लालकुआं (नैनीताल):
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के अंतर्गत आने वाले लालकुआं कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के बेरीपड़ाव क्षेत्र में स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास बने एक खाली सरकारी फार्म में बुधवार की सुबह एक अधेड़ महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। महिला के शरीर पर कई जगह चोट के गहरे निशान पाए गए हैं, जिसके कारण पुलिस और स्थानीय लोग इसे सीधे तौर पर हत्या से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस ने फिलहाल मामले को संदिग्ध मानते हुए गहनता से अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है।
बुधवार सुबह मिला शव, मृतका की हुई पहचान
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह बेरीपड़ाव स्थित खुरपिया सरकारी फार्म क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने एक महिला का शव पड़ा हुआ देखा। खाली पड़े इस फॉर्म में शव मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। तत्काल इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब शव को अपने कब्जे में लिया और शिनाख्त की कोशिशें शुरू कीं, तो मृतका की पहचान सुनीता (उम्र लगभग 50 वर्ष) के रूप में हुई। सुनीता स्वर्गीय संतपाल की पत्नी थीं और वर्तमान में बेरीपड़ाव के ही गौलागेट इलाके में निवास कर रही थीं। महिला का शव मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मंगलवार शाम से लापता थी महिला, बदायूं की रहने वाली थी मृतका
पारिवारिक सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका सुनीता मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की रहने वाली थीं। वह पिछले काफी समय से अपने परिवार के साथ लालकुआं के बेरीपड़ाव क्षेत्र में रह रही थीं। सुनीता के पांच बच्चे हैं, जिनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी है और अन्य बच्चे अभी परिवार के साथ ही रहते हैं।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि सुनीता मंगलवार की शाम को अचानक घर से कहीं निकली थीं, लेकिन देर रात तक भी वह वापस नहीं लौटीं। अनहोनी की आशंका के चलते परिवार वालों ने रात में ही उनकी काफी खोजबीन की। अपने स्तर पर रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में ढूंढने के बावजूद जब सुनीता का कहीं कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजन बेहद परेशान हो गए। इसके बाद बुधवार की सुबह सीधे खुरपिया फार्म क्षेत्र से उनकी मौत की दर्दनाक खबर सामने आई।
शरीर पर चोट के निशान, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सुराग
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सुनीता के शरीर पर चोट के कई गंभीर निशान मिले हैं। इन निशानों को देखकर पहली नजर में यही अंदेशा जताया जा रहा है कि महिला के साथ किसी प्रकार की बेरहमी या मारपीट की गई है, जिसके बाद उनकी मौत हुई या फिर साक्ष्य छुपाने के इरादे से शव को यहाँ लाकर फेंक दिया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए लालकुआं कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा और हल्दूचौड़ चौकी प्रभारी अर्जुन नाथ गोस्वामी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी तत्काल घटनास्थल पर बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने शव के आसपास के इलाके और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहाँ से कुछ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य (फिंगरप्रिंट और अन्य नमूने) एकत्र किए हैं, जो इस गुत्थी को सुलझाने में मददगार साबित हो सकते हैं।
आसपास के लोगों से पूछताछ जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही पुलिस की टीमें मृतका के घर के आसपास रहने वाले लोगों, परिजनों और उस रास्ते से गुजरने वाले स्थानीय ग्रामीणों से लगातार पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि मंगलवार शाम को सुनीता को आखिरी बार किसके साथ देखा गया था या वह घर से किस काम के लिए निकली थीं।
लालकुआं कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मृतका के शरीर पर चोट के निशान जरूर हैं, जो मामले को संदिग्ध बनाते हैं, लेकिन मौत के असली और सटीक कारणों का खुलासा केवल और केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) और फॉरेंसिक जांच के अंतिम निष्कर्ष आने के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस का कहना है कि यदि यह हत्या का मामला निकलता है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
इलाके में फैला तनाव और डर का माहौल
इस सनसनीखेज वारदात के बाद से बेरीपड़ाव और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में डर और सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। दिनदहाड़े या रात के अंधेरे में सरकारी फार्म जैसे क्षेत्र में महिला का शव मिलना क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए ताकि असल सच्चाई जल्द से जल्द सामने आ सके।








