कीव/देहरादून (क्राइम डेस्क):
पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध ने एक बार फिर अत्यंत भयानक और विनाशकारी रूप अख्तियार कर लिया है। सोमवार तड़के रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव सहित देश के कई अन्य संवेदनशील हिस्सों पर ताबड़तोड़ और भीषण हवाई हमले किए। इस विनाशकारी एयरस्ट्राइक ने न केवल मानवीय स्तर पर भारी तबाही मचाई है, बल्कि यूक्रेन की अनमोल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी गहरा जख्म दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस हमले में आपातकालीन सेवा के 5 जांबाज बचावकर्मियों (First Responders) सहित कुल 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
इस हवाई हमले का सबसे दर्दनाक और चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल कीव का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक प्रतीक ‘पेचेर्स्क लावर मठ’ (Pechersk Lavra Monastery) सीधे तौर पर रूसी मिसाइलों की चपेट में आ गया। हमले के बाद इस प्राचीन और पवित्र मठ परिसर में भीषण आग लग गई, जिसकी गगनचुंबी लपटों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है।
यूनेस्को विश्व धरोहर ‘कीव पेचेर्स्क लावरा’ मठ मलबे में तब्दील
राजधानी कीव के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर इस तबाही की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि साल 1051 में स्थापित हुआ यह ऐतिहासिक मठ न केवल यूक्रेन बल्कि पूरी दुनिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का एक बड़ा केंद्र है। रूसी गोलाबारी और मिसाइल हमले के कारण इस प्राचीन संरचना को अपूरणीय क्षति पहुँची है।
मठ से उठती आग की भीषण लपटों और धुएं के गुबार को देखकर आसपास के स्थानीय निवासियों में चीख-पुकार मच गई। हमले की विभीषिका इतनी भयानक थी कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए आनन-फानन में जमीन के नीचे बने बंकरों और सब-वे स्टेशनों में शरण लेनी पड़ी। जून महीने की शुरुआत के बाद से यूक्रेन की धरती पर यह रूस का अब तक का सबसे घातक और बर्बर हवाई हमला माना जा रहा है। इससे पहले जून के प्रथम सप्ताह में हुए सिलसिलेवार ड्रोन और मिसाइल हमलों में भी 20 से अधिक नागरिकों की जान जा चुकी है।
”यह रूस के ऑर्थोडॉक्स मूल्यों का असली चेहरा है” – यूक्रेनी पीएम
इस क्रूर हमले के बाद यूक्रेनी नेतृत्व और धार्मिक गुरुओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। यूक्रेनी प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीदेंको ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर बेहद कड़े शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने लिखा:
”यह हमारे निर्दोष लोगों और हमारी ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत पर किया गया एक अत्यंत क्रूर और कायराना हमला है। जो रूस खुद को धार्मिक और ऑर्थोडॉक्स मूल्यों का रक्षक बताता है, यह हमला उसका असली और भयानक चेहरा दुनिया के सामने लाता है।”
वहीं, यूक्रेन के ऑर्थोडॉक्स चर्च के प्रमुख, मेट्रोपॉलिटन एपिफ़ानी ने भी इस त्रासदी पर बेहद तीखा रुख अपनाया। उन्होंने वैश्विक समुदाय को जगाते हुए कहा, “क्रेमलिन के उस ‘एंटीक्राइस्ट’ (शैतान) को और क्या विनाश करना बाकी रह गया है, जिससे दुनिया यह समझ सके कि अब बात करने का नहीं बल्कि निर्णायक कदम उठाने का समय आ गया है? यूक्रेन के खिलाफ जारी इस रूसी आतंकवाद और वैश्विक शांति के बुनियादी सिद्धांतों पर हो रहे हमलों का अंत अब बेहद जरूरी हो गया है।”
1.40 लाख घरों की बत्ती गुल, रिहायशी इलाकों में हाहाकार
कीव के स्थानीय प्रशासन और नागरिक सुरक्षा बलों के अनुसार, इस हवाई हमले का मुख्य निशाना केवल रणनीतिक ठिकाने नहीं थे, बल्कि रूसी मिसाइलों और ड्रोनों ने जानबूझकर रिहायशी इमारतों, व्यस्त बाजारों और नागरिक ठिकानों को भी अपना निशाना बनाया है। इस गोलाबारी के कारण कई बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।
