विशेष संवाददाता, उज्जैन।
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से कानून-व्यवस्था और इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक घटना सामने आई है। जिले के बड़नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ग्रामीण इलाके में हथियारों से लैस बेखौफ बदमाशों ने न केवल डकैती और चोरी की वारदात को अंजाम दिया, बल्कि एक आदिवासी परिवार को बंधक बनाकर अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं।
क्षेत्र में बिजली के तार चोरी करने के इरादे से आए तीन बदमाशों ने एक खेत पर चौकीदारी करने वाले परिवार को अपना निशाना बनाया। बदमाशों ने पहले पति को बंधक बनाकर दूर किया और फिर बंदूक की नोक पर महिला के 12 वर्षीय मासूम बेटे के सामने ही उसके साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया। इस जघन्य कृत्य के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
पानी मांगने के बहाने आए थे बदमाश, ऐसे जाल में फंसाया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बड़नगर थाना क्षेत्र के एक गांव की है। पीड़ित आदिवासी परिवार बेहद गरीब है और अपनी आजीविका चलाने के लिए मजदूरी व चौकीदारी का काम करता है। घटना से महज पांच दिन पहले ही एक स्थानीय खेत मालिक ने इस दंपती को अपने खेत और कुएं की रखवाली (चौकीदारी) के लिए काम पर रखा था। परिवार खेत पर ही बने एक छोटे से कमरे में रहकर रात-दिन रखवाली करता था।
गुरुवार की रात पीड़ित महिला, उसका पति और उनका 12 वर्षीय बेटा कमरे में सो रहे थे। तभी देर रात एक अज्ञात बदमाश वहां पहुंचा। उसने बेहद सामान्य तरीके से कमरे का दरवाजा खटखटाया और पीने के लिए पानी मांगा। चौकीदार ने मानवीयता के नाते उसे पानी दे दिया, लेकिन पानी पीने के कुछ ही देर बाद उस बदमाश के दो अन्य साथी भी लाठी-डंडों और अवैध हथियारों (बंदूक) के साथ वहां आ धमके। तीनों बदमाशों ने आते ही परिवार को हथियारों के बल पर डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
पति को बनाया बंधक, मासूम बच्चे के सामने किया अमानवीय कृत्य
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने सबसे पहले विरोध की हर संभावना को खत्म करने के लिए महिला के पति पर हमला किया। बदमाशों ने पति के हाथ-पैर बांध दिए और उसे जबरन घसीटते हुए उस कमरे से काफी दूर ले गए, ताकि उसकी चीख-पुकार किसी को सुनाई न दे। इसके बाद दो बदमाश पति की निगरानी के लिए वहीं रुक गए, जबकि एक बदमाश वापस कमरे में आया।
कमरे में अकेली बची महिला और उसके 12 साल के बेटे पर बदमाश ने बंदूक तान दी।
उसने धमकी दी कि यदि महिला ने शोर मचाया या विरोध किया, तो वह उसके बेटे और पति की जान ले लेगा। डर और दहशत के साए में, उस दरिंदे ने मासूम बच्चे के सामने ही उसकी मां के साथ जबरन दुष्कर्म किया। बर्बरता यहीं नहीं रुकी; इसके बाद पति को बंधक बनाकर बाहर खड़े अन्य दो बदमाश भी बारी-बारी से अंदर आए और उन्होंने भी महिला के साथ घिनौना कृत्य किया। इस पूरी वारदात के दौरान मासूम बच्चा अपनी मां को बचाने के लिए रोता-बिलखता रहा, लेकिन हथियारबंद बदमाशों के आगे दोनों असहाय थे। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
वारदात के पीछे पवन चक्की के महंगे तार चोरी करने का मुख्य उद्देश्य
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बदमाश मूल रूप से उस इलाके में डकैती और चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देने आए थे। जिस खेत पर यह परिवार चौकीदारी कर रहा था, उसके बिल्कुल समीप ही एक कंपनी द्वारा ‘पवन चक्की’ (विंडमिल) लगाने का काम चल रहा है। वहां पर बिजली के बेहद महंगे और भारी तार रखे हुए थे।
महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद बदमाशों ने वहां लगे पांच अलग-अलग खंभों (पोल) से बिजली के कीमती तार भी काट लिए और उन्हें अपने साथ समेट कर ले गए। इस घटना से यह साफ होता है कि आरोपी पेशेवर अपराधी या शातिर चोरों का गिरोह हो सकते हैं, जो क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ थे और जिन्हें पता था कि रात के समय वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होते हैं।
सहमा हुआ परिवार पहुंचा थाने, पुलिस ने गठित की विशेष टीमें
दरिंदों के चंगुल से छूटने और सुबह होने के बाद, शुक्रवार को पीड़ित महिला अपने पति और बच्चे के साथ अत्यंत डरी-सहमी हुई स्थिति में बड़नगर पुलिस थाने पहुंची। पीड़िता ने आपबीती पुलिस अधिकारियों को सुनाई, जिसे सुनकर पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए पीड़िता का तुरंत शासकीय अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया और उसकी काउंसलिंग की।
इस मामले में बड़नगर थाना पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित कठोर धाराओं—जिसमें सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape), बंधक बनाना, हथियारों के बल पर डराना और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act)—के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही, पवन चक्की कंपनी की शिकायत पर बिजली के तार चोरी करने का एक अलग मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
पुलिस प्रशासन का आधिकारिक वक्तव्य:
“यह एक अत्यंत गंभीर और वीभत्स अपराध है। पीड़िता की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म और चोरी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साइबर सेल और स्थानीय मुखबिरों की भी मदद ली जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पैरवी कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”
— वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, उज्जैन जिला
इलाके में बढ़ा तनाव, आदिवासी संगठनों ने जताई गहरी चिंता
इस घटना की खबर जैसे ही आसपास के गांवों और उज्जैन जिले में फैली, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक व आदिवासी संगठनों में गहरा आक्रोश फैल गया। संगठनों का कहना है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले गरीब और आदिवासी परिवारों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
उन्होंने मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा, मानसिक संबल और चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान की जाए। फिलहाल, गांव और आसपास के क्षेत्रों में एहतियातन पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और पुलिस संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।










