NEET Paper Leak Protest: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों में लगातार नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी बीच NEET Paper Leak Protest को लेकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा रिया थापा की मौत के बाद कांग्रेस नेताओं, छात्र-छात्राओं, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके निवास पूजा विहार से कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की और निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला केवल एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवालों का प्रतीक बन चुका है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की मांग की।
रिया थापा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
कैंडल मार्च की शुरुआत रिया थापा के निवास से हुई, जहां सबसे पहले उनके परिवार के साथ मौजूद लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, छात्र, अभिभावक और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि सभा के बाद कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई।
NEET Paper Leak Protest को लेकर सरकार पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस नेता वैभव वालिया ने कहा कि रिया थापा की असमय मौत केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं की घटनाओं ने लाखों छात्रों का विश्वास कमजोर किया है।
उन्होंने कहा कि वर्षों तक कठिन मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य तब प्रभावित होता है, जब परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार छात्रों के सपनों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और यदि परीक्षा प्रणाली पारदर्शी नहीं होगी तो युवाओं का भरोसा कमजोर होगा।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि NEET Paper Leak Protest केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है, जिस पर सभी पक्षों को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
ज्योति रौतेला के नेतृत्व में निकला मशाल जुलूस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में देहरादून में मशाल जुलूस भी निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा, अभिभावक और नागरिक शामिल हुए।
ज्योति रौतेला ने कहा कि युवाओं की भागीदारी इस बात का संकेत है कि वे अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल एक छात्रा के लिए न्याय की मांग नहीं बल्कि पूरे देश में निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था स्थापित करने की मांग है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत हो सके।
प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल
हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं। ऐसे मामलों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ाई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, तकनीकी सुरक्षा और जवाबदेही को और मजबूत किया जाए तो ऐसी घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है।
NEET Paper Leak Protest के दौरान भी कई प्रतिभागियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना देश की प्राथमिकता होनी चाहिए क्योंकि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं।
रिया थापा कौन थीं?
देहरादून की रहने वाली 23 वर्षीय रिया थापा मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने 12वीं की परीक्षा में 97.6 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थीं। परिवार के अनुसार वह लगातार पढ़ाई में जुटी हुई थीं और आगामी परीक्षा की तैयारी कर रही थीं।
कुछ दिन पहले उनका शव उनके घर में फंदे से लटका मिला था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। रिया की मौत के बाद कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की मांग की है।
छात्रों और अभिभावकों की प्रमुख मांगें
कैंडल मार्च और मशाल जुलूस के दौरान छात्रों और अभिभावकों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और सुरक्षित होगी तो युवाओं का भरोसा मजबूत होगा और मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेगा।
शिक्षा व्यवस्था में भरोसा कायम रखने की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं केवल चयन की प्रक्रिया नहीं बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य की आधारशिला होती हैं। इसलिए परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुरक्षा, समयबद्ध जांच और पारदर्शी प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है।
NEET Paper Leak Protest के बीच उठी आवाजें इस बात की ओर संकेत करती हैं कि छात्र अब केवल निष्पक्ष परीक्षा ही नहीं बल्कि जवाबदेह व्यवस्था भी चाहते हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित एजेंसियां और सरकार परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए क्या कदम उठाती हैं।









