खेल डेस्क, नई दिल्ली:
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फुटबॉल इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबले में नॉर्वे ने पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील को 2-1 से धूल चटा दी है।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही नॉर्वे ने पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। वहीं दूसरी ओर, इस करारी शिकस्त ने ब्राजील के करोड़ों फैंस का दिल तोड़ दिया है और टीम टूर्नामेंट से उम्मीद से काफी पहले बाहर हो गई है।
36 साल बाद ब्राजील का सबसे शर्मनाक एग्जिट
यह हार ब्राजीलियाई फुटबॉल के इतिहास में एक काले अध्याय की तरह दर्ज हो गई है। साल 1990 के बाद यह पहला मौका है जब ब्राजील की टीम वर्ल्ड कप में इतनी जल्दी (राउंड ऑफ 32) बाहर हुई है। 1990 के वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना ने ब्राजील को राउंड ऑफ 16 में हराकर बाहर किया था।
ब्राजील ने अपने 24 साल के खिताबी सूखे को खत्म करने के लिए दिग्गज कोच कार्लो एंसेलोटी को जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन वह भी टीम की किस्मत नहीं बदल सके। इसके साथ ही एक और शर्मनाक रिकॉर्ड ब्राजील के नाम जुड़ गया है—यह लगातार छठा वर्ल्ड कप है जब किसी यूरोपीय देश ने ब्राजील को नॉकआउट स्टेज में बाहर का रास्ता दिखाया है।
पहले हाफ में गोलकीपर नाइलैंड बने ‘चट्टान’
मैच की शुरुआत से ही मैदान पर जबरदस्त ड्रामा और रोमांच देखने को मिला। खेल के तीसरे ही मिनट में नॉर्वे के पैट्रिक बर्ग ने गेंद को नेट में डाल दिया था, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद इसे ऑफसाइड करार दिया गया। इसके बाद ब्राजील ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत की। क्रिस्टोफर अयेर द्वारा बॉक्स के अंदर मैथ्यूस कुन्हा को गिराए जाने पर रेफरी ने पहले पेनल्टी देने से इनकार किया, लेकिन VAR के हस्तक्षेप के बाद ब्राजील को पेनल्टी मिल गई।
यहाँ से नॉर्वे के गोलकीपर ओर्जान नाइलैंड के जादुई प्रदर्शन की कहानी शुरू हुई। नाइलैंड ने अद्भुत सूझबूझ दिखाते हुए ब्रूनो गुइमारेस की दमदार पेनल्टी किक का शानदार बचाव किया। नाइलैंड यहीं नहीं रुके; उन्होंने विनीसियस जूनियर और गेब्रियल मार्टिनेली के कई अचूक शॉट्स को रोककर ब्राजील को बढ़त लेने का कोई मौका नहीं दिया। हाफ-टाइम से ठीक पहले एर्लिंग हालैंड के पास पर मार्टिन ओडेगार्ड ने एक बुलेट शॉट लगाया, जिसे ब्राजील के गोलकीपर एलिसन ने हवा में उछलकर बचाया। इस तरह पहला हाफ 0-0 की बराबरी पर छूटा।
दूसरे हाफ में हालैंड का ’11 मिनट का चक्रवात’
दूसरे हाफ में खेल का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया। मैच का रुख बदलने के लिए ब्राजील के कोच ने युवा सनसनी एंड्रिक और 67वें मिनट में चोट के बाद वापसी कर रहे देश के सबसे बड़े सुपरस्टार नेमार को मैदान पर उतारा। नेमार के कदम रखते ही पूरा स्टेडियम ‘नेमार-नेमार’ के नारों से गूंज उठा। लेकिन शायद नियति इस दिन नॉर्वे के साथ थी।
- 79वां मिनट (पहला गोल): एंड्रियास श्जेलडरुप ने लेफ्ट फ्लैंक से एक बेहद खूबसूरत क्रॉस बॉक्स के अंदर भेजा। वहां मौजूद नॉर्वे के ‘गोल मशीन’ एर्लिंग हालैंड ने ब्राजीलियाई डिफेंडर गेब्रियल के ऊपर हवा में ऊंची छलांग लगाते हुए एक शक्तिशाली (बुलेट) हेडर लगाया। गेंद सीधे गोलपोस्ट के कोने में जा धंसी और नॉर्वे ने 1-0 की बढ़त बना ली।
- 90वां मिनट (दूसरा गोल): जब ब्राजील बराबरी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहा था, तभी हालैंड ने ब्राजील की ताबूत में आखिरी कील ठोक दी। बॉक्स के किनारे पर गेंद मिलते ही हालैंड ने बिना कोई गलती किए जमीन से सटा हुआ एक बेहद पावरफुल शॉट खेला, जो एलिसन को छकाते हुए सीधे नेट में चला गया। 11 मिनट के भीतर हालैंड के इस दूसरे गोल ने नॉर्वे को 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी।
मैदान पर तीखी बहस और नेमार का सांत्वना गोल
स्टॉपेज टाइम के 10वें मिनट (90+10वें मिनट) में मुकाबला उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब कासेमीरो पर फाउल होने के कारण ब्राजील को मैच की दूसरी पेनल्टी मिली। पेनल्टी स्पॉट पर नेमार और नॉर्वे के गोलकीपर नाइलैंड के बीच गेंद को कब्जे में लेने को लेकर तीखी बहस और धक्का-मुक्की देखने को मिली, जिसे देख रेफरी को बीच-बचाव करना पड़ा।
इसके बाद नेमार ने ठंडे दिमाग से पेनल्टी को गोल में बदल दिया और स्कोर 2-1 कर दिया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और कुछ ही सेकंड बाद फाइनल सीटी बजते ही नॉर्वे ने इतिहास रच दिया।











