगी।
इसके अलावा प्रवासी श्रमिकों के लिए शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित की जाएगी, जिससे विदेश में कार्यरत उत्तराखंड के युवाओं को किसी भी समस्या की स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके।
Overseas Employment PMU के तहत युवाओं का डिजिटल डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा ताकि विभिन्न देशों की मांग के अनुसार योग्य उम्मीदवारों का चयन तेजी से किया जा सके।
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावासों से होगा समन्वय
नई व्यवस्था के तहत विदेश मंत्रालय (MEA), NSDC-International तथा विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों के साथ भी नियमित समन्वय स्थापित किया जाएगा।
इससे वीजा प्रक्रिया, प्रवासन संबंधी औपचारिकताओं, सुरक्षा मानकों और रोजगार सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी बन सकेंगी।
सरकार चाहती है कि विदेश जाने वाला प्रत्येक युवा सुरक्षित, प्रशिक्षित और कानूनी रूप से प्रमाणित प्रक्रिया के माध्यम से ही रोजगार प्राप्त करे।
राज्य के युवाओं के लिए रोजगार का नया अध्याय
विशेषज्ञों का मानना है कि Overseas Employment PMU उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। इससे राज्य के कुशल युवाओं को बेहतर वेतन, वैश्विक अनुभव और दीर्घकालिक करियर के अवसर मिलेंगे।
साथ ही राज्य में कौशल विकास कार्यक्रमों को भी नई दिशा मिलेगी। सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल करना है।
यदि यह पहल प्रभावी ढंग से लागू होती है तो आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में उत्तराखंड के युवा सुरक्षित और संगठित तरीके से विदेशों में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी इसका सकारात्मक लाभ मिलेगा।




