मसूरी:
पर्यटन नगरी और ‘पहाड़ों की रानी’ के नाम से मशहूर मसूरी से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ वीकेंड पर मॉल रोड से लेकर लाइब्रेरी पुलिस चौकी तक शराब के नशे में धुत एक युवती ने जमकर हंगामा काटा।
बताया जा रहा है कि नशे में मदहोश युवती ने न सिर्फ राहगीरों को परेशान किया, बल्कि खाकी का खौफ भूलकर पुलिसकर्मियों के साथ भी जमकर अभद्र भाषा और गाली-गलौज का इस्तेमाल किया।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय जनता और नेटिजन्स पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठा रहे हैं।
देर रात बीच सड़क पर शुरू हुआ हंगामा
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा वाकया रविवार देर रात (तड़के करीब 3 बजे) का है। मॉल रोड पर दो युवक और दो युवतियां घूम रहे थे। चारों सैलानी बताए जा रहे हैं। इसी दौरान उनमें से एक युवती ने अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन कर लिया। नशे का सुरूर इस कदर चढ़ा कि युवती पूरी तरह से अपने होश खो बैठी और बीच सड़क पर ही हंगामा करने लगी।
उसके साथ मौजूद दोनों युवकों ने उसे संभालने और शांत कराने की काफी कोशिश की, लेकिन युवती उनके नियंत्रण से पूरी तरह बाहर हो चुकी थी।
जब स्थिति हाथ से निकल गई और युवती का ड्रामा बढ़ने लगा, तो थक-हारकर उसके साथ आए युवकों ने खुद ही पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और युवती को हिरासत में लेकर लाइब्रेरी पुलिस चौकी ले आई।
पुलिस चौकी में भी चलती रही ‘हाई-वोल्टेज’ नौटंकी
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पुलिस चौकी पहुंचने के बाद भी युवती के तेवर ठंडे नहीं पड़े। उसने चौकी के भीतर भी अपना हाई-वोल्टेज ड्रामा जारी रखा। नशे में पूरी तरह धुत युवती ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी की, उन्हें अपशब्द कहे और काफी देर तक हंगामा खड़ा करके रखा।
इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में इस पूरे तमाशे को कैद कर लिया। वीडियो में युवती साफ तौर पर हंगामा करती और मर्यादा की सीमाएं लांघती नजर आ रही है। काफी मशक्कत और घंटों की समझाइश के बाद जब युवती का नशा थोड़ा कम हुआ, तब जाकर पुलिस ने उसे शांत कराया।
बिना कार्रवाई घर भेजने पर भड़का विवाद: ‘कानून सिर्फ आम आदमी के लिए?’
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब पुलिस ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता करने और सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव मचाने वाली युवती पर कोई कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उसे चुपचाप उसके घर भेज दिया। पुलिस के इस ढीले रवैये को लेकर अब मसूरी के स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि अगर ऐसा ही हंगामा किसी स्थानीय या आम नागरिक ने किया होता, तो पुलिस अब तक उस पर सार्वजनिक शांति भंग करने (SDR), नशे में उपद्रव मचाने और सरकारी काम में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज चुकी होती। लेकिन इस मामले में पुलिस का ‘नरम रुख’ और ‘VIP ट्रीटमेंट’ चर्चा और विवाद का विषय बन गया है।
क्या कहती है मसूरी पुलिस?
मामले के तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बयान जारी किया है। उन्होंने बताया:
”देर रात दो युवक और दो युवतियां मॉल रोड पर घूम रहे थे। उनमें से एक युवती ने बहुत ज्यादा शराब पी रखी थी और वह अपने साथियों के नियंत्रण में नहीं आ रही थी। युवकों ने खुद पुलिस से सुरक्षा और सहायता मांगी थी। पुलिस मानवीय आधार पर युवती को चौकी लेकर आई, जहां उसे काफी देर तक समझाया गया। जब स्थिति सामान्य हुई, तो उसे सुरक्षित उसके घर भेज दिया गया।”
पर्यटन और शहर की छवि पर लग रहा दाग
मसूरी के जागरूक नागरिकों का मानना है कि पर्यटन सीजन के दौरान इस तरह की हुड़दंगबाजी और अश्लीलता शहर की शांत वादियों और पर्यटन की छवि को बुरी तरह प्रभावित करती है। देश-विदेश से लोग सपरिवार यहाँ घूमने आते हैं, ऐसे में देर रात बीच सड़क पर इस तरह के अश्लील ड्रामे कानून व्यवस्था का मजाक उड़ाते हैं।
सोशल मीडिया पर भी लोग उत्तराखंड पुलिस को टैग करके लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि क्या कानून का पालन केवल गरीब और सीधे-साधे लोगों पर ही लागू होता है? क्या पुलिस के साथ गाली-गलौज करने वालों को केवल ‘समझा-बुझाकर’ छोड़ देना न्यायसंगत है? बहरहाल, इस वीडियो के वायरल होने के बाद अब पुलिस के आला अधिकारियों पर आरोपी युवती के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।











