हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में एक 16 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। लापता होने के अगले दिन पुलिस द्वारा बरामद की गई किशोरी की घर पहुँचने के कुछ ही घंटों बाद तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों ने किशोरी के दोस्तों पर सामूहिक दुष्कर्म और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल में भारी हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया है।
ट्यूशन जाने की बात कहकर निकली थी किशोरी
घटनाक्रम के अनुसार, ज्वालापुर की गोविंदपुरी कॉलोनी निवासी किशोरी शुक्रवार शाम को घर से ट्यूशन जाने की बात कहकर निकली थी। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। कोई सुराग न मिलने पर परिजनों ने ज्वालापुर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। शनिवार सुबह किशोरी ने अपनी एक सहेली को फोन कर बताया कि वह कनखल के सतीघाट पर अपने एक दोस्त के साथ है। सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुँचे और किशोरी व उसके दोस्त को कोतवाली ले आए।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
कोतवाली में महिला उपनिरीक्षक ललिता चुफाल ने किशोरी से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, किशोरी ने बताया कि वह अपनी मर्जी से दोस्त के साथ ऋषिकेश घूमने गई थी और रात सतीघाट पर बिताई। पुलिस का दावा है कि किशोरी ने किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इनकार किया, जिसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
हालांकि, शनिवार रात घर पहुँचने के बाद अचानक किशोरी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे रानीपुर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोरी की मौत की खबर फैलते ही मामला गरमा गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बरामदगी के समय किशोरी का मेडिकल चेकअप क्यों नहीं कराया और उसे इतनी जल्दी घर क्यों भेज दिया।
सामूहिक दुष्कर्म के आरोप और राजनीतिक उबाल
किशोरी की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि उसके दोस्तों ने उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के नेता जिला अस्पताल पहुँच गए। पूर्व दर्जाधारी डॉ. संजय पालीवाल, कांग्रेस नेता मनोज सैनी और महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता जोशी सहित कई नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अस्पताल में धरना दिया। विपक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच और डॉक्टरों की राय के अनुसार, प्रथम दृष्टया मौत का कारण जहर (Poisoning) बताया जा रहा है। पुलिस ने विसरा सुरक्षित रख लिया है ताकि मौत की असल वजह का पता लगाया जा सके।
एसपी सिटी ने बताया कि किशोरी और उसके दोस्त के बयानों की सत्यता जांचने के लिए एक टीम ऋषिकेश भेजी गई है। इसके अलावा, हरिद्वार, कनखल और ऋषिकेश के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किशोरी ने जहर खुद खाया या उसे जबरन दिया गया, और क्या इस कदम के पीछे सामूहिक दुष्कर्म जैसी कोई घटना मुख्य वजह थी।
कांग्रेस का कोतवाली घेराव का ऐलान
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी की भूमिका इस पूरे मामले में संदिग्ध रही है। उन्होंने मांग की है कि दोषियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाए। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्वालापुर कोतवाली का घेराव करने और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
प्रशासन का पक्ष
हरिद्वार पुलिस के अनुसार, मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।








