रुद्रपुर/ऊधम सिंह नगर: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए रुद्रपुर के प्रतिष्ठित तेल मिल व्यापारी के घर हुई करोड़ों की चोरी का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सरगना समेत तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी बरामद की गई है। इस गिरोह का जाल उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैला हुआ था।
विवाह समारोह में गया था परिवार, पीछे से साफ किया हाथ
घटनाक्रम के अनुसार, रुद्रपुर के आवास विकास क्षेत्र के निवासी और तेल मिल व्यापारी राजेंद्र गोयल 18 अप्रैल को अपने परिवार के साथ रामनगर में एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। घर सूना पाकर शातिर चोरों ने 19 अप्रैल की रात खिड़की/ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और अलमारियों में रखे करोड़ों के जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया। जब व्यापारी का परिवार वापस लौटा, तो घर के हालात देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने एसओजी और स्थानीय पुलिस की कई टीमें गठित कीं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास और शहर के एग्जिट पॉइंट्स पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को शनिवार रात सूचना मिली कि गिरोह का सरगना दीपक गुप्ता अपने अन्य साथियों के साथ सितारगंज के केशवनगर स्थित एक निर्माणाधीन मकान में छिपा हुआ है।
पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- दीपक गुप्ता उर्फ जगदीश गुप्ता (गिरोह का सरगना) – निवासी: केशवनगर, सितारगंज।
- अकील अहमद – निवासी: इस्लामनगर, खटीमा।
- दीपक रस्तोगी उर्फ लड्डू – निवासी: शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर चोरी किया गया माल बरामद किया है, जिसकी बाजार में कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है:
- स्वर्ण आभूषण: 389 ग्राम (करीब 39 तोले)
- चांदी: 3.417 किलोग्राम
- नकदी: 3 लाख रुपये नगद
- अन्य: चोरी की वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल।
सरगना दीपक गुप्ता: अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी
एसएसपी अजय गणपति ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना दीपक गुप्ता एक शातिर और पेशेवर अपराधी है। उसके खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में 18 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
उसका आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक है, जिसमें गैंगस्टर एक्ट, हत्या का प्रयास, साजिश और दर्जनों बड़ी चोरियों के मामले शामिल हैं। उसके खिलाफ पीलीभीत (यूपी), दिनेशपुर, गदरपुर, सितारगंज, खटीमा, मुखानी (नैनीताल) और टनकपुर (चंपावत) में मामले पंजीकृत हैं। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए अन्य दो साथियों, अकील और दीपक रस्तोगी के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि उनके नेटवर्क का पूरी तरह सफाया किया जा सके।
रेकी कर दी थी वारदात को अंजाम
पूछताछ में खुलासा हुआ कि दीपक गुप्ता ने स्वयं क्षेत्र की रेकी की थी। वह अक्सर पॉश कॉलोनियों में बंद घरों की निगरानी करता था। उसने राजेंद्र गोयल के घर की भी कई दिनों तक रेकी की और जब उसे यकीन हो गया कि परिवार बाहर गया है और घर में कोई गतिविधि नहीं है, तब उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में अब तक किसी स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है; सरगना खुद ही सारा प्लान तैयार करता था।
पुलिस टीम को नकद इनाम
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने पर एसएसपी ने पुलिस और एसओजी टीम की पीठ थपथपाई है। शानदार कार्य करने वाली टीम के लिए 5,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की गई है।
सफलता पाने वाली टीम के मुख्य सदस्य:
इस ऑपरेशन में किच्छा कोतवाली प्रभारी रवि सैनी, एसओजी प्रभारी उमेश कुमार, एसआई जयप्रकाश, दीपक जोशी, पवन जोशी और कई कांस्टेबल शामिल थे।
निष्कर्ष
इस गिरफ्तारी से न केवल रुद्रपुर बल्कि आसपास के जिलों के व्यापारियों ने भी राहत की सांस ली है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वे जिले में सक्रिय अन्य संदिग्ध गिरोहों पर भी पैनी नजर रख रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।