हमले के तुरंत बाद बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को नुकसान पहुँचा है, जिसके कारण कीव और उसके आसपास के इलाकों में लगभग 1 लाख 40 हजार लोगों के घरों की बिजली पूरी तरह गुल हो गई है। प्रभावित इलाकों में पानी और हीटिंग सप्लाई की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे आम नागरिकों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
खार्कीव और सुमी में भी भारी गोलाबारी, बचावकर्मियों ने गंवाई जान
सोमवार तड़के केवल कीव ही नहीं, बल्कि यूक्रेन के एक बहुत बड़े हिस्से में हवाई हमले के सायरन गूंजते रहे। यूक्रेन के आंतरिक मामलों के मंत्री इहोर क्लिमेनको ने टेलीग्राम पर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि देश के दूसरे सबसे बड़े शहर खार्कीव में रूस द्वारा किए गए एक अन्य घातक हमले में आपातकालीन सेवाओं (Emergency Services) के 5 बचावकर्मियों की मौत हो गई।
ये जांबाज कर्मचारी पहले हमले के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम कर रहे थे, तभी रूस ने उसी जगह पर दूसरा हमला (Double-Tap Strike) कर दिया। इस घटना में कम से कम 5 अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। इसके अलावा, सुमी क्षेत्र में हुई भारी गोलाबारी में एक मासूम बच्चे सहित तीन लोगों के घायल होने की खबर है।
हालांकि, इन तमाम प्रत्यक्ष प्रमाणों के बावजूद दोनों देशों (रूस और यूक्रेन) की ओर से आधिकारिक तौर पर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने के दावों से हमेशा इनकार किया जाता रहा है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी स्पष्ट किया है कि युद्ध क्षेत्र की विकट परिस्थितियों के कारण वह स्वतंत्र रूप से इन दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
पोलैंड ने तैनात किए लड़ाकू विमान, नाटो अलर्ट पर
यूक्रेन पर हुए इस भीषण हमले का असर उसके पड़ोसी देशों और यूरोपीय संघ (EU) में भी साफ देखने को मिला। नाटो (NATO) के सदस्य देश पोलैंड ने सोमवार तड़के अपने हवाई क्षेत्र में संभावित रूसी मिसाइल या ड्रोन की घुसपैठ की आशंका को देखते हुए एहतियातन अपने लड़ाकू विमानों (Fighter Jets) को हवा में तैनात कर दिया था। पोलैंड की सीमा सुरक्षा और सेना पूरी तरह से हाई अलर्ट पर थी। हालांकि, स्थिति शांत होने के बाद पोलिश सेना ने आधिकारिक तौर पर ‘X’ पर जानकारी साझा की कि उनके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं हुआ है, जिसके बाद इस अलर्ट को वापस ले लिया गया।
कूटनीतिक हलचल और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाने की तैयारी
यह विनाशकारी हमला ठीक उस समय हुआ है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार को ही यह बयान दिया था कि उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सकारात्मक बातचीत हुई है। दोनों नेताओं ने फ्रांस में आगामी G7 बैठक से पहले, पिछले चार वर्षों से अधिक समय से चल रहे इस खूनी संघर्ष को कूटनीतिक रूप से समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा की थी। लेकिन इस हमले ने शांति वार्ताओं की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फेर दिया है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने इस हमले को ‘बर्बरता की पराकाष्ठा’ बताते हुए कहा है कि यूक्रेन इस मामले को चुपचाप नहीं सहेगा। इस कृत्य के खिलाफ त्वरित और सख्त वैश्विक प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यूक्रेन बहुत जल्द यूनेस्को (UNESCO), संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों का दरवाजा खटखटाएगा। एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना सहित कई यूरोपीय देशों ने भी इस रूसी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और यूक्रेन को और अधिक वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense Systems) मुहैया कराने की मांग की है।











