दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ के पतोर थाना क्षेत्र में एक शख्स ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी ही पत्नी और तीन मासूम बच्चों की डंडे और लोहे की रॉड से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गंभीर रूप से जख्मी कर लिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस क्रूरता को देखकर स्तब्ध है।
सुबह-सुबह शुरू हुआ विवाद और मच गई चीख-पुकार
यह खूनी खेल मंगलवार की सुबह करीब सात बजे खेला गया। स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पतोर थाना क्षेत्र के चंदनपट्टी इलाके में स्थित एक मुर्गा फार्म में पश्चिम बंगाल का रहने वाला संदीप दास अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता था। वह इसी मुर्गा फार्म में मजदूरी का काम करता था। मंगलवार की सुबह किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि संदीप आपा खो बैठा और सनकी हो गया।
उसने घर में रखे डंडे और लोहे की रॉड से अपनी पत्नी और बच्चों पर ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर भी उसका दिल नहीं पसीजा और वह तब तक उन्हें पीटता रहा जब तक कि वे अधमरे नहीं हो गए।
दो मासूमों और मां की मौके पर ही मौत, तीसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम
मृतकों के रिश्तेदार और बच्चों के मामा मंगू दास ने बताया कि अहले सुबह दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद संदीप ने इस खौफनाक कदम को उठाया। आरोपी के बेरहम हमले के कारण उसकी पत्नी फूल कुमारी दास (30 वर्ष), बेटी संध्या दास (6 वर्ष) और बेटे सोनू दास (5 वर्ष) की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
वारदात की सूचना मिलते ही पतोर थाना पुलिस तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस जब घटनास्थल पर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा बेहद भयावह था। चारों तरफ खून बिखरा हुआ था। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि एक बच्चा, जिसकी पहचान 7 वर्षीय हृदय दास के रूप में हुई, उसकी सांसें अभी चल रही थीं।
पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उसे बेहद नाजुक हालत में दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह एक ही झटके में पूरा परिवार खत्म हो गया।
वारदात को अंजाम देकर खुद को भी किया घायल
अपनी पत्नी और तीन बच्चों को बेरहमी से मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी संदीप दास शायद खुद भी सहम गया या फिर उसने पकड़े जाने के डर से आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।
उसने उसी रॉड और धारदार चीज से खुद पर भी हमला कर लिया और गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पुलिस ने उसे भी खून से लथपथ हालत में हिरासत में लेते हुए इलाज के लिए डीएमसीएच (DMCH) में भर्ती कराया है, जहां पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज चल रहा है।
मृतक परिवार की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, मृत महिला और बच्चे मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दालकोला जिला अंतर्गत कुंडी थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। मृतका की पहचान फूल कुमारी दास (30) के रूप में हुई है, जबकि बच्चों में हृदय दास (7), संध्या दास (6) और सोनू दास (5) शामिल हैं। यह पूरा परिवार पिछले कुछ समय से चंदनपट्टी के इसी मुर्गा फार्म में रहकर गुजर-बसर कर रहा था।
एफएसएल (FSL) की टीम पहुंची, जांच में जुटी पुलिस
घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए दरभंगा पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस ने महिला और तीनों बच्चों समेत चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
वारदात के पीछे की असली वजह क्या थी और घरेलू विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था, इसका सटीक पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, हमले में इस्तेमाल किए गए डंडे और रॉड समेत कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं।
पतोर थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी फिलहाल अस्पताल में है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। होश में आने और स्थिति सामान्य होने पर उससे गहन पूछताछ की जाएगी।
पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से तफ्तीश कर रही है कि क्या आरोपी किसी मानसिक तनाव में था या इस हत्याकांड के पीछे कोई और बड़ी वजह है। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद से चंदनपट्टी और आसपास के इलाकों में लोग सहमे हुए हैं।











