हाइलाइट्स:
- बड़ा उलटफेर: राउंड-16 के मुकाबले में नॉर्वे ने ब्राजील को 2-1 से हराकर विश्व कप से बाहर किया।
- भावुक विदाई: जिस मेटलाइफ स्टेडियम से नेमार ने अपना सफर शुरू किया था, वहीं नम आंखों से उसे अलविदा कहा।
- शानदार रिकॉर्ड: 130 मैचों में 80 गोल के साथ ब्राजील के सर्वकालिक महानतम गोलस्कोरर के रूप में हुए रिटायर।
एक युग का अंत: आंसुओं के साथ नेमार ने फुटबॉल जगत को कहा अलविदा
न्यूज डेस्क, नई दिल्ली/न्यूयॉर्क:
विश्व फुटबॉल के सबसे चमकीले सितारों में से एक, नेमार जूनियर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ब्राजील की अप्रत्याशित और दिल तोड़ने वाली हार के बाद इस दिग्गज खिलाड़ी ने संन्यास की घोषणा की।
राउंड-16 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में कमजोर मानी जा रही नॉर्वे की टीम ने ब्राजील को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस ऐतिहासिक उलटफेर के तुरंत बाद, मैदान पर ही नेमार अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए और उन्होंने भारी मन से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का एलान कर दिया।
नॉर्वे ने किया बड़ा उलटफेर, टूट गया ब्राजील का सपना
इस मुकाबले में किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी कि नॉर्वे की टीम पांच बार की चैंपियन ब्राजील को मात दे देगी। लेकिन मैदान पर नॉर्वे के खिलाड़ियों ने रणनीति और जोश के मामले में ब्राजील को पीछे छोड़ दिया। ब्राजील की ओर से एकमात्र गोल नेमार ने ही किया।
उन्होंने मिले पेनल्टी चांस को गोल में तब्दील कर टीम को उम्मीद की किरण दिखाई थी, लेकिन बाकी के खिलाड़ी इस बढ़त को कायम नहीं रख सके और अंततः ब्राजील 2-1 से मैच हार गया। इस हार ने न सिर्फ ब्राजील का विश्व कप जीतने का सपना तोड़ा, बल्कि नेमार के सुनहरे अंतरराष्ट्रीय करियर का भी अंत कर दिया।
”मैंने बहुत कोशिश की, सफर वहीं खत्म हुआ जहां से शुरू हुआ था”
मैच खत्म होने के बाद नेमार पूरी तरह टूट चुके थे। प्रेस से बात करते हुए उन्होंने बेहद भावुक शब्दों में कहा:
”मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। मैं अपनी टीम को जीत दिलाना चाहता था, लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मेरा यह सफर इसी मेटलाइफ स्टेडियम से शुरू हुआ था और आज यहीं पर खत्म हो रहा है। अब सब कुछ समाप्त हो चुका है।”
एक भावुक संयोग:
नेमार ने 9 अगस्त 2010 को अमेरिका के खिलाफ इसी मेटलाइफ स्टेडियम में ब्राजील के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। यह नियति का कैसा खेल है कि ठीक 16 साल बाद, इसी मैदान पर उन्होंने अपने करियर का आखिरी मैच भी खेला।
चोट से जूझते रहे नेमार
इस विश्व कप में नेमार का सफर आसान नहीं रहा। पिंडली (Calf) की चोट के कारण वह पूरी तरह फिट नहीं थे। यही वजह रही कि ब्राजील द्वारा खेले गए पांच मैचों में से वह केवल दो में ही मैदान पर उतर सके। नॉर्वे के खिलाफ अहम मुकाबले में भी वह शुरुआती समय में बेंच पर ही बैठे रहे।
जब उन्हें रिप्लेसमेंट के तौर पर मौका मिला, तो उन्होंने जिम्मेदारी निभाते हुए पेनल्टी पर गोल दागा, लेकिन वह टीम को जीत की दहलीज पार कराने के लिए नाकाफी साबित हुआ।
सांख्यिकी और रिकॉर्ड्स: ब्राजील के ‘किंग’ बनकर हुए विदा
नेमार भले ही वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ विदा नहीं ले पाए, लेकिन ब्राजीलियाई फुटबॉल के इतिहास में उनका नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेगा। वह ब्राजील के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में रिटायर हो रहे हैं।
उनके करियर के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:
| श्रेणी | आंकड़े |
| कुल अंतरराष्ट्रीय मैच | 130 |
| कुल गोल | 80 |
| असिस्ट (Goal Assists) | 59 |
| करियर की अवधि | 16 वर्ष (2010 – 2026 |
| वर्ल्ड कप भागीदारी | 4 बार |
| ओलंपिक पदक | 2 (2012 में सिल्वर, 2016 में गोल्ड) |
ब्राजीलियाई फुटबॉल में कभी न भरने वाली कमी
नेमार का जाना ब्राजील के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका है। अपने 16 साल के लंबे करियर में उन्होंने सांबा फुटबॉल की विरासत को बखूबी संभाला। उन्होंने न केवल गोल किए, बल्कि 59 असिस्ट देकर यह साबित किया कि वह एक बेहतरीन टीम प्लेयर थे। 2016 के रियो ओलंपिक में ब्राजील को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल दिलाना उनके करियर के सबसे बड़े हाइलाइट्स में से एक रहेगा।
नेमार के संन्यास के साथ ही ब्राजीलियाई फुटबॉल के एक सुनहरे और जादुई अध्याय का अंत हो गया है। दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसक आज नम आंखों से इस ‘सांबा मैजिशियन’ को विदाई दे रहे हैं।











