ऋषिकेश, 19 मई। उत्तराखंड के तीर्थनगरी ऋषिकेश स्थित योगनगरी रेलवे स्टेशन के समीप एक बड़ा रेल हादसा सामने आया है। यहाँ शंटिंग के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस की बोगियां अचानक पटरी से उतर गईं। हादसा इतना गंभीर था कि ट्रेन की एक बोगी ट्रैक से बाहर होकर हवा में लटक गई। ऊंचाई पर स्थित रेलवे ट्रैक से हवा में झूलती इस बोगी को सुरक्षित नीचे उतारना और ट्रैक को बहाल करना रेलवे के इंजीनियरों और रेस्क्यू टीमों के लिए इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस दुर्घटना के बाद से ऋषिकेश रूट पर रेल सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं और कई ट्रेनों के संचालन पर इसका सीधा असर पड़ा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुरादाबाद रेल मंडल के डीआरएम (DRM) खुद मौके पर पहुंच चुके हैं और युद्धस्तर पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, हादसे वाली जगह के पास घनी आबादी होने के कारण रातभर क्षेत्र में अफरा-तफरी और डर का माहौल बना रहा।
हवा में लटकी बोगी: गैस कटर से काटकर अलग करने की कवायद
यह हादसा योगनगरी रेलवे स्टेशन के पास खांडगांव क्षेत्र में उस समय हुआ जब ट्रेन की शंटिंग की जा रही थी। पटरी से उतरी बोगियों में से एक बोगी का हिस्सा ट्रैक से बाहर हवा में इस कदर लटक गया कि उसे सामान्य क्रेन के जरिए हटाना नामुमकिन साबित हो रहा था। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी आकलन के बाद रेलवे के इंजीनियरों ने बोगी को काटकर अलग करने का फैसला लिया।
सुबह करीब 8 बजकर 45 मिनट पर गैस कटर की मदद से बोगी के एक क्षतिग्रस्त हिस्से को बाकी ट्रेन से काटकर अलग किया गया, जिसके बाद वह हिस्सा रेलवे ट्रैक से नीचे जा गिरा। हालांकि, बोगी का दूसरा हिस्सा अभी भी अन्य बोगी से जुड़ा हुआ है, जिसे अलग करने के लिए तकनीकी टीमें लगातार काम कर रही हैं। इससे पहले, मध्यरात्रि को ही दुर्घटनाग्रस्त बोगी के पीछे के हिस्से को छोड़कर बाकी सभी बोगियों को दूसरे इंजन की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था।
मुरादाबाद डीआरएम मौके पर, पर्यटकों की भीड़ से लगा जाम
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। मुरादाबाद रेल मंडल के डीआरएम (DRM) रात में ही अधिकारियों की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गईं। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सहायक कमांडेंट असलम मोहम्मद की अगुवाई में आरपीएफ के जवान मुस्तैदी से मोर्चा संभाले हुए हैं। सुरक्षा के लिहाज से आम लोगों को रेलवे ट्रैक और क्षतिग्रस्त बोगी से दूर रखा जा रहा है।
चूंकि यह हादसा जिस बाईपास मार्ग के पास हुआ है, वह एक प्रमुख पर्यटक रूट है, इसलिए वहां से गुजरने वाले सैलानी और स्थानीय लोग अपने वाहनों को रोककर हादसे का वीडियो और तस्वीरें बनाने में जुट गए। पर्यटकों की इस भारी भीड़ और कौतूहल के कारण बाईपास सड़क पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसे खुलवाने में स्थानीय पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ रहा है।
रेल यातायात ठप: यात्रियों में असमंजस, पुराने ऋषिकेश स्टेशन पर रोकी जा रही हैं ट्रेनें
इस बड़े हादसे के कारण योगनगरी रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया है। जब तक ट्रैक पूरी तरह से क्लियर और सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक इस रूट पर कोई भी ट्रेन नहीं दौड़ पाएगी। रेलवे प्रशासन के मुताबिक, योगनगरी स्टेशन आने वाली सभी आगामी ट्रेनों को अब पुराने ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर ही खड़ा किया जाएगा।
इस रूट पर आने वाली प्रमुख ट्रेन ‘योगा एक्सप्रेस’ के दोपहर 12:30 बजे पहुंचने का समय था, जिसे डायवर्ट कर पुराने स्टेशन पर रोकने की व्यवस्था की गई। वहीं, योगनगरी से रवाना होने वाली पहली ट्रेन योगा एक्सप्रेस है, जिसका तय समय दोपहर 2:55 बजे है। ट्रेनों के निरस्तीकरण, मार्ग परिवर्तन और संचालन को लेकर रेलवे द्वारा कोई अंतिम और स्पष्ट निर्णय न लिए जाने के कारण यात्रियों में भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। रेलवे स्टेशनों पर यात्री अपनी ट्रेनों की जानकारी के लिए भटकते नजर आ रहे हैं।
”सोमेश्वर महादेव ने बचा लिया…” रातभर खौफ में रहे खांडगांव के लोग
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुर्घटनास्थल के ठीक दूसरी तरफ खांडगांव की बड़ी आबादी बसी हुई है। यदि शंटिंग के दौरान रफ्तार थोड़ी भी ज्यादा होती या बोगियां पलटकर आबादी वाले क्षेत्र में गिर जातीं, तो एक बहुत बड़ी जनहानि हो सकती थी। स्थानीय निवासी इस बात से राहत में हैं कि एक बड़ा अनिष्ट होने से टल गया।
क्षेत्र के लोग इसे श्री सोमेश्वर महादेव की असीम कृपा मान रहे हैं, क्योंकि घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर सोमेश्वर नगर में प्रसिद्ध सोमेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। ऋषिकेश की पूर्व महापौर अनीता ममगाईं ने बताया कि जब रात के सन्नाटे में बोगियों के पटरी से उतरने और लोहे के टकराने की जोरदार आवाज आई, तो पूरा खांडगांव सहम गया था।
लोग डर के मारे रातभर सो नहीं पाए और घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने कहा कि यह बाबा सोमेश्वर महादेव का ही आशीर्वाद है कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी कोई जनहानि नहीं हुई और सब सुरक्षित हैं। फिलहाल ट्रैक को साफ करने का काम तेजी से जारी है।










