अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

छत्तीसगढ़ के कांकेर में बड़ा नक्सली हमला: IED ब्लास्ट में DRG के 3 जवान बलिदान, इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज

On: May 2, 2026 11:42 AM
Follow Us:
छत्तीसगढ़ के कांकेर में नक्सली आईईडी ब्लास्ट के बाद जांच करते सुरक्षा बल के जवान।

​कांकेर, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। कांकेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए एक शक्तिशाली आईईडी (IED) की चपेट में आने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जांबाज जवान वीरगति को प्राप्त हो गए हैं। इस विस्फोट में एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

​घटना का विवरण: कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान

​पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना शनिवार को थाना छोटेबेठिया क्षेत्र के अंतर्गत कांकेर और नारायणपुर जिलों की सीमा पर घटी। सुरक्षा बलों को इस इलाके में नक्सलियों द्वारा आईईडी छिपाए जाने की खुफिया सूचना मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर डीआरजी की एक विशेष टीम डी-माइनिंग (बम निरोधक), एरिया डॉमिनेशन और सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना हुई थी।
​अभियान के दौरान, जब जवान सतर्कतापूर्वक जमीन के नीचे दबी बारूदी सुरंगों का पता लगा रहे थे, तभी अचानक एक शक्तिशाली आईईडी में जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना भीषण था कि वहां मौजूद जवानों को संभलने का तनिक भी मौका नहीं मिला। धमाके की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।

​वीर सपूतों ने गंवाई जान

​इस कायराना हमले में छत्तीसगढ़ पुलिस के तीन जांबाज जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए अपनी आहुति दे दी। बलिदान होने वाले वीरों के नाम निम्नलिखित हैं:

  • ​सुखराम वट्टी (इंस्पेक्टर) – इन्होंने टीम का नेतृत्व करते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया।
  • ​कृष्णा कोमरा (कॉन्स्टेबल) – क्षेत्र की सुरक्षा में सदैव तत्पर रहने वाले समर्पित सिपाही।
  • ​संजय गढपाले (कॉन्स्टेबल) – माओवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कर्मठ जवान।

​घटना के तुरंत बाद बैकअप टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दुर्भाग्यवश, इन तीनों जवानों ने गंभीर चोटों के कारण घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। वहीं, एक अन्य कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा इस विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए एयरलिफ्ट करने की तैयारी की गई है।

​आईजी सुंदरराज पी. का बयान

​बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पट्टिलिंगम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले कुछ समय से आत्मसमर्पित माओवादियों और स्थानीय इनपुट के आधार पर सुरक्षा बल लगातार जंगलों में छिपे आईईडी को निष्क्रिय करने का काम कर रहे हैं।
​आईजी ने कहा, “नक्सली अपनी हार से बौखलाए हुए हैं और सुरक्षा बलों को नुकसान पहुँचाने के लिए इस तरह के छिपकर वार करने वाले आईईडी का सहारा ले रहे हैं। हमारे जवानों ने सैकड़ों की संख्या में आईईडी नष्ट कर कई मासूमों और सुरक्षाकर्मियों की जान बचाई है। आज की घटना अत्यंत दुखद है, हमने अपने तीन बहादुर साथियों को खो दिया है, लेकिन सुरक्षा बलों का मनोबल कम नहीं होगा। नक्सलियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।”

​नक्सलियों की कायराना रणनीति: ‘प्रेशर बम’ का जाल

​बस्तर के जंगलों में नक्सली अक्सर ‘प्रेशर आईईडी’ का इस्तेमाल करते हैं, जो जमीन के नीचे दबे होते हैं। ये इतने संवेदनशील होते हैं कि पैर पड़ते ही या उन्हें निकालने की कोशिश करते ही विस्फोट हो जाता है। शनिवार की घटना भी उस समय हुई जब टीम डी-माइनिंग कर रही थी। नक्सलियों का उद्देश्य सुरक्षा बलों की गति को रोकना और विकास कार्यों में बाधा डालना है।

​इलाके में हाई अलर्ट, सर्च ऑपरेशन जारी

​इस हमले के बाद पूरे कांकेर और नारायणपुर जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। घटना स्थल के आसपास के जंगलों की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल रवाना किया गया है। सुरक्षा बलों का मानना है कि इस ब्लास्ट के पीछे नक्सलियों की कोई बड़ी टीम आसपास ही छिपी हो सकती है। ड्रोन और आधुनिक उपकरणों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

​शोक की लहर

​इस शहादत की खबर मिलते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने जवानों के बलिदान को नमन करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और माओवाद के खात्मे तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

ये भी पढ़े➜पुणे में मानवता शर्मसार: 65 वर्षीय बुजुर्ग ने 4 साल की मासूम से की दरिंदगी, रेप के बाद बेरहमी से उतारा मौत के घाट

​निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ के ये जवान बस्तर की शांति के लिए निरंतर अपने प्राणों की बाजी लगा रहे हैं। सुखराम वट्टी, कृष्णा कोमरा और संजय गढपाले की शहादत देश हमेशा याद रखेगा। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि नक्सलवाद के विरुद्ध चल रही यह जंग कितनी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन भारतीय सुरक्षा बल हर परिस्थिति में डिगे बिना अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त कार और बचाव कार्य में जुटी पुलिस

कन्नौज में भीषण सड़क हादसा: भागलपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा की मौत, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराई कार

दिल्ली में ₹3071.50 की कीमत वाला 19 किलो का नीला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और युद्ध की पृष्ठभूमि

अमेरिका-ईरान तनाव का असर: कमर्शियल LPG सिलेंडर ₹993 महंगा, ₹3000 के पार पहुंची कीमत; जानें आपके शहर का हाल

दिल्ली की सीमा पर टोल प्लाजा पर कतारबद्ध खड़े ट्रक और ECC शुल्क की नई दरों को दर्शाता बोर्ड।

दिल्ली में प्रवेश हुआ महंगा: कमर्शियल वाहनों पर ECC में भारी बढ़ोतरी, अधिसूचना जारी

दिल्ली के द्वारका गोल्फ कोर्स में पुलिस और फॉरेंसिक टीम पानी के किनारे बच्चों के शव मिलने के बाद जांच करती हुई।

दिल्ली के द्वारका में सनसनी: गोल्फ कोर्स में मिले तीन बच्चों के शव, इलाके में हड़कंप

फतेहपुर के खेमकरनपुर में डंपर की टक्कर से हुई बाइक दुर्घटना स्थल पर पुलिस जांच करती हुई और ग्रामीणों की भीड़।

फतेहपुर: मौत का तांडव, तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दंपती को रौंदा, दोनों की मौत​ रिश्तेदारी में शादी समारोह से लौट रहे थे पति-पत्नी

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी की इमारत से निकलता धुआं और दूर दिखता दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे।

गाजियाबाद: इंदिरापुरम के ‘गौड़ ग्रीन एवेन्यू’ में भीषण आग, एक्सप्रेसवे तक छाया धुएं का गुबार; बाल-बाल बचे निवासी

Leave a Comment