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उत्तराखंड आपदा: देवप्रयाग के पास भारी बारिश से ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का 50 मीटर हिस्सा धंसा, चारधाम यात्रा पर असर

On: May 31, 2026 2:34 PM
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​ऋषिकेश/देवप्रयाग:

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के बदलते मिजाज के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। टिहरी गढ़वाल जिले के देवप्रयाग क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलधार बारिश के कारण ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है। मिली जानकारी के अनुसार, देवप्रयाग के समीप भरपूर और तीन धारा के बीच भारी बारिश की वजह से सड़क को सहारा देने वाली सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) अचानक ढह गई। सुरक्षा दीवार गिरने के कारण सड़क का लगभग 50 मीटर हिस्सा पूरी तरह से धंस गया है और नीचे की तरफ से खोखला हो गया है। इस भूस्खलन के बाद राजमार्ग पर यातायात बेहद संवेदनशील हो गया है और एक बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है।


​मूसलधार बारिश के बाद गंगा की ओर समाया हाईवे का हिस्सा

​स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देवप्रयाग और आसपास के इलाकों में शुक्रवार रात से ही मौसम बेहद खराब था। शुक्रवार रात को तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलधार बारिश शुरू हुई, जो शनिवार दोपहर बाद भी रुक-रुक कर जारी रही। शनिवार रात को हुई अतिवृष्टि के कारण भरपूर के पास हाईवे के नीचे बनी सुरक्षा दीवार दबाव झेल नहीं पाई और भरभरा कर नीचे गंगा नदी की ओर गिर गई।


​दीवार ढहने से सड़क का करीब 50 मीटर लंबा हिस्सा हवा में लटक गया है। सड़क के नीचे की मिट्टी पूरी तरह बह जाने के कारण यह हिस्सा अंदर से खोखला हो चुका है। हाईवे की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यदि भारी वाहन या असावधान राहगीर वहां से गुजरते हैं, तो कोई भी बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है।


​पुलिस और प्रशासन मुस्तैद: रात में ही संभाला मोर्चा

​घटना की संवेदनशीलता और चारधाम यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आया। सूचना मिलते ही बछेलीखाल चौकी प्रभारी दीपक लिंगवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रात के अंधेरे में ही मोर्चा संभाला।
​पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र के दोनों ओर बैरियर लगा दिए हैं। इसके साथ ही पूरे डेंजर जोन को सुरक्षा टेप (कौशन टेप) से कवर कर दिया गया है और सड़क के किनारे रेत के कट्टे रखकर वाहनों को सुरक्षित दूरी से निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

​पुलिस की अपील: बछेलीखाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे भरपूर और तीन धारा के बीच से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें। पुलिस ने चालकों से गति धीमी रखने और मौके पर तैनात कर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है।

​जगह-जगह भूस्खलन से यातायात प्रभावित, गिरे मलबे और पत्थर

​इस मुख्य मार्ग पर केवल सड़क धंसने की ही समस्या नहीं है, बल्कि देवप्रयाग और ऋषिकेश के बीच के पूरे स्ट्रेच में कई जगहों पर भूस्खलन (Landslide) सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा सड़क पर गिर रहा है।


​पहाड़ से गिरते पत्थरों के कारण कई स्थानों पर हाईवे को आंशिक रूप से रोकना पड़ रहा है, जिससे यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभाग की जेसेबी (JCB) मशीनें मलबा हटाकर रास्ता साफ करने के काम में जुटी हैं, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों के कारण कार्य में बाधा आ रही है।


​राहत की खबर: वनाग्नि शांत हुई, गर्मी से मिली निजात

​जहां एक तरफ इस भारी बारिश ने बुनियादी ढांचे और यातायात व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है, वहीं दूसरी तरफ इस बारिश के कुछ सकारात्मक पहलू भी सामने आए हैं।

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  • ​जंगलों की आग हुई शांत: पिछले काफी समय से उत्तराखंड के जंगलों में लगी भीषण आग (Forest Fire) प्रशासन के लिए सिरदर्द बनी हुई थी। इस तीन दिवसीय लगातार बारिश से वनों की आग पूरी तरह बुझ गई है, जिससे वन संपदा और वन्यजीवों को बड़ी राहत मिली है।
  • ​मौसम हुआ सुहावना: मैदानी और पर्वतीय इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से स्थानीय लोगों को तत्काल मुक्ति मिल गई है। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
  • ​यात्रियों ने लिया आनंद: हालांकि सफर में मुश्किलें बढ़ी हैं, लेकिन ठंडी हवाओं और खुशनुमा मौसम के कारण चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्री इस बदले हुए मौसम का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।
    ​यात्रियों के लिए आवश्यक गाइडलाइन

​मौसम विभाग और प्रशासन ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी दी है। यदि आप भी ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग पर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

  1. ​रात की यात्रा से बचें: भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में रात के समय यात्रा करने से पूरी तरह बचें।
  2. ​स्थानीय अपडेट्स लें: यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित पुलिस कंट्रोल रूम या आपदा प्रबंधन केंद्र से मार्ग की स्थिति जान लें।
  3. ​धैर्य रखें: यदि मार्ग पर मलबा साफ करने का कार्य चल रहा हो, तो वाहनों की कतार में शांति से अपनी बारी का इंतजार करें और ओवरटेक करने की कोशिश न करें।

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