पिथौरागढ़ में कुदरत का कहर: भारी बारिश और अंधड़ ने मचाई तबाही, ओगला-अस्कोट हाईवे घंटों ठप, लाखों का नुकसान - Doonprimenews
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पिथौरागढ़ में कुदरत का कहर: भारी बारिश और अंधड़ ने मचाई तबाही, ओगला-अस्कोट हाईवे घंटों ठप, लाखों का नुकसान

On: May 11, 2026 12:46 PM
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पिथौरागढ़ के ओगला-अस्कोट हाईवे पर भारी बारिश के बाद गिरे हुए पेड़ और फंसी हुई गाड़ियाँ।

​पिथौरागढ़: सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में सोमवार को मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। जिले के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर डीडीहाट और तेजम तहसील क्षेत्रों में मूसलधार बारिश के साथ आए भीषण अंधड़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा में जहां सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा है, वहीं ओगला-अस्कोट हाईवे के बंद होने से सैकड़ों यात्री और आदि कैलाश के दर्शन को जा रहे श्रद्धालु बीच राह में फंसे रहे।

​अचानक बदला मौसम, देखते ही देखते मची अफरा-तफरी

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​पिथौरागढ़ जिले में सोमवार सुबह तक स्थिति सामान्य बनी हुई थी और खिली धूप के बीच दैनिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही थीं। लेकिन दोपहर होते-होते अचानक आसमान काले बादलों से घिर गया और देखते ही देखते तेज अंधड़ के साथ मूसलधार बारिश शुरू हो गई। डीडीहाट, थल और तेजम तहसील क्षेत्रों में बारिश का वेग इतना अधिक था कि कुछ ही मिनटों में सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं।

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​डीडीहाट में सरकारी भवन और मकानों में घुसा मलबा

​डीडीहाट क्षेत्र में बारिश के कारण सबसे अधिक नुकसान की खबरें मिल रही हैं। यहाँ मुख्य मार्ग पर स्थित एक ‘स्कबर’ (जल निकासी का नाला) की दीवार भारी पानी के दबाव के कारण टूट गई। इसके परिणामस्वरूप, सड़क पर बह रहा पानी और मलबा सीधे नीचे स्थित उद्यान विभाग के कार्यालय में जा घुसा।

​विभागीय सूत्रों के अनुसार, पानी के साथ आए मलबे ने भवन के भीतर रखी लाखों रुपये की सरकारी सामग्री, आवश्यक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। इसके अलावा, आस-पास के कई आवासीय मकानों में भी पानी घुसने से लोगों के घरेलू सामान को काफी क्षति पहुँची है।

​हाईवे पर गिरे पेड़, आदि कैलाश यात्री भी फंसे

​जनपद का सबसे व्यस्ततम मार्ग माना जाने वाला टनकपुर-तवाघाट हाईवे भी इस आपदा की चपेट में आने से नहीं बच सका। अस्कोट क्षेत्र के समीप जड़िया और हैल्पिया के पास चीड़ के विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गए, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

​इस मार्ग के बंद होने का असर आदि कैलाश यात्रा पर भी पड़ा। वर्तमान में यात्रा सीजन होने के कारण सैकड़ों श्रद्धालुओं के वाहन सड़क के दोनों ओर फंसे रहे। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ों को काटने के बाद करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद छोटे वाहनों के लिए रास्ता साफ किया जा सका। बड़े वाहनों को सुचारू होने में और अधिक समय लगा।

​बाल-बाल बचा परिवार, उड़ी रसोई की छत

​तेजम तहसील के दुलियाबगड़ गांव से एक हृदयविदारक खबर सामने आई, जहां तेज अंधड़ ने महिमन सिंह नामक व्यक्ति के रसोईघर की छत उड़ा दी। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, पूरा परिवार भीतर भोजन कर रहा था। छत उड़ने के बावजूद सभी सदस्य सुरक्षित हैं, लेकिन परिवार के सामने अब सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है।

​वहीं, राइंका सिंगाली के शिक्षक भी मल्ला सिरोली के पास विशाल पेड़ की टहनी गिरने से मार्ग में फंस गए। बारिश और अंधड़ थमने के बाद शिक्षकों ने स्वयं ही श्रमदान कर टहनी हटाई और अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

​लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

​इस तबाही के बाद स्थानीय प्रशासन और विभाग के प्रति जनता में भारी रोष देखा जा रहा है। नगरपालिका अध्यक्ष गिरीश चुफाल ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की घोर लापरवाही पर सवाल उठाए।

​चुफाल ने कहा, “स्कबर के क्षतिग्रस्त होने की सूचना लोनिवि को कई बार दी गई थी और समय रहते मरम्मत की मांग की गई थी। अगर विभाग ने चेता होता, तो आज उद्यान विभाग और स्थानीय निवासियों को लाखों का नुकसान नहीं झेलना पड़ता।” उन्होंने तहसील प्रशासन से तत्काल नुकसान का आकलन करने और प्रभावितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

​जिला मुख्यालय और आसपास ओलावृष्टि

​सिर्फ डीडीहाट ही नहीं, बल्कि जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ में भी दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। थलकेदार और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हुई। कुछ ऊंचाइयों वाले स्थानों पर ओलावृष्टि की भी सूचना है, जिससे किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुँचा है।

​फिलहाल, प्रशासन अलर्ट मोड पर है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी क्षेत्रों में इसी तरह के मौसम के बने रहने की संभावना जताई है, जिससे लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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​प्रमुख बिंदु:

  • ​स्थान: पिथौरागढ़ जनपद (डीडीहाट, तेजम, थल, अस्कोट)।
  • ​प्रमुख क्षति: उद्यान विभाग का भवन, महिमन सिंह का घर, कृषि फसलें।
  • ​यातायात: ओगला-अस्कोट हाईवे 2 घंटे बाधित।
  • ​कारण: भारी वर्षा, अंधड़ और जल निकासी तंत्र का फेल होना।

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